नोएडा की सड़कों पर दौड़ेंगी डबल डेकर बस, जेवर तक सफर होगा आसान

यूपी रोडवेज की 7 डबल डेकर बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और इनका संचालन नोएडा डिपो से प्रस्तावित है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन रूट्स पर खास असर पड़ेगा, जहां रोजाना पीक-आवर में यात्रियों को बसों में जगह तक नहीं मिलती।

नोएडा पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपग्रेड
नोएडा पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपग्रेड
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar06 Feb 2026 12:08 PM
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Noida News : नोएडा-ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का नजारा अब जल्द बदलने वाला है।  मुंबई की तर्ज पर अब गौतमबुद्ध नगर की सड़कों पर लग्जरी डबल डेकर बसें दौड़ती नजर आएंगी। यूपी रोडवेज की 7 डबल डेकर बसें नोएडा पहुंच चुकी हैं और इनका संचालन नोएडा डिपो से प्रस्तावित है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के उन रूट्स पर खास असर पड़ेगा, जहां रोजाना पीक-आवर में यात्रियों को बसों में जगह तक नहीं मिलती। ज्यादा सीट क्षमता और बेहतर सफर अनुभव के साथ ये बसें पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के साथ-साथ रोज़मर्रा की आवाजाही को भी ज्यादा आरामदायक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही हैं।

नोएडा में क्यों खास हैं ये डबल डेकर बसें?

अधिकारियों के मुताबिक, इन बसों का मकसद केवल नई बसें जोड़ना नहीं है, बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा बेल्ट में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अधिक यात्रियों को कम वाहनों में सफर का विकल्प देना है। डबल डेकर बसों से एक ही ट्रिप में ज्यादा लोगों की आवाजाही संभव होगी, जिससे कुछ रूट्स पर निजी वाहनों की निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। यूपी रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के अनुसार, एक डबल डेकर बस में 60 से ज्यादा यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। यानी नोएडा के व्यस्त कॉरिडोर पर जहां पीक आवर्स में बसों में जगह नहीं मिलती, वहां यात्रियों को ज्यादा क्षमता का सीधा लाभ मिलेगा।

नोएडा से जेवर तक किन रूट्स पर दिखेंगी ये बसें?

रोडवेज की योजना के मुताबिक, इन बसों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख रूट्स के साथ-साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) की दिशा वाले कॉरिडोर पर चलाने की तैयारी है। उद्देश्य यह है कि जिन इलाकों में लंबे समय से सीधी और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन की कमी महसूस हो रही थी, वहां कनेक्टिविटी मजबूत की जा सके। फिलहाल किराया तय नहीं किया गया है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नियमित संचालन शुरू करने से पहले दैनिक यात्रियों की जरूरत और रूट की डिमांड के हिसाब से किराए का निर्धारण किया जाएगा, ताकि कम खर्च में बेहतर सुविधा दी जा सके।

कब से शुरू होगा संचालन?

उत्तर प्रदेश रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह के मुताबिक, नोएडा में डबल-डेकर बसों की नियमित शुरुआत से पहले ट्रायल रन कराया जाएगा। इस ट्रायल के जरिए नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर समेत प्रमुख रूट्स पर स्टॉपेज, ठहराव प्वाइंट और टाइमिंग को फाइनल किया जाएगा, ताकि यात्रियों को इंतजार कम और कनेक्टिविटी ज्यादा मिले। साथ ही यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर सुविधाओं और संचालन व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे। ट्रायल के दौरान ही बसों की तकनीकी फिटनेस और सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं भी पूरी कर ली जाएंगी। रोडवेज का दावा है कि तैयारी पूरी होते ही बसों को नियमित सेवा में उतार दिया जाएगा। Noida News

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सुपरटेक प्रोजेक्ट के फ्लैट बायर्स के लिए बड़ी राहत, 16 प्रोजेक्ट पूरा करेगी NBCC

दिल्ली-एनसीआर में सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी) को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन होम बायर्स के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच फ्लैट बुक किए थे और लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे।

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सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar05 Feb 2026 05:24 PM
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Noida News : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी) को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन होम बायर्स के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच फ्लैट बुक किए थे और लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे। अनुमानित तौर पर यह कदम 51,000 से अधिक होम बायर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा।

