नोएडा भाजपा की राजनीति में मनोज गुप्ता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। सेक्टर-46 की रामलीला में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के साथ उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं। क्या नोएडा विधानसभा टिकट को लेकर भाजपा में कोई नया समीकरण बन रहा है?

Noida News : नोएडा शहर में ‘‘मेंढकी” के नाम से प्रसिद्ध भाजपा के नेता के द्वारा अचानक पाला बदल लेने को लेकर नोएडा शहर में बहुत बड़ी राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। इस बहस का बड़ा कारण यह है कि नोएडा शहर में ‘‘मेंढकी’’ के नाम से चर्चित भाजपा का नेता नोएडा के विधायक पंकज सिंह का टिकट कटवाकर नोएडा विधानसभा सीट से विधानसभा का चुनाव लडऩे का सपना दिन में ही देख रहा है।
नोएडा शहर में रविवार 11 अक्टूबर 2026 की शाम से शुरू हुई राजनीतिक चर्चा के विषय पर आगे बढऩे से पहले भाजपा नेता के ‘‘मेंढकी’’ के नाम से चर्चित होने का पूरा मामला आपको बता देते हैं। इस विषय में चेतना मंच के न्यूज पोर्टल www.chetnamanch.com पर सितंबर महीने के शुरू में तथा 9 अक्टूबर 2026 को एक समाचार विस्तार से प्रकाशित किया गया था। इस समाचार का शीर्षक था कि - ‘‘नोएडा के नागरिकों को हुआ बड़ा शक, कहीं पागल तो नहीं हो गया बीजेपी (BJP) का यह नेता’’। इस समाचार में बताया गया था कि हम यहां बात कर रहे हैं भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मनोज गुप्ता की। दरअसल BJP के नेता मनोज गुप्ता ने अचानक यह दावा कर दिया है कि उन्हें नोएडा के विधायक पंकज सिंह का टिकट काटकर BJP की तरफ से विधायकी का टिकट दे दिया जाए। इस समाचार में लिखा गया था कि चर्चित कहावत है कि “घोड़े को नाल ठोकी जा रही थी तो मेंढकी ने भी पैर उठा दिया।” यह कहावत उस स्थिति पर कही जाती है, जब कोई व्यक्ति अपनी क्षमता, हैसियत या सामर्थ्य से कहीं बड़ा काम अपने जिम्मे लेने की कोशिश करता है। यानी जहां किसी बड़े और सक्षम व्यक्ति की जरूरत है, वहां कोई ऐसा व्यक्ति भी उसी भूमिका में आने की कोशिश करे, जिसके पास न तो उसके बराबर क्षमता है और न ही वैसा सामर्थ्य। इस कहावत के पीछे एक मजेदार लोककथा सुनाई जाती है। कहा जाता है कि एक जगह एक घोड़े के पैरों में नाल ठोकी जा रही थी। घोड़ा मजबूत था और उसके पैरों में लोहे की नाल लगाने के लिए लोहार हथौड़े और कील का इस्तेमाल कर रहा था। तभी वहां एक मेंढकी भी आ पहुंची। उसने घोड़े के पैर में नाल ठोकी जाती देखी तो उसने भी अपना पैर आगे कर दिया और मानो कहने लगी—“मेरे पैर में भी नाल ठोक दो।” वहां मौजूद लोग यह देखकर हंस पड़े। उन्होंने कहा कि नाल घोड़े के मजबूत खुर के लिए होती है। मेंढक के छोटे और नाजुक पैर में भला लोहे की नाल कैसे ठोकी जा सकती है? वहां तो एक कील भी ठीक से नहीं टिक पाएगी। यहीं से इस कहावत का व्यंग्य पैदा होता है—जिस काम के लिए जिस स्तर की क्षमता और सामर्थ्य चाहिए, वह हर किसी के बस की बात नहीं होती। केवल किसी बड़े व्यक्ति को कोई बड़ा काम करते देखकर उसी काम में अपना पैर आगे कर देना बुद्धिमानी नहीं, बल्कि हास्यास्पद स्थिति पैदा कर सकता है। जब कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक क्षमता से कहीं