नोएडा की सड़कों पर दौड़ेंगी डबल डेकर बस, जेवर तक सफर होगा आसान
यूपी रोडवेज की 7 डबल डेकर बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और इनका संचालन नोएडा डिपो से प्रस्तावित है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन रूट्स पर खास असर पड़ेगा, जहां रोजाना पीक-आवर में यात्रियों को बसों में जगह तक नहीं मिलती।

Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नजारा अब जल्द बदलने वाला है। मुंबई की तर्ज पर अब गौतमबुद्ध नगर की सड़कों पर लग्जरी डबल डेकर बसें दौड़ती नजर आएंगी। यूपी रोडवेज की 7 डबल डेकर बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और इनका संचालन नोएडा डिपो से प्रस्तावित है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन रूट्स पर खास असर पड़ेगा, जहां रोजाना पीक-आवर में यात्रियों को बसों में जगह तक नहीं मिलती। ज्यादा सीट क्षमता और बेहतर सफर अनुभव के साथ ये बसें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के साथ-साथ रोज़मर्रा की आवाजाही को भी ज्यादा आरामदायक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं।
नोएडा में क्यों खास हैं ये डबल डेकर बसें?
अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों का मकसद केवल नई बसें जोड़ना नहीं है, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अधिक यात्रियों को कम वाहनों में सफर का विकल्प देना है। डबल डेकर बसों से एक ही ट्रिप में ज्यादा लोगों की आवाजाही संभव होगी, जिससे कुछ रूट्स पर निजी वाहनों की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, एक डबल डेकर बस में 60 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यानी नोएडा के व्यस्त कॉरिडोर पर जहां पीक आवर्स में बसों में जगह नहीं मिलती, वहां यात्रियों को ज्यादा क्षमता का सीधा लाभ मिलेगा।
नोएडा से जेवर तक किन रूट्स पर दिखेंगी ये बसें?
रोडवेज की योजना के मुताबिक, इन बसों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख रूट्स के साथ-साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) की दिशा वाले कॉरिडोर पर चलाने की तैयारी है। उद्देश्य यह है कि जिन इलाकों में लंबे समय से सीधी और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की कमी महसूस हो रही थी, वहां कनेक्टिविटी मजबूत की जा सके। फिलहाल किराया तय नहीं किया गया है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नियमित संचालन शुरू करने से पहले दैनिक यात्रियों की जरूरत और रूट की डिमांड के हिसाब से किराए का निर्धारण किया जाएगा, ताकि कम खर्च में बेहतर सुविधा दी जा सके।
कब से शुरू होगा संचालन?
उत्तर प्रदेश रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, नोएडा में डबल-डेकर बसों की नियमित शुरुआत से पहले ट्रायल रन कराया जाएगा। इस ट्रायल के जरिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर समेत प्रमुख रूट्स पर स्टॉपेज, ठहराव प्वाइंट और टाइमिंग को फाइनल किया जाएगा, ताकि यात्रियों को इंतजार कम और कनेक्टिविटी ज्यादा मिले। साथ ही यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर सुविधाओं और संचालन व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान ही बसों की तकनीकी फिटनेस और सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएंगी। रोडवेज का दावा है कि तैयारी पूरी होते ही बसों को नियमित सेवा में उतार दिया जाएगा। Noida News
Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नजारा अब जल्द बदलने वाला है। मुंबई की तर्ज पर अब गौतमबुद्ध नगर की सड़कों पर लग्जरी डबल डेकर बसें दौड़ती नजर आएंगी। यूपी रोडवेज की 7 डबल डेकर बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और इनका संचालन नोएडा डिपो से प्रस्तावित है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन रूट्स पर खास असर पड़ेगा, जहां रोजाना पीक-आवर में यात्रियों को बसों में जगह तक नहीं मिलती। ज्यादा सीट क्षमता और बेहतर सफर अनुभव के साथ ये बसें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के साथ-साथ रोज़मर्रा की आवाजाही को भी ज्यादा आरामदायक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं।
नोएडा में क्यों खास हैं ये डबल डेकर बसें?
अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों का मकसद केवल नई बसें जोड़ना नहीं है, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अधिक यात्रियों को कम वाहनों में सफर का विकल्प देना है। डबल डेकर बसों से एक ही ट्रिप में ज्यादा लोगों की आवाजाही संभव होगी, जिससे कुछ रूट्स पर निजी वाहनों की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, एक डबल डेकर बस में 60 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यानी नोएडा के व्यस्त कॉरिडोर पर जहां पीक आवर्स में बसों में जगह नहीं मिलती, वहां यात्रियों को ज्यादा क्षमता का सीधा लाभ मिलेगा।
नोएडा से जेवर तक किन रूट्स पर दिखेंगी ये बसें?
रोडवेज की योजना के मुताबिक, इन बसों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख रूट्स के साथ-साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) की दिशा वाले कॉरिडोर पर चलाने की तैयारी है। उद्देश्य यह है कि जिन इलाकों में लंबे समय से सीधी और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की कमी महसूस हो रही थी, वहां कनेक्टिविटी मजबूत की जा सके। फिलहाल किराया तय नहीं किया गया है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नियमित संचालन शुरू करने से पहले दैनिक यात्रियों की जरूरत और रूट की डिमांड के हिसाब से किराए का निर्धारण किया जाएगा, ताकि कम खर्च में बेहतर सुविधा दी जा सके।
कब से शुरू होगा संचालन?
उत्तर प्रदेश रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, नोएडा में डबल-डेकर बसों की नियमित शुरुआत से पहले ट्रायल रन कराया जाएगा। इस ट्रायल के जरिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर समेत प्रमुख रूट्स पर स्टॉपेज, ठहराव प्वाइंट और टाइमिंग को फाइनल किया जाएगा, ताकि यात्रियों को इंतजार कम और कनेक्टिविटी ज्यादा मिले। साथ ही यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर सुविधाओं और संचालन व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान ही बसों की तकनीकी फिटनेस और सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएंगी। रोडवेज का दावा है कि तैयारी पूरी होते ही बसों को नियमित सेवा में उतार दिया जाएगा। Noida News