मुख्य बातें:

1. परियोजनाओं की जिम्मेदारी एनबीसीसी को:

  सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को आदेश दिया है कि वह इन प्रोजेक्ट्स को दो साल के भीतर पूरा करे।

2. सुपरटेक की विफलता:

  अदालत ने पाया कि सुपरटेक समय पर प्रोजेक्ट्स पूरा करने में असफल रही और कंपनी पर धन गबन के आरोप हैं।

3. एनसीएलएटी का आदेश बरकरार:

  सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के उस निर्णय को भी बनाए रखा, जिसमें कहा गया था कि प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने और होम बायर्स के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनबीसीसी को प्रोजेक्ट्स सौंपे जाएं।

4. अंतिम और बाध्यकारी आदेश:

  सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसका आदेश अंतिम और बाध्यकारी है। किसी भी अदालत या फोरम को प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं है।

फेज-1 प्रोजेक्ट्स (एनबीसीसी को हस्तांतरित):

1. इको विलेज 2 सेक्टर 168, ग्रेटर नोएडा

2. रोमानो सेक्टर 118, नोएडा

3. केपटाउन सेक्टर 74, नोएडा

4. जार सुइट्स ग्रेटर नोएडा

5. इको विलेज 3 सेक्टर 16बी, ग्रेटर नोएडा

6. स्पोर्ट्स विलेज सेक्टर 10, ग्रेटर नोएडा

7. इको सिटी सेक्टर 137, नोएडा

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न्यू नोएडा बनाने के लिए 80 गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार की मंजूरी

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के पास न्यू नोएडा सिटी के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र लगातार व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है। नए उद्योगों, फिल्म सिटी और एयरपोर्ट जैसी योजनाओं से यहां आबादी में बढ़ोतरी की संभावना है।

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न्यू नोएडा परियोजना
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar05 Feb 2026 03:19 PM
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Noida News : उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के पास न्यू नोएडा सिटी के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। दिल्ली के नजदीक होने के कारण यह क्षेत्र लगातार व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है। नए उद्योगों, फिल्म सिटी और एयरपोर्ट जैसी योजनाओं से यहां आबादी में बढ़ोतरी की संभावना है। इस स्थिति को देखते हुए, न्यू नोएडा को आकार देने का काम अब तेज किया जा रहा है। न्यू नोएडा परियोजना के तहत 80 गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया शुरू होने वाली है। कीमत तय हो चुकी है, आवेदन के बाद जमीन जल्दी खरीदी जाएगी, और रजिस्ट्री पर नियंत्रण भी रखा जाएगा।

1. शामिल गांव और जमीन की कीमत

* योजना के तहत दादरी और बुलंदशहर के 80 गांवों से जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

* किसानों को 5600 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से जमीन का भुगतान करने का प्रस्ताव है।

2. सरकारी मंजूरी

* ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने जमीन की दरों और अधिग्रहण प्रक्रिया का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है।

* सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद ही जमीन खरीद प्रक्रिया शुरू होगी।

3. जमीन की खरीद-बिक्री पर नियंत्रण

* अनियंत्रित जमीन खरीद-बिक्री रोकने के लिए रजिस्ट्री पर अस्थायी रोक लगाने की तैयारी है।

* प्राधिकरण इस क्षेत्र में नई व्यवस्था लागू करने की योजना बना रहा है।

4. मास्टर प्लान और बदलाव

* न्यू नोएडा सिटी का मास्टर प्लान कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद यहां की जमीन की खरीद-बिक्री में बदलाव देखा गया।

* पहले रजिस्ट्री पर रोक लगाने की तैयारी थी, लेकिन सरकार और प्रशासन ने इसे फिलहाल लागू नहीं किया है।

5. जमीन खरीद प्रक्रिया

* आवेदन मिलने के दो महीने या उससे कम समय में जमीन अधिग्रहित की जाएगी।

* अगर तय समय में जमीन नहीं ली जाती, तो किसान इसे किसी अन्य व्यक्ति को बेच सकता है।

* जमीन लेने से इनकार करने पर किसानों को अधिकारियों को कारण बताना होगा।

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