अधिक बड़ा दावा करने लगे, किसी ऐसे काम की जिम्मेदारी लेने की कोशिश करे जिसके लिए वह सक्षम नहीं है, अथवा किसी बड़े पद और बड़े व्यक्ति की बराबरी करने की कोशिश करे, तब व्यंग्य के तौर पर कहा जाता है— “घोड़े को नाल ठोकी जा रही थी, मेंढकी ने भी पैर उठा दिया।” इस कहावत में “घोड़ा” बड़े सामर्थ्य, क्षमता और योग्यता का प्रतीक है, जबकि “मेंढकी” ऐसे व्यक्ति का प्रतीक बन जाती है जो अपनी वास्तविक स्थिति को समझे बिना उसी काम में कूद पड़ता है। भारतीय राजनीति में तो यह कहावत आए दिन चरितार्थ होती दिखाई देती है। राजनीति में किसी बड़े अभियान, बड़े आंदोलन, बड़े पद या बड़ी राजनीतिक लड़ाई की जिम्मेदारी उठाना केवल इच्छा का विषय नहीं होता। उसके लिए जनाधार, संगठन, राजनीतिक अनुभव, स्वीकार्यता और परिस्थितियों को संभालने की क्षमता भी जरूरी होती है। लेकिन जब कोई व्यक्ति इन तमाम कसौटियों पर बहुत पीछे होने के बावजूद किसी बड़े राजनीतिक लक्ष्य को अपने कंधों पर उठाने का दावा करने लगे, तब पुराने लोगों को यही कहावत याद आती है— “घोड़े को नाल ठोकी जा रही थी, मेंढकी ने भी पैर उठा दिया।” राजनैतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजनीति में सवाल केवल पैर उठाने का नहीं होता, सवाल यह भी होता है कि जिस काम के लिए पैर उठाया गया है, क्या उसे संभालने की ताकत भी उस पैर में है? नोएडा के नागरिक राजनीतिक विश्लेषक तथा घोड़े व मेढक़ी वाली बात बताने वाले पत्रकार का कहना है कि आज की तारीख में यह कहावत नोएडा में सक्रिय भाजपा के नेता मनोज गुप्ता के ऊपर पूरी तरह से चरितार्थ हो रही है। दरअसल मनोज गुप्ता किसी के बहकाबे में आकर नोएडा के विधायक पंकज सिंह जैसे बड़े राजनेता का टिकट कटवाकर विधायक बनना चाहते हैं।
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अब बात करते हैं भाजपा (BJP) के नेता मनोज गुप्ता के पलटी मारने की। 11 अक्टूबर 2026 की शाम को नोएडा के नागरिकों ने देखा कि नोएडा में ‘‘मेंढकी’’ के नाम से चर्चित भाजपा नेता मनोज गुप्ता नोएडा के सेक्टर-46 में शुरू हुई रामलीला में राज्यसभा के सांसद सुरेन्द्र नागर के साथ मंच पर पहुंचे। मनोज गुप्ता को सुरेन्द्र नागर के साथ जिस बॉडी लैंग्वेज में नोएडा वालों ने देखा उसे देखकर नोएडा का प्रत्येक संवेदनशील राजनीतिक विश्लेषक चौंकने को मजबूर हो गया। दरअसल नोएडा वाले जानते हैं कि मनोज गुप्ता के ऊपर भाजपा (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेन्द्र चौधरी का सीधा आशीर्वाद प्राप्त है। मनोज गुप्ता को राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर के सामने नतमस्तक होते हुए देखकर चौंकने वाले विश्लेषकों का कहना है कि इस घटनाक्रम से तो यही समझ में आ रहा है कि नोएडा में ‘‘मेंढकी’’ के नाम से चर्चित भाजपा नेता मनोज गुप्ता अपने राजनीतिक संरक्षक भूपेन्द्र चौधरी को छोडक़र नोएडा का टिकट लेने के लिए राज्यसभा के सांसद सुरेन्द्र नागर के ‘‘गुट’’ में शामिल हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर चेतना मंच की नजर बनी हुई है, हम आपको ‘‘मेंढकी’’ के द्वारा ‘‘गिरगिट’’ की तरह आका बदलने के सभी समाचारों से अपडेट कराते रहेंगे।
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