देश का मोबाइल कैपिटल बना गौतमबुद्धनगर, उत्पादन में निकला सबसे आगे

उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में किए गए दावे के मुताबिक देश के करीब 65% मोबाइल फोन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसमें भी गौतमबुद्ध नगर जिला देशभर में नंबर-1 है, जहां भारत के 55% से अधिक मोबाइल फोन तैयार किए जा रहे हैं।

नोएडा बना देश का मोबाइल कैपिटल
नोएडा बना देश का मोबाइल कैपिटल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Feb 2026 11:04 AM
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Noida News : उत्तर प्रदेश अब मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की तस्वीर बदलने वाले राज्यों में सबसे आगे निकलता दिख रहा है और इस बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र नोएडा-ग्रेटर नोएडा बन गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में किए गए दावे के मुताबिक देश के करीब 65% मोबाइल फोन का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसमें भी गौतमबुद्ध नगर जिला देशभर में नंबर-1 है, जहां भारत के 55% से अधिक मोबाइल फोन तैयार किए जा रहे हैं।

नोएडा में बन रहे हैं देश के सबसे चर्चित ब्रांड्स के फोन

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की रेस में नोएडा ने अपनी सबसे बड़ी ताकत दमदार इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के दम पर बाकी शहरों को पीछे छोड़ दिया है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्लस्टर में सैमसंग का सबसे बड़ा प्लांट मौजूद है, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता करीब 12 करोड़ यूनिट बताई जाती है। इसी बेल्ट में ओप्पो, वीवो और डिक्सन टेक्नोलॉजीज जैसी दिग्गज कंपनियां भी बड़े पैमाने पर मोबाइल निर्माण कर रही हैं, जिससे यह इलाका इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का सबसे सक्रिय हब बनता जा रहा है। राजस्व के मोर्चे पर भी गौतमबुद्ध नगर की भूमिका सबसे आगे मानी जा रही है खासतौर पर GST कलेक्शन में यह जिला लगातार टॉप पर रहने की चर्चा में है। इंडस्ट्री से जुड़े आंकड़े यह भी संकेत देते हैं कि गौतमबुद्ध नगर स्थित सैमसंग संयंत्र में दुनिया के करीब 25% फोन बनने की बात कही जाती है। यही वजह है कि नोएडा अब सिर्फ मेकिंग सेंटर नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम लिंक बनकर उभर रहा है। उत्पादन के साथ-साथ लोकल सप्लायर नेटवर्क, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी गतिविधियां तेज हुई हैं।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट को मिलेगा सीधा फायदा

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार का एक बड़ा उदाहरण यमुना सिटी (सेक्टर-24A) में सामने आ रहा है, जहां वीवो कंपनी मोबाइल निर्माण कर रही है। कंपनी को 2018 में 169 एकड़ भूमि का आवंटन हुआ था, जबकि 156.32 एकड़ भूमि के लिए चेकलिस्ट जारी होने का जिक्र भी सामने आया है। पहले चरण में कंपनी हर साल 6 करोड़ स्मार्टफोन तैयार कर रही है। निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा होना है। दूसरे चरण के पूरा होने के बाद अनुमान है कि यहां से हर साल करीब 14.40 करोड़ मोबाइल का उत्पादन किया जा सकेगा। फिलहाल यहां लगभग 800 लोग काम कर रहे हैं। दावा है कि दूसरे चरण के पूरा होने पर एक लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार हो सकते हैं, जिसका सीधा फायदा नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के आसपास के युवाओं को मिलेगा।

GST और एक्सपोर्ट में भी नोएडा की कंपनियां आगे

नोएडा की मोबाइल कंपनियां सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि निर्यात बढ़ाने और टैक्स कलेक्शन में भी मजबूत भूमिका निभा रही हैं। राज्य जीएसटी देने वाली टॉप-100 कंपनियों की सूची में सबसे ऊपर ग्रेटर नोएडा की ओप्पो मोबाइल कंपनी का नाम बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023-24 में ओप्पो मोबाइल इंडिया ने 1945.87 करोड़ रुपये GST जमा किया था, जबकि वर्ष 2024-25 में 1141.47 करोड़ रुपये GST जमा करने की जानकारी सामने आई है। Noida News

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रवि काना के मामले में नोएडा पुलिस को लगा बड़ा झटका

रवि काना को अग्रिम जमानत मिलने से नोएडा कमिश्नरी पुलिस को बड़ा झटका लगा है। अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद रवि काना की गिरफ्तारी पर संशय पैदा हो गया है।

स्क्रैप माफिया रवि काना
स्क्रैप माफिया रवि काना
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar11 Feb 2026 06:08 PM
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Noida News : कुख्यात माफिया सरगना रवि काना के मामले में नोएडा पुलिस को बड़ा झटका लगा है। गौतमबुद्धनगर जिले की एक अदालत ने रवि काना को अग्रिम जमानत दे दी है। रवि काना को अग्रिम जमानत मिलने से नोएडा कमिश्नरी पुलिस को बड़ा झटका लगा है। अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद रवि काना की गिरफ्तारी पर संशय पैदा हो गया है।

