नोएडा की दीवारों पर उभरेगा स्वच्छता का संदेश, जल्द शुरू होगी थीम पेंटिंग

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जन स्वास्थ्य) एस.पी. सिंह ने बताया कि शहर में स्वच्छता संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए 46 स्थानों पर थीम पेंटिंग कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को टेंडर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय में काम शुरू हो सके।

जल्द शुरू होगा वॉल पेंटिंग प्रोजेक्ट
जल्द शुरू होगा वॉल पेंटिंग प्रोजेक्ट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar19 Jan 2026 12:24 PM
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Noida News : नोएडा शहर को स्वच्छता के प्रति और ज्यादा जागरूक बनाने के लिए नोएडा में सार्वजनिक स्थलों पर थीम पेंटिंग कराई जाएगी। नोएडा प्राधिकरण ने इसके लिए पहले चरण में 46 स्थान चिन्हित कर लिए हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत से इन स्थानों पर पेंटिंग का काम शुरू कराया जा सकता है। इसके लिए अगले दो सप्ताह के भीतर टेंडर जारी करने की तैयारी है। नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जन स्वास्थ्य) एस.पी. सिंह ने बताया कि शहर में स्वच्छता संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए 46 स्थानों पर थीम पेंटिंग कराने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को टेंडर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तय समय में काम शुरू हो सके।


वर्क सर्किल के हिसाब से तय हुए 46 स्थान

अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा में थीम पेंटिंग अभियान की शुरुआत पहले चरण में जनस्वास्थ्य विभाग-द्वितीय के अंतर्गत चिन्हित 46 प्रमुख लोकेशन्स से की जाएगी। इन स्थानों को वर्क सर्किल के हिसाब से तय किया गया है वर्क सर्किल-6 में 22, वर्क सर्किल-7 में 11, वर्क सर्किल-8 में 9 और वर्क सर्किल-9 में 4 स्थान शामिल हैं। खास बात यह है कि चयन में नोएडा की मुख्य सार्वजनिक दीवारों के साथ अंडरपास को भी प्राथमिकता दी गई है, जहां सुबह-शाम लगातार भारी आवाजाही रहती है। नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि शहर के इन हाई-फुटफॉल पॉइंट्स पर बनाई जाने वाली पेंटिंग न सिर्फ स्वच्छता संदेश को लोगों तक “सीधे और प्रभावी” तरीके से पहुंचाएगी, बल्कि नोएडा की सड़कें, अंडरपास और सार्वजनिक स्पेस एक नई विजुअल पहचान के साथ ज्यादा आकर्षक और सकारात्मक माहौल भी पेश करेंगे।

थीम पेंटिंग से बनेगी स्वच्छ नोएडा की नई पहचान

जन स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक (खंड-1) गौरव बंसल के मुताबिक, नोएडा में होने वाली थीम पेंटिंग स्वच्छ भारत, आत्मनिर्भर भारत, महात्मा गांधी का चरखा, झाड़ू लगाते हुए स्वच्छता संदेश, और कूड़े को डस्टबिन में डालने जैसी जागरूकता-आधारित थीम पर तैयार की जाएगी। उद्देश्य यह है कि नोएडा के नागरिकों को स्वच्छता को आदत बनाने का संदेश लगातार दिखाई दे और शहर की दीवारें खुद एक पब्लिक मैसेज बोर्ड की तरह काम करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि फिलहाल जनस्वास्थ्य विभाग-द्वितीय के अंतर्गत लोकेशन फाइनल की गई हैं। इसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग-प्रथम के अंतर्गत भी नोएडा में नई लोकेशन चिन्हित कर अगले चरण का काम शुरू कराया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि यह पहल सिर्फ पेंटिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शहर के सार्वजनिक व्यवहार में बदलाव लाने के लक्ष्य के साथ इसे आगे भी विस्तार दिया जाएगा। Noida News

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नोएडा में दर्दनाक हादसा : कोहरे के कारण 30 फुट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरे इंजीनियर की मौत

