
Jewar Airport : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के पास बन रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) से फ्लाइट उड़ाने के कार्यों को तेजी प्रदान की जा रही है। फ्लाइट के सफल संचालन के लिए रूस से रडार मंगाया जा रहा है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि रूस से रडार भारत के लिए रवाना हो जाएगा। रडार की स्थापना होते ही जेवर एयरपोर्ट से उड़ानों के ट्रायल का काम शुरू कर दिया जाएगा।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सीएम योगी आदित्यनाथ इस प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द शुरू कराने का प्रयस कर रहे हैं। फरवरी माह से जेवर एयरेपार्ट से उड़ान भरने का ट्रायल होगा, जबकि सितंबर 2024 से विधिवत उड़ान भरना शुरू कर देंगी।
आपको बता दें कि किसी भी एयरपोर्ट से उड़ानों के सफल संचालन में एयरपोर्ट सर्विलांस रडार (ASR) की अहम भूमिका होती है। इसके बिना संचालन करना आसान नहीं होता है। जेवर एयरपोर्ट पर इससे संबंधित काम सितंबर 2024 तक पूरा होता नहीं दिख रहा था। रडार के लिए रूस की जिस कंपनी को ऑर्डर दिया गया है, वह दिसंबर 2024 तक आपूर्ति करने की बात कह रही थी। लेकिन पिछले महीने हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि फरवरी माह में उड़ानों का ट्रायल और सितंबर में प्रस्तावित उड़ान हर हाल में होना चाहिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए आदेश के बाद जेवर एयरपोर्ट के निर्माण में लगे अधिकारियों ने केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय संपर्क किया। मंत्रालय के अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी तरह रडार की व्यवस्था की जाए। इस पर प्रयास तेज कर दिया गया। रूस की एक कंपनी सितंबर से पहले रडार भेजने को तैयार है। यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक रडार रसिया से चल चुका है।