
Greater Noida: सिरसा गाँव में किसानों की आबादी तोड़ने गए प्राधिकरण के अतिक्रमण हटाओ दस्ते को जनता के विरोध के कारण वापस भागना पड़ा। यह पीला पंजा आबादी के लिए क़ानूनी रूप से छोड़ी गई जमीन पर तोड़ फोड़ करने गया था।
क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों को भ्रमित करने के वास्ते उनकी समस्याओं को हल करने की झूठी ख़बरें अख़बारों में प्रकाशित करा रहा है। इन ख़बरों की आड़ में किसानों की पुश्तैनी आबादियों को जो प्राधिकरण बोर्ड बैठक से पास हैं उन्हें तोड़ने की कार्रवाई चल रही है। आरोप है कि गुरुवार को ग्राम बिसरख में आबादियों तोड़ी गई और आज ग्राम सिरसा में आबादी तोड़ने प्राधिकरण के अधिकारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। सिरसा गांव के पीड़ित किसान धर्मवीर खटाना की 6000 मीटर आबादी का प्रस्ताव प्राधिकरण बोर्ड से पास है, परंतु उसकी आबादी आज तक लीजबैक नहीं की गई है प्राधिकरण नाजायज तौर पर आबादी को तोड़कर फैक्ट्री मालिक को कब्जा देना चाहता है।
दस्ते को देखकर सिरसा गांव के ग्रामीण आनंद भाटी जोगिंदर भाटी एवं अन्य लोग मौके पर आ गए साथ ही किसान सभा के कार्यकर्ता मनोज प्रधान इंद्रजीत सिंह रामपुर सूबेदार ब्रह्मपाल खोदना खुर्द वीर सिंह नेताजी एवं डॉ. रुपेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए एवं नारे लगाते हुए हाई कोर्ट का स्टे दिखाते हुए प्राधिकरण बोर्ड से पास प्रस्ताव एवं लेटर की कॉपी दिखाते हुए प्राधिकरण के दस्ते का विरोध किया प्राधिकरण का दस्ता विरोध देखकर वापस लौट गया।
गौरतलब है कि गुरुवार को ग्राम बिसरख में भी प्राधिकरण के दस्ते ने नाजायज तौर पर किसान की आबादी को तोड़ दिया था इसी तरह प्राधिकरण दस्ता ग्राम हैबतपुर इटेड़ा में भी तोड़फोड़ कर चुका है। उपस्थित किसानों ने निर्णय लिया कि कल सुबह प्राधिकरण पहुंचकर पूरे प्रकरण को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों से विरोध जाहिर किया जाएगा।
प्राधिकरण द्वारा पुश्तैनी आबादियों में तोड़फोड़ एवं अन्य समस्याओं को हल नहीं करने से किसानों में भारी रोष है 7 फरवरी के आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने की संभावना है किसान सभा के नेता एवं कार्यकर्ता गांव में नुक्कड़ सभाएं कर प्राधिकरण पर किसानों से पहुंचने की अपील कर रहे हैं।