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। वह अपनी ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे थे, जब तेज रफ्तार और कोहरे के कारण उनका वाहन सड़क पर बने नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फुट गहरे पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरा।

maut
लोग तमाशबीन बने रहे और जान चली गई
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Jan 2026 05:18 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में शुक्रवार की रात एक भयावह हादसा हुआ, जिसमें 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। वह अपनी ग्रैंड विटारा कार से घर लौट रहे थे, जब तेज रफ्तार और कोहरे के कारण उनका वाहन सड़क पर बने नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फुट गहरे पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरा। युवराज ने कार में फंसने के बावजूद टार्च जलाकर मदद के लिए चिल्लाया, और पिता राजकुमार मेहता को फोन करके घटना की जानकारी दी। पिता मौके पर पहुंचे और पुलिस, दमकल और बचाव टीमों से बेटे को बचाने की लगातार गुहार लगाई।

बचाव में देरी और प्रशासनिक लापरवाही

* पुलिस और दमकल कर्मियों को घटना स्थल पर पहुँचने में लगभग 50 मिनट लगे।

* पानी में निमार्णाधीन कॉलम और ठंडे पानी के कारण प्रारंभिक बचाव प्रयास नहीं हो सके।

* एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने देर रात तक कोशिश की, लेकिन युवराज कार समेत पानी में डूब गए।

* अंतत: उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

मुख्य कारण और मुद्दे

1. तेज रफ्तार और कोहरा: वाहन पर नियंत्रण खो जाने के मुख्य कारण।

2. तत्काल बचाव में देरी: पुलिस और दमकल टीम संसाधनों और डर के कारण तुरंत नहीं उतर पाईं।

3. सुरक्षा इंतजामों की कमी: हादसे के स्थान पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर नहीं थे।

4. प्राधिकरण की उदासीनता: स्थानीय निवासियों ने पहले भी सुरक्षा उपायों की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

पारिवारिक और सामाजिक प्रभाव

युवराज की मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। पिता ने अपने बेटे को अपनी आंखों के सामने खो दिया। परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था, क्योंकि उनकी पत्नी का निधन हो चुका है और बेटी यूके में रहती है। स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए और कहा कि यदि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई की गई होती, तो इस तरह का हादसा टाला जा सकता था। यह दुखद घटना प्रशासनिक और सुरक्षा दृष्टि से भी चेतावनी है। इससे साफ है कि सड़क सुरक्षा उपाय, समय पर बचाव टीम की तैनाती और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी संकेत बेहद जरूरी हैं।

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प्रो रेसलिंग लीग का फाइनल 1फरवरी को, 1.5 करोड़ की इनामी राशि

प्रो रेसलिंग लीग 2026 में इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारत, ईरान, अजरबैजान, मंगोलिया, जापान, पोलैंड, कनाडा, जॉर्जिया सहित कई प्रमुख कुश्ती राष्ट्र शामिल हैं। जापान जैसे देश के खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस लीग को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

press varta
प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद पदाधिकारी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 06:51 PM
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Noida News : नोएडा स्टेडियम में आयोजित हो रही प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) फाइनल  मुकाबला 1 फरवरी को होगा। लीग की आयोजक एवं नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बताया कि कुश्ती संघ द्वारा मान्यता प्राप्त यह प्रतिष्ठित लीग 15 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित की जा रही है।

इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे

प्रो रेसलिंग लीग 2026 में इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारत, ईरान, अजरबैजान, मंगोलिया, जापान, पोलैंड, कनाडा, जॉर्जिया सहित कई प्रमुख कुश्ती राष्ट्र शामिल हैं। जापान जैसे देश के खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस लीग को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। लीग के विजेता फ्रेंचाइजी को 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 75 लाख रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा प्लेयर आॅफ द टूनार्मेंट को 2.5 लाख, डेली प्लेयर आॅफ द मैच को 50,000, फाइटर आॅफ द मैच को 25,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पीडब्ल्यूएल 2026 को और अधिक दर्शकप्रिय और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए इसके फॉर्मेट में अहम बदलाव किए गए हैं।

छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी 

इस सीजन में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी जिसमें टाइगर्स आॅफ मुंबई डेंगल्स, महाराष्ट्र केसरी, यूपी डोमिनेटर्स, पंजाब रॉयल्स, हरियाणा थंडर्स और दिल्ली डेंगल वॉरियर्स हैं। इस अवसर पर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 न केवल भारतीय कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने जा रही है, बल्कि यह नोएडा को वैश्विक खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस अवसर पर नोएडा सिटीजन फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी,अविनाश सिंह,भारतीय कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष डॉ एस पी देशवाल, लीग के आयोजक अखिल गुप्ता और चेयरमैन दयान फारूखी भी मौजूद थे।

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