बड़े घोटालेबाज हैं युवराज की मौत के जिम्मेदार बिल्डर
पता चला है कि जिन बिल्डरों के कारण युवराज मेहता की जान गई है वें बिल्डर बहुत बड़े घोटालेबाज है। इन बिल्डरों के ऊपर नोएडा प्राधिकरण के तीन हजार करोड़ रूपए बकाया है।

Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में रहने वाले इंजीनियर युवराज मेहता का हंसता-खेलता जीवन बर्बाद हो गया। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक युवराज मेहता की मौत से लोग बेहद नाराज हैं। हर कोई यही कह रहा है कि सरकारी सिस्टम की विफलता के कारण देश ने एक होनहार युवा इंजीनियर युवराज मेहता को खो दिया है। पता चला है कि जिन बिल्डरों के कारण युवराज मेहता की जान गई है वें बिल्डर बहुत बड़े घोटालेबाज है। इन बिल्डरों के ऊपर नोएडा प्राधिकरण के तीन हजार करोड़ रूपए बकाया है।
थ्री सी बिल्डर से लेकर लोटस ग्रीन बिल्डर तक जिम्मेदार
आपको बता दें कि जिस भूखंड पर बने हुए बेसमेंट के गड्डे में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की जान गई है वह भूखण्ड एक बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है। नोएडा प्राधिकरण ने यह भूखण्ड खेल सिटी के विकास के लिए थ्री सी नामक बिल्डर को आवंटित किया था। थ्री सी बिल्डर ने इस भूखण्ड के छोटे-छोटे टुकड़े करके लोटस ग्रीन बिल्डर समेत अनेक बिल्डरों को बेच डाला था। थ्री सी बिल्डर को यह जमीन 7 जुलाई 2014 को आवंटित की गई थी। बाद में इस जमीन को लोटस ग्रीन बिल्डर सहित दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था। आरोप है कि जिस जमीन का इस्तेमाल खेलों के बुनियादी ढांचे के लिए होना था, उसे बिल्डर कंपनी ने अलग-अलग लोगों को बेच दिया। यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी का भी संकेत देता है। इसी वजह से अब इस प्रकरण में CBI और ED भी जांच कर रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण अपने पैसे की वसूली नहीं कर पाया और न ही मौके पर सुरक्षा उपकरण लगवा सका। न बैरिकेड्स, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। अंधेरे और कोहरे में यह इलाका पूरी तरह असुरक्षित था। इसी लापरवाही के कारण युवराज की जान चली गई। यह हादसा बताता है कि सिस्टम की उदासीनता कैसे जानलेवा साबित हो सकती है।
नोएडा प्राधिकरण ने रखा अपना पक्ष
नोएडा प्राधिकरण के ACEO सतीश पाल ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक जूनियर इंजीनियर को हटा दिया गया है। उनका कहना है कि कहां और कैसे चूक हुई, यह जांच के बाद ही साफ होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि बिल्डर का बकाया वसूली से जुड़ा मामला पहले से चल रहा है। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण ने अपनी जांच तेज कर दी है। नोएडा प्राधिकरण इस घटना से सबक लेकर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के तमाम उपायों पर भी काम कर रहा है। इस बीच नागरिकों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने दोषी बिल्डर को सख्त से सख्त सजा देने की मांग तेज कर दी है। Noida News
Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में रहने वाले इंजीनियर युवराज मेहता का हंसता-खेलता जीवन बर्बाद हो गया। नोएडा से लेकर ग्रेटर नोएडा तक युवराज मेहता की मौत से लोग बेहद नाराज हैं। हर कोई यही कह रहा है कि सरकारी सिस्टम की विफलता के कारण देश ने एक होनहार युवा इंजीनियर युवराज मेहता को खो दिया है। पता चला है कि जिन बिल्डरों के कारण युवराज मेहता की जान गई है वें बिल्डर बहुत बड़े घोटालेबाज है। इन बिल्डरों के ऊपर नोएडा प्राधिकरण के तीन हजार करोड़ रूपए बकाया है।
थ्री सी बिल्डर से लेकर लोटस ग्रीन बिल्डर तक जिम्मेदार
आपको बता दें कि जिस भूखंड पर बने हुए बेसमेंट के गड्डे में डूबकर इंजीनियर युवराज मेहता की जान गई है वह भूखण्ड एक बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है। नोएडा प्राधिकरण ने यह भूखण्ड खेल सिटी के विकास के लिए थ्री सी नामक बिल्डर को आवंटित किया था। थ्री सी बिल्डर ने इस भूखण्ड के छोटे-छोटे टुकड़े करके लोटस ग्रीन बिल्डर समेत अनेक बिल्डरों को बेच डाला था। थ्री सी बिल्डर को यह जमीन 7 जुलाई 2014 को आवंटित की गई थी। बाद में इस जमीन को लोटस ग्रीन बिल्डर सहित दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था। आरोप है कि जिस जमीन का इस्तेमाल खेलों के बुनियादी ढांचे के लिए होना था, उसे बिल्डर कंपनी ने अलग-अलग लोगों को बेच दिया। यह मामला सिर्फ नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर वित्तीय गड़बड़ी का भी संकेत देता है। इसी वजह से अब इस प्रकरण में CBI और ED भी जांच कर रही हैं। नागरिकों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण अपने पैसे की वसूली नहीं कर पाया और न ही मौके पर सुरक्षा उपकरण लगवा सका। न बैरिकेड्स, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। अंधेरे और कोहरे में यह इलाका पूरी तरह असुरक्षित था। इसी लापरवाही के कारण युवराज की जान चली गई। यह हादसा बताता है कि सिस्टम की उदासीनता कैसे जानलेवा साबित हो सकती है।
नोएडा प्राधिकरण ने रखा अपना पक्ष
नोएडा प्राधिकरण के ACEO सतीश पाल ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक जूनियर इंजीनियर को हटा दिया गया है। उनका कहना है कि कहां और कैसे चूक हुई, यह जांच के बाद ही साफ होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि बिल्डर का बकाया वसूली से जुड़ा मामला पहले से चल रहा है। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण ने अपनी जांच तेज कर दी है। नोएडा प्राधिकरण इस घटना से सबक लेकर भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के तमाम उपायों पर भी काम कर रहा है। इस बीच नागरिकों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने दोषी बिल्डर को सख्त से सख्त सजा देने की मांग तेज कर दी है। Noida News













