नोएडा के अतुल ने कर दिया बड़ा कमाल, लगा बधाईयों का तांता

दरअसल नोएडा के अतुल लाढ़ा ने बड़ा कमाल करते हुए अमेरिका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी के ऊपर भारत का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराने का काम किया है। नोएडा के इस सपूत ने जब से यह कमाल किया है तब से पूरी दुनिया उन्हें बधाई दे रही है।

नोएडा के पर्वतारोही अतुल लाढ़ा
नोएडा के पर्वतारोही अतुल लाढ़ा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar13 Feb 2026 03:42 PM
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Noida News : नोएडा में रहने वाले अतुल लाढ़ा तथा उनके परिवार के लिए बधाईयों का तांता लगा हुआ है। नोएडा के अतुल लाढ़ा को लगातार बधाईयां मिलने का कारण बहुत ही खास है। दरअसल नोएडा के अतुल लाढ़ा ने बड़ा कमाल करते हुए अमेरिका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी के ऊपर भारत का राष्ट्रीय झंडा तिरंगा फहराने का काम किया है। नोएडा के इस सपूत ने जब से यह कमाल किया है तब से पूरी दुनिया उन्हें बधाई दे रही है।

नोएडा के सपूत ने सबसे ऊंची चोटी पर फहराया तिरंगा

आपको बता दें कि नोएडा में रहने वाले अतुल लाढ़ा अचानक नोएडा के प्रसिद्ध सपूत बन गए हैं। अतुल लाढ़ा एक पर्वतारोही हैं।  नोएडा के सपूत अतुल लाढ़ा ने दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी अकोंकागुआ (6961 मीटर) पर तिरंगा फहराकर कीर्तिमान रचा है। यह चोटी हिमालय के बाहर दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी है और प्रसिद्ध सेवन समिट्स में शामिल है। अतुल लाढ़ा ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय पर्वतारोहण में बडा कीर्तिमान स्थापित किया है। अतुल का दावा है कि वे अकोंकागुआ पर चढ़नेे वाले सबसे उम्रदराज भारतीय बन गए हैं और साथ ही सात दिनों में सबसे कम समय में इस चढ़ाई को पूरा करने वाले पहले भारतीय भी बने हैं।

नोएडा के सेक्टर-27 में रहते हैं अतुल लाढ़ा 

आपको बता दें कि अतुल लाढ़ा वेक्टस पालीमर्स नामक कंपनी के मालिक हैं। वें नोएडा के सेक्टर-27 में रहते हैं। अतुल ने लंबी तैयारी, अथक अभ्यास और अटूट इच्छाशक्ति से इस मुकाम को हासिल किया। शिखर पर पहुंचकर उन्होंने कहा कि यह यात्रा तैयारी, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। पर्वत हमें सिखाते हैं कि सीमाएं तोड़ने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है। यह सफलता न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि भारतीय पर्वतारोहण जगत के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। अतुल लाढ़ा तथा उनके परिवार को लगातार बधाईयां मिल रही हैं। Noida News



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किसान पहचान-पत्र बनवा लें वरना नहीं मिलेगी किसान सम्मान निधि : राजीव कुमार

यह जानकारी उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने देते हुए किसानों से समय रहते रजिस्ट्री पूरी कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक के अनुसार जिले में अब तक 28,730 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, लेकिन 19,382 किसान अब भी ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री लंबित है।

गौतमबुद्धनगर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज
गौतमबुद्धनगर में फार्मर रजिस्ट्री अभियान तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 12:36 PM
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Noida News : गौतमबुद्धनगर के किसानों के लिए प्रशासन ने बड़ा अलर्ट जारी किया है। किसान पहचान-पत्र/फार्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं कराने वाले किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि समेत कई योजनाओं का लाभ रुक सकता है। यह जानकारी उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने देते हुए किसानों से समय रहते रजिस्ट्री पूरी कराने की अपील की है। उप कृषि निदेशक के अनुसार जिले में अब तक 28,730 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, लेकिन 19,382 किसान अब भी ऐसे हैं जिनकी रजिस्ट्री लंबित है। इसी कारण नोएडा और आसपास के ग्रामीण इलाकों, दादरी, सदर और जेवर तहसील में गांव-गांव विशेष फार्मर रजिस्ट्री कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों का सत्यापन और पंजीकरण एक ही जगह पर कराया जा सके।

दो चरणों में गांव-गांव लगेंगे फार्मर रजिस्ट्री कैंप

जिले में फार्मर रजिस्ट्री को तेजी देने के लिए प्रशासन ने दो चरणों में गांववार कैंप तय किए हैं। पहले चरण में दादरी तहसील के धूममानिकपुर, छायसा और महाबड; सदर तहसील के मंडपा, आच्छेपुर और लडपुरा; जबकि जेवर तहसील के फलैदा बांगर, रबुपुरा और जहांगीरपुर में कैंप लगाए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में दादरी के कलौंदा, जांरचा और लुहारली; सदर के कनारसी, चीती और असतौली; तथा जेवर के नीमका शाहजहांपुर, थोरा और भाईपुर ब्रह्मनान में किसानों की रजिस्ट्री मौके पर ही पूरी कराई जाएगी।

