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ग्रेटर नोएडा हिन्दी न्यूज़: यह जानकर सभी 288 गांवों के ग्रामीण खुश हो सकते हैं कि एक बार फिर Noida व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांवों में ग्राम प्रधान व बीडीसी के चुनाव होंगे और प्रधान या बीडीसी चुने जांएगे। आपको बता दें कि मूलरूप से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांव मिल्क लक्ष्छी के रहने वाले प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता कर्मवीर नागर प्रमुख ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। इस याचिका की सुनवाई इलाहाबाद (प्रयागराज) हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की अदालत में चल रही है।
हिन्दी समाचार नोएडा: सोमवार यानि 24 जुलाई 2023 को इस मामले में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एक बार फिर सुनवाई करेंगे। कर्मवीर नागर प्रमुख ने चेतना मंच को बताया कि हमारी तरफ से हाईकोर्ट में सटीक तर्क व दस्तावेज पेश किए गए हैं। सबसे बड़ा तर्क तो यह है कि उप्र में पूरे 9 औद्योगिक विकास प्राधिकरण हैं। यह सभी प्राधिकरण उप्र औद्योगिक विकास प्राधिकरण 1976 से संचालित होते हैं। दुर्भाग्य से केवल हमारे क्षेत्र के 3 प्राधिकरणों में गांव पंचायत व्यवस्था समाप्त करके हमारे साथ अन्याय किया गया है।
दिल्ली-एनसीआर न्यूज़, Gram Panchayat: कर्मवीर नागर ने बताया कि जब से गांव पंचायत व्यवस्था समाप्त हुई है तब से गांवों के भोले-भाले नागरिक जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं राशन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेजों से वंचित होते जा रहे हैं। उन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। गांव के परिवार रजिस्टर अपडेट नहीं किए जा रहे हैं। इस कारण गांव में भूमि विवाद तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। कुल मिलाकर गांवों की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है।