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नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना सिटी के बाद न्यू नोएडा (New Noida) शहर जल्दी ही बसना शुरू हो जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने न्यू नोएडा शहर को सीधे जेवर एयरपोर्ट के साथ जोडऩे का प्रस्ताव किया है।

New Noida City : नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यमुना सिटी के बाद न्यू नोएडा (New Noida) शहर जल्दी ही बसना शुरू हो जाएगा। न्यू नोएडा शहर को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने न्यू नोएडा शहर को सीधे जेवर एयरपोर्ट के साथ जोडऩे का प्रस्ताव किया है। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि जेवर एयरपोर्ट के साथ सीधी कनेक्टिविटी हो जाने से न्यू नोएडा का विकास अधिक तेजी के साथ हो सकेगा। New Noida City
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नोएडा प्राधिकरण के सीईओ (CEO) कृष्णा करूणेश ने न्यू नोएडा शहर को जेवर एयरपोर्ट के साथ जोडऩे का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार के पास भेजा है। दरअसल उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेस-वे को यमुना एक्सप्रेसवे से जोडऩे के लिए लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में बनने वाले लिंक एक्सप्रेस-वे का 20 किलोमीटर का लूप न्यू नोएडा शहर के 80 गाँवों से होकर गुजरेगा। नोएडा प्राधिकरण ने इस 20 किलोमीटर के लूप पर न्यू नोएडा क्षेत्र के गाँवों के लिए उतरने तथा चढऩे के मार्ग बनाने का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा है। यह प्रस्तव पास होते ही लिंक एक्सप्रेसवे के सहारे न्यू नोएडा शहर सीधा जेवर एयरपोर्ट के साथ जुड़ जाएगा। New Noida City
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आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) को न्यू नोएडा के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केवल एक नए शहर के तौर पर नहीं, बल्कि ऐसे आधुनिक औद्योगिक और शहरी केंद्र के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में नोएडा की विकास क्षमता को नई ऊंचाई दे सकता है। सरकारी स्तर पर तैयार योजना के मुताबिक, न्यू नोएडा को अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक शहरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसी सोच के तहत इसे अबु धाबी जैसे सुव्यवस्थित औद्योगिक मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है। मास्टर प्लान-2041 के तहत इस पूरे क्षेत्र का विस्तृत खाका तैयार कर लिया गया है, जिसमें उद्योग, आवास, परिवहन, जल प्रबंधन और हरित क्षेत्र को संतुलित रूप से शामिल किया गया है। New Noida City
तेजी से बढ़ती आबादी, उद्योगों की बढ़ती मांग और शहरी विस्तार के दबाव को देखते हुए नोएडा के समानांतर न्यू नोएडा को एक नए growth zone के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना है कि इस नए शहर में करीब 3000 औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएं। इससे न सिर्फ बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। प्राधिकरण की सोच साफ है कि न्यू नोएडा सिर्फ जमीन का विस्तार नहीं होगा, बल्कि यह ऐसा नियोजित क्षेत्र होगा, जहां उद्योगों के लिए पर्याप्त जगह, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा। इससे नोएडा की औद्योगिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। योजना के अनुसार, भविष्य में न्यू नोएडा की आबादी करीब 6 लाख तक पहुंच सकती है। इसमें लगभग 3.5 लाख प्रवासी आबादी के रहने का अनुमान है। इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक आवश्यकताओं को देखते हुए शहर के लिए रोजाना 300 एमएलडी पानी की आपूर्ति की तैयारी की गई है। बताया गया है कि इस पानी की व्यवस्था गंगाजल और भूमिगत जल के मिश्रण से की जाएगी। खास बात यह है that जल उपयोग को भी सेक्टरवार सोच के साथ बांटा गया है। प्रस्ताव के अनुसार 212 एमएलडी पानी उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि करीब 85 एमएलडी पानी घरेलू जरूरतों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे साफ है कि न्यू नोएडा को शुरू से ही व्यवस्थित urban utility planning के साथ तैयार किया जा रहा है। तेज शहरीकरण के बीच पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का अहम हिस्सा बनाया गया है। प्रस्तावित न्यू नोएडा में करीब 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलों और 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरों का विकास किया जाएगा। इन जल निकायों का मकसद केवल शहर को खूबसूरत बनाना नहीं, बल्कि भूजल स्तर को बेहतर करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना और वेटलैंड संरचना को सुरक्षित रखना भी है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे। यानी न्यू नोएडा का मॉडल केवल industrial growth पर आधारित नहीं होगा, बल्कि उसे sustainable urban development की सोच के साथ आकार दिया जाएगा। New Noida City
इस नई शहरी परियोजना का विस्तार दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों तक होगा। प्रस्ताव के अनुसार लगभग 21 हजार हेक्टेयर भूमि पर न्यू नोएडा को विकसित किया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लैंड पूलिंग नीति के तहत आगे बढ़ाई जा रही है ताकि विकास मॉडल में स्थानीय भागीदारी भी बनी रहे और भूमि प्रबंधन को अपेक्षाकृत संतुलित तरीके से अंजाम दिया जा सके। यह परियोजना बताती है कि नोएडा का अगला चरण अब पारंपरिक विस्तार से आगे निकलकर बड़े भूभाग पर एक पूरी तरह योजनाबद्ध शहर के रूप में सामने आ सकता है। न्यू नोएडा को केवल औद्योगिक क्षेत्र बनाकर नहीं छोड़ा जाएगा। यहां आवासीय ढांचे पर भी खास फोकस रखा गया है। योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी और एचआईजी श्रेणियों में आवास विकसित किए जाएंगे। साथ ही टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट भी बनाए जाने का प्रस्ताव है, ताकि अलग-अलग आय वर्ग के लोग इस नए शहर का हिस्सा बन सकें। आवासीय विकास के लिए करीब 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। इसका मतलब साफ है कि न्यू नोएडा को ऐसा संतुलित शहर बनाने की तैयारी है, जहां रोजगार और रिहाइश दोनों साथ-साथ विकसित हों। New Noida City
मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित भूमि उपयोग भी यह संकेत देता है कि न्यू नोएडा को बहु-आयामी शहरी संरचना के रूप में तैयार किया जा रहा है। योजना के अनुसार—
औद्योगिक क्षेत्र : 8,811 हेक्टेयर
आवासीय क्षेत्र : 2,477 हेक्टेयर
ग्रीन पार्क व ओपन एरिया : 3,173.94 हेक्टेयर
ट्रैफिक व ट्रांसपोर्टेशन : 3,282.59 हेक्टेयर
इंस्टीट्यूशनल क्षेत्र : 1,682.15 हेक्टेयर
कमर्शियल क्षेत्र : 905.97 हेक्टेयर
मनोरंजन क्षेत्र : 420.60 हेक्टेयर
यूटिलिटी क्षेत्र : 198.85 हेक्टेयर
वॉटर बॉडी : 150.65 हेक्टेयर
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि न्यू नोएडा शहर को केवल औद्योगिक हब नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित, आधुनिक और संतुलित शहर के रूप में प्लान किया गया है। New Noida City े
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