नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी का सच
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ई-मेल भेजने का एक बड़ा सच सामने आया है। इस प्रकार के ई-मेल भेजने वाले शरारती तत्वों के विषय में जांच एजेंसियों को खास जानकारी मिली है।

Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में स्थित स्कूलों में बम रखा गया है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के अमुक-अमुक स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस प्रकार की धमकी भरे हुए ई-मेल आए दिन आने लगे हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ई-मेल भेजने का एक बड़ा सच सामने आया है। इस प्रकार के ई-मेल भेजने वाले शरारती तत्वों के विषय में जांच एजेंसियों को खास जानकारी मिली है।
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में वीपीएन से भेजे जाते हैं ई-मेल
आपको बता दें कि स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने का मिलसिला जारी है और पिछले दो साल में चार बार नोएडा व ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को ऐसे मैसेज भेजे गए हैं। इन मामलों की जांच में पता चला है कि इस तरह के ई-मेल भेजने में वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) में प्रॉक्सी सर्जर का इस्तेमाल किया जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट भी वर्चुअल नेटवर्क के इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं। अभी नोएडा पुलिस की टीम बीस स्कूलों में धमकी भरे ई-मेल की जांच कर रही है और किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के 20 स्कूलों को शुक्रवार सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। इनमें बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले भी नोएडा के स्कूलों में इस तरह की धमकी गई थी। साइमर एक्सपर्ट रक्षित टंडन का कहना है कि स्कूलों की धमकी भरे ईमेल भेजने वाले लोग अक्सर अपनी पहचान छुपाने के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और प्रोक्सी सर्वर का इस्तेमाल करते हैं।
क्या होता है वीपीएन जिसके द्वारा भेजे जा रहे हैं ई-मेल
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में वीपीएन के द्वारा धमकी भरे ई-मेल भेजे जा रहे हैं। वर्चुअल वीपीएन प्राइवेट नेटवर्क है। यह इंटरनेट पर इस्तेमाल की जाने वाली ऐसो सेवा है जो किसी डाटा को लीक होने से बचाती है और ऑनलाइन गोपनीयता प्रदान करती है। वीपीएन आईपी एड्रेस को छिपाता है। इस कारण कोई शख्स खुद को गोपनीय रख सकता है। यह इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है और इसे एक अलग सर्बर के माध्यम से रूट करता है। इससे इस्तेमाल करने वाले का आईपी एड्रेस छुप जाता है।
एक छात्र ने भी भेजा था नोएडा के स्कूलों को उड़ाने का ई-मेल
पिछले दो वर्षों में चार बार स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। इनमें केवल एक मामले में पुलिस को सफलता मिली। 5 फरवरी 2025 को नोएडा के चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसमें नौवीं के एक छात्र को पुलिस ने पकड़ा था। उस छात्र ने स्कूल में छुट्टी कराने को लेकर वीपीएन के माध्यम से स्कूल में ई-मेल कर दिया था। इसके अलावा अन्य मामलों में पुलिस के हाथ खाली हैं।
दूसरे देश को दिखाया जाता है लोकेशन
इन टूल्स से उनके आईपी एड्रेस छिप जाते हैं और ईमेल को ट्रेस करना मुश्किल होता है। देश में बैठकर भी लोकेशन दूसरे देश का दिखा दिया जाता है। नोएडा पुलिस की प्राथमिक जांच में भी इसी तरह के टूल्स इस्तेमाल कर धमकी भेजने की जानकारी मिल रही है। इसके लिए साइबर टीम काम कर रही है। बताया जा रहा है कि इस तरह के बल्क ई-मेल भेजने वाले शरारती तत्व हो सकते हैं। कई बार स्कूल के छात्र भी इस तरह की शरारत कर देते हैं। Noida News
Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में स्थित स्कूलों में बम रखा गया है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के अमुक-अमुक स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। इस प्रकार की धमकी भरे हुए ई-मेल आए दिन आने लगे हैं। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले ई-मेल भेजने का एक बड़ा सच सामने आया है। इस प्रकार के ई-मेल भेजने वाले शरारती तत्वों के विषय में जांच एजेंसियों को खास जानकारी मिली है।
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में वीपीएन से भेजे जाते हैं ई-मेल
आपको बता दें कि स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजने का मिलसिला जारी है और पिछले दो साल में चार बार नोएडा व ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को ऐसे मैसेज भेजे गए हैं। इन मामलों की जांच में पता चला है कि इस तरह के ई-मेल भेजने में वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) में प्रॉक्सी सर्जर का इस्तेमाल किया जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट भी वर्चुअल नेटवर्क के इस्तेमाल करने की बात कर रहे हैं। अभी नोएडा पुलिस की टीम बीस स्कूलों में धमकी भरे ई-मेल की जांच कर रही है और किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा के 20 स्कूलों को शुक्रवार सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए थे। इनमें बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले भी नोएडा के स्कूलों में इस तरह की धमकी गई थी। साइमर एक्सपर्ट रक्षित टंडन का कहना है कि स्कूलों की धमकी भरे ईमेल भेजने वाले लोग अक्सर अपनी पहचान छुपाने के लिए वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) और प्रोक्सी सर्वर का इस्तेमाल करते हैं।
क्या होता है वीपीएन जिसके द्वारा भेजे जा रहे हैं ई-मेल
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के स्कूलों में वीपीएन के द्वारा धमकी भरे ई-मेल भेजे जा रहे हैं। वर्चुअल वीपीएन प्राइवेट नेटवर्क है। यह इंटरनेट पर इस्तेमाल की जाने वाली ऐसो सेवा है जो किसी डाटा को लीक होने से बचाती है और ऑनलाइन गोपनीयता प्रदान करती है। वीपीएन आईपी एड्रेस को छिपाता है। इस कारण कोई शख्स खुद को गोपनीय रख सकता है। यह इंटरनेट ट्रैफिक को एन्क्रिप्ट करता है और इसे एक अलग सर्बर के माध्यम से रूट करता है। इससे इस्तेमाल करने वाले का आईपी एड्रेस छुप जाता है।
एक छात्र ने भी भेजा था नोएडा के स्कूलों को उड़ाने का ई-मेल
पिछले दो वर्षों में चार बार स्कूलों को धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। इनमें केवल एक मामले में पुलिस को सफलता मिली। 5 फरवरी 2025 को नोएडा के चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसमें नौवीं के एक छात्र को पुलिस ने पकड़ा था। उस छात्र ने स्कूल में छुट्टी कराने को लेकर वीपीएन के माध्यम से स्कूल में ई-मेल कर दिया था। इसके अलावा अन्य मामलों में पुलिस के हाथ खाली हैं।
दूसरे देश को दिखाया जाता है लोकेशन
इन टूल्स से उनके आईपी एड्रेस छिप जाते हैं और ईमेल को ट्रेस करना मुश्किल होता है। देश में बैठकर भी लोकेशन दूसरे देश का दिखा दिया जाता है। नोएडा पुलिस की प्राथमिक जांच में भी इसी तरह के टूल्स इस्तेमाल कर धमकी भेजने की जानकारी मिल रही है। इसके लिए साइबर टीम काम कर रही है। बताया जा रहा है कि इस तरह के बल्क ई-मेल भेजने वाले शरारती तत्व हो सकते हैं। कई बार स्कूल के छात्र भी इस तरह की शरारत कर देते हैं। Noida News