मौके पर ही पूरी होगी प्रक्रिया

इन कैंपों में किसानों की सुविधा के लिए राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, विकास विभाग के पंचायत सचिव और पूर्ति विभाग के संबंधित गांव के कोटेदार मौजूद रहेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के किसान एक ही स्थान पर दस्तावेज़ सत्यापन कराकर फार्मर रजिस्ट्री तुरंत पूरी कर लें। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, वे पीएम किसान सम्मान निधि, उर्वरक अनुदान, बीज अनुदान, फसल बीमा, फसली ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि यंत्रों पर अनुदान जैसी सुविधाओं से वंचित किए जा सकते हैं। उप कृषि निदेशक राजीव कुमार ने जनपद के सभी भूमिधर किसानों से कहा है कि जिनकी रजिस्ट्री बाकी है, वे अपने नजदीकी गांव में लगने वाले कैंप में तय तारीखों पर जरूर पहुंचें और किसान पहचान-पत्र/फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूरी करा लें, ताकि नोएडा जिले के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रुकावट मिलता रहे। Noida News

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नोएडा सेक्टर-51–52 स्काईवॉक की उलटी गिनती शुरू, जल्द होगा उद्घाटन

नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, इसे अगले एक महीने के भीतर यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। बता दें कि यह नया स्काईवॉक पुराने 300 मीटर लंबे टिन-शेड वाले पैदल कॉरिडोर की जगह लेगा, जिससे इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा।

नोएडा में ब्लू–एक्वा लाइन इंटरचेंज होगा आसान
नोएडा में ब्लू–एक्वा लाइन इंटरचेंज होगा आसान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 12:14 PM
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Noida News : नोएडा मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। नोएडा मेट्रो से जुड़ी यह बड़ी खबर नोएडा–ग्रेटर नोएडा रूट पर मेट्रो से रोजाना सफर करने वालों के लिए बेहद ही अहम है। नोएडा सेक्टर-51 (एक्वा लाइन) और नोएडा सेक्टर-52 (ब्लू लाइन) को जोड़ने वाला 420 मीटर लंबा स्काईवॉक अब अपने फाइनल स्टेज में पहुंच चुका है। नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, इसे अगले एक महीने के भीतर यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। बता दें कि यह नया स्काईवॉक पुराने 300 मीटर लंबे टिन-शेड वाले पैदल कॉरिडोर की जगह लेगा, जिससे इंटरचेंज पहले से कहीं ज्यादा सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगा।

लाखों यात्रियों का होगा फायदा

नोएडा के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस स्काईवॉक को एयर कंडीशन (AC) बनाया जा रहा है, ताकि तेज गर्मी में भी पैदल चलना मुश्किल न हो। इसके साथ ही कॉरिडोर में ट्रैवललेटर (चलती पट्टी) भी लगेगा, जिसकी रफ्तार करीब 0.5 मीटर प्रति सेकंड बताई गई है। इससे ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच रोज़ाना इंटरचेंज करने वाले हजारों यात्रियों को कम समय में, कम मेहनत में और बिना थकान के स्टेशन बदलने की सुविधा मिलेगी। हालांकि, उद्घाटन से पहले एक बड़ी तकनीकी बाधा सामने आई है—सेक्टर-51 स्टेशन पर मौजूद एक बीम स्काईवॉक की एंट्री में रुकावट बन रही है। नोएडा अथॉरिटी का दावा है कि बीम को दो कॉलम के बीच से हटाकर समस्या दूर कर दी जाएगी और इससे ढांचे की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इसी सुधार कार्य को पूरा कर निर्धारित समय पर स्काईवॉक खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

जून 2023 से अटका है प्रोजेक्ट

इस फैसले पर उत्तर प्रदेश आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन (नोएडा) ने आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर बीम बाधा बन रहा था तो डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) और तकनीकी सत्यापन के दौरान इसे पहले क्यों नहीं चिन्हित किया गया? हालांकि, परियोजना से जुड़े अधिकारियों का तर्क है कि शुरुआती डिजाइन सिंगल पिलर पर आधारित था, लेकिन काम के दौरान भूमिगत बिजली केबल मिलने के बाद डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। इसके बाद तकनीकी जांच/वेरिफिकेशन कराकर स्काईवॉक को दो पिलर पर री-डिजाइन किया गया। इस स्काईवॉक का निर्माण जून 2023 में शुरू हुआ था और अब तक कई डेडलाइन गुजर चुकी हैं। अगर यह अगले महीने चालू हो जाता है, तो दिल्ली की ओर (ब्लू लाइन) और ग्रेटर नोएडा की ओर (एक्वा लाइन) जाने वाले यात्रियों को इंटरचेंज के लिए बार-बार स्टेशन से नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Noida News