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नोएडा के सेक्टर-17 में रहने वाले 5 साल 6 महीने के अव्युक्त सिंह ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति और अद्भुत ज्ञान के दम पर उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे नोएडा और देश का गौरव बढ़ाया है।

Noida News : अक्सर कहा जाता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। नोएडा के सेक्टर-17 में रहने वाले 5 साल 6 महीने के अव्युक्त सिंह ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया है। अपनी विलक्षण स्मरण शक्ति और अद्भुत ज्ञान के दम पर उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे नोएडा और देश का गौरव बढ़ाया है। Noida News
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8 फरवरी 2026 को आयोजित आधिकारिक रिकॉर्ड प्रयास के दौरान अव्युक्त सिंह ने केवल 1 मिनट 46 सेकेंड में स्क्रीन पर दिखाई गई विभिन्न डायनासोर प्रजातियों की सटीक पहचान की। इतना ही नहीं, उन्होंने उनके जटिल वैज्ञानिक नाम भी बिना किसी गलती के लगातार बताए। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने पहले से दर्ज 41 डायनासोरों की पहचान वाले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया विश्व कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस उपलब्धि की आधिकारिक पुष्टि 23 जून 2026 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से की गई, जिसके बाद अव्युक्त को प्रमाण पत्र भी जारी किया गया। अव्युक्त सिंह के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराना पहली उपलब्धि नहीं है। महज पांच साल की उम्र में उनके नाम अब छह विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। इससे पहले भी वे अपनी असाधारण याददाश्त और सीखने की क्षमता के दम पर कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं। Noida News
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अव्युक्त की मां निधि शर्मा बताती हैं कि बचपन से ही उनमें नई चीजों को तेजी से सीखने और लंबे समय तक याद रखने की अद्भुत क्षमता रही है। यही वजह है कि स्कूल में भी वे अपनी प्रतिभा के कारण शिक्षकों का विशेष ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। परिवार का कहना है कि इस सफलता के पीछे अव्युक्त की मेहनत के साथ-साथ माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के अन्य सदस्यों का निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन भी महत्वपूर्ण रहा है। अव्युक्त सिंह की यह उपलब्धि उन लाखों बच्चों और अभिभावकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है, जो अपने बच्चों की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहते हैं। यह सफलता बताती है कि यदि किसी बच्चे की नैसर्गिक क्षमता को सही दिशा, उचित प्रशिक्षण और लगातार प्रोत्साहन मिले, तो वह कम उम्र में भी वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है। Noida News
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