नोएडा के सेक्टर-63 थाने में दर्ज मामले में मिली जमानत

कुख्यात स्क्रैप माफिया रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को लेकर नोएडा के सेक्टर-63 थाने में दर्ज मामले में गौतमबुद्धनगर के जिला न्यायालय ने जमानत प्रदान की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की तीन धाराओं के तहत जबरन वसूली, धमकी और संगठित अपराध से जुड़ा है, जो पिछले महीने दर्ज हुआ था। रवि काना को बांदा जेल से 29 जनवरी 2026 को जमानत पर रिहा किया गया था, लेकिन बी-वारंट के बावजूद रिहाई पर विवाद हुआ, जिससे जेल अधीक्षक निलंबित हुए और FIR दर्ज हुई। रिहाई के बाद पुलिस तलाश में जुटी थी, लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने जिला न्यायालय में अंतरिम/अग्रिम जमानत याचिका दायर की। गौतमबुद्धनगर जिले की अदालत में रवि काना की अग्रिम जमानत की सुनवाई 11 फरवरी 2026 को हुई, जिसमें कोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। पुलिस ने केस डायरी पेश की थी। रवि काना पर गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं, और उनकी संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। यह फैसला एनसीआर में अपराधियों पर कार्रवाई के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब कैसे गिरफ्तार होगा रवि काना ?

नोएडा से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश की पुलिस रवि काना की तलाश में लगी हुई थी। बुधवार को रवि काना के विरूद्ध लंबित मामले में उसे अग्रिम जमानत दे दी गई। अब बड़ा सवाल यह है कि अब रवि काना को गिरफ्तार किया जाएगा कि नहीं? नोएडा पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में रवि काना के विरूद्ध अनेक मामले दर्ज हैं। उसके विरूद्ध दर्ज मामले अलग-अलग थानों के हैं। नोएडा पुलिस रवि काना के विरूद्ध सभी मामलों को खंगाल कर देख रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि रवि काना का वह कौन सा मामला है जिस मामले में अभी तक उसकी जमानत नहीं हुई है। इस मुद्दे पर अभी तक नोएडा पुलिस की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। Noida News




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नोएडा के फेलिक्स हॉस्पिटल परिसर में बड़ी चोरी, 70 बंडल तार गायब

निर्माण से जुड़ा सामान और वायरिंग के लिए लाया गया मटेरियल बेसमेंट में बने स्टोर रूम में सुरक्षित रखा गया था। इसी स्टोर में वायरिंग के लिए रखे 70 बंडल बिजली तार बाद में गायब पाए गए, जिससे निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए।

फेलिक्स हॉस्पिटल में बड़ी चोरी
फेलिक्स हॉस्पिटल में बड़ी चोरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Feb 2026 01:56 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स हॉस्पिटल परिसर में निर्माणाधीन नई इमारत से चोरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेस्ट कंट्रोल के काम के लिए तैनात एक निजी कंपनी के कर्मचारियों ने स्टोर रूम से बिजली के तार के 70 बंडल चोरी कर लिए। हॉस्पिटल मैनेजमेंट की शिकायत पर थाना सेक्टर-142 पुलिस ने मैक्स पेस्ट कंट्रोल कंपनी के चार कर्मचारियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेलिक्स हॉस्पिटल में हड़कंप

हॉस्पिटल के मैनेजर नवीन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फेलिक्स हॉस्पिटल के पीछे नए हॉस्पिटल भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण से जुड़ा सामान और वायरिंग के लिए लाया गया मटेरियल बेसमेंट में बने स्टोर रूम में सुरक्षित रखा गया था। इसी स्टोर में वायरिंग के लिए रखे 70 बंडल बिजली तार बाद में गायब पाए गए, जिससे निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए।

नोएडा पुलिस ने शुरू की पड़ताल

मैनेजर के मुताबिक, हॉस्पिटल में पेस्ट कंट्रोल का कार्य मैक्स पेस्ट कंट्रोल कंपनी द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारी आलोक, राजन, आशीष और शिवम ने 10 दिसंबर से 30 जनवरी के बीच अलग-अलग समय पर स्टोर रूम में रखे तारों के बंडल चोरी कर लिए। जब चोरी की भनक मैनेजमेंट को लगी और कर्मचारियों से जवाब मांगा गया, तो संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद चारों कर्मचारी अचानक काम पर आना भी बंद कर गए, जिससे संदेह और गहरा गया। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ चोरी की धाराओं में नामजद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच में स्टोर रूम की सुरक्षा व्यवस्था, अंदर-बाहर आने-जाने की गतिविधियां और उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। बताया गया है कि चारों आरोपी ग्राम जलालपुर, जनपद मैनपुरी के रहने वाले हैं। Noida News

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