प्रसिद्ध लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर बने उत्तर प्रदेश का गौरव

नोएडा के बरौला गांव से अपना सफर शुरू करने वाले ब्रह्मपाल नागर की प्रसिद्धी लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में नोएडा के लाल ब्रह्मपाल नागर को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। नोएडा के रहने वाले किसी कलाकार को पहली बार उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान मिला है।

यूपी दिवस पर नोएडा के लाल को बड़ा सम्मान
यूपी दिवस पर नोएडा के लाल ब्रह्मपाल नागर को बड़ा सम्मान
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 02:36 PM
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Noida News : नोएडा क्षेत्र के बरौला गाँव के रहने वाले प्रसिद्ध लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर की प्रसिद्धी लगातार बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे उत्तर भारत में ब्रह्मपाल नागर की गायकी तथा कला के करोड़ों लोग दीवाने हैं। नोएडा के बरौला गांव से अपना सफर शुरू करने वाले ब्रह्मपाल नागर की प्रसिद्धी लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में नोएडा के लाल ब्रह्मपाल नागर को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। नोएडा के रहने वाले किसी कलाकार को पहली बार उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान मिला है।

दिल्ली में मिला उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

हाल ही में नोएडा सहित देश के अनेक स्थानों पर उत्तर प्रदेश दिवस मनाया गया। इसी कड़ी में दिल्ली के शिल्प हाट में भी उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का आयोजन किया गया। दिल्ली में आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य थे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नोएडा क्षेत्र के बरौला गाँव के रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के महानिदेशक वेदपति मिश्रा की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय थी।

नोएडा में पेश किया अपना यूपी, अपना देश

इससे पहले नोएडा हाट में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर ने देशभक्ति गीतों, भजनों एवं ‘अपना यू0पी0, अपना देश’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह भव्य आयोजन उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना विकास प्राधिकरण एवं गौतमबुद्ध नगर प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने ब्रह्मपाल नागर को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही नोएडा के विशेष कार्याधिकारी (OSD), गौतमबुद्ध नगर के मुख्य विकास अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी द्वारा मोमेंटो एवं शॉल भेंट कर प्रशासन की ओर से औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार ब्रह्मपाल नागर को सम्मानित किया गया। Noida News

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नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यीडा में अनेक तबादले, अचानक हुआ आदेश

स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सबसे पहला नाम नोएडा प्राधिकरण में तैनात रूप वशिष्ठ का है जिनको नोएडा से यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक सिविल पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

नोएडा शासन का बड़ा फेरबदल
नोएडा शासन का बड़ा फेरबदल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 01:43 PM
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Noida News : नोएडा शासन ने देर शाम नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रसेवे औद्योगिक विकास तथा यूपीसीडा में तैनात कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। एसआईटी कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही के पूर्व इन तबादलों को युवराज हादसे की घटना से भी  जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सबसे पहला नाम नोएडा प्राधिकरण में तैनात रूप वशिष्ठ का है जिनको नोएडा से यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक सिविल पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद यमुना प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार को ग्रेटर नोएडा में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर भेजा गया है।

किन अधिकारियों का कहां हुआ तबादला?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर कार्य चेतराम को यूपीसीडा में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर भेजा गया है। नोएडा में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर तैनात राकेश कुमार को भी यूपीसीडा भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर कार्यरत यशपाल सिंह को नोएडा प्राधिकरण में तैनाती दी गई है। ग्रेटर नोएडा से संबद्ध यूपीसीडा में उपमहाप्रबंधक सलिल यादव को यूपीसीडा में ही उपमहाप्रबंधक प्रबंधक के पद पर तैनाती दी गई है।

देर रात जारी हुए आदेश

इनके अलावा यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक जितेंद्र कुमार यादव को नोएडा में तनाती दी गई है। देर रात हुई इस कार्यवाही को लेकर सभी प्राधिकरणों में निर्देश दिए गए हैं कि वह मौजूद कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर उनको रिलीव कर दें। Noida News


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कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

गौतमबुद्धनगर की जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा है कि जिस स्थान की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की थी, उसे अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? यह सवाल उस वक्त उठा जब गिरफ्तार बिल्डरों की जमानत याचिका पर बहस हो रही थी।

noid authoity
नोएडा अथारिटी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 01:39 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। गौतमबुद्धनगर की जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा है कि जिस स्थान की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की थी, उसे अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? यह सवाल उस वक्त उठा जब गिरफ्तार बिल्डरों की जमानत याचिका पर बहस हो रही थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जिस गहरे गड्ढे में युवराज की कार डूबी, उसमें पिछले कई वर्षों से पानी भरा हुआ था। इसके बावजूद, मरम्मत के लिए धन स्वीकृत होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कोर्ट की नाराजगी: जांच में लापरवाही उजागर

सुनवाई के दौरान अदालत उस समय और सख्त हो गई जब जांच अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि बिल्डर की ओर से सौंपी गई करीब 500 पन्नों की रिपोर्ट उन्होंने अब तक पढ़ी ही नहीं है। इस बयान पर अदालत ने गहरी नाराजगी जताई और इसे जांच में गंभीर लापरवाही बताया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी और 2 फरवरी को तय की गई है।

16 जनवरी की रात: जब सिस्टम ने साथ छोड़ दिया

16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में एक निमार्णाधीन प्लॉट में भरे पानी में युवराज मेहता की कार फंस गई। गाड़ी धीरे-धीरे पानी में डूबती चली गई। युवराज ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर यह संकेत देने की कोशिश की कि वह जिंदा है। मौके पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ के लगभग 80 कर्मी मौजूद थे, लेकिन प्रभावी रेस्क्यू नहीं हो सका। युवराज के पिता अधिकारियों के सामने गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। एक रेस्क्यू कर्मी पानी में उतरा जरूर, पर ठंड और लोहे की सरिया के डर से तुरंत बाहर आ गया। अंतत: एक डिलीवरी एजेंट मुनेंद्र सिंह ने साहस दिखाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हाईटेक शहर में संसाधनों की हकीकत

इस घटना ने उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित माने जाने वाले जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू प्रयासों के दौरान न तो कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही नोएडा अथॉरिटी का कोई प्रतिनिधि दिखाई दिया। फिलहाल पुलिस ने तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या सिर्फ बिल्डर दोषी हैं, या उस सिस्टम की भी जिम्मेदारी तय होगी जिसने खतरे को वर्षों तक नजरअंदाज किया?

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