नोएडा से बड़े शहरों का सफर होगा और भी आसान, टिकटिंग हुई ऑनलाइन

नोएडा डिपो प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्री काउंटर की भीड़ और लाइन से बचें और मोबाइल पर घर बैठे टिकट कन्फर्म करें। इसी दिशा में ड्राइवर-कंडक्टर की टीम यात्रियों को लगातार डिजिटल बुकिंग के लिए जागरूक कर रही है, ताकि नोएडा से उत्तर प्रदेश तक का सफर ज्यादा सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सके।

नोएडा रोडवेज
नोएडा रोडवेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 10:40 AM
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Noida News : दिल्ली-एनसीआर से उत्तर प्रदेश के बड़े शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए नोएडा डिपो ने सफर को और स्मार्ट बना दिया है। अब नोएडा से उत्तर प्रदेश के आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, बरेली, बदायूं, कासगंज, एटा समेत कई प्रमुख शहरों तक चलने वाली लंबी दूरी की रोडवेज बसों में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू कर दी गई है। नोएडा डिपो प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्री काउंटर की भीड़ और लाइन से बचें और मोबाइल पर घर बैठे टिकट कन्फर्म करें। इसी दिशा में ड्राइवर-कंडक्टर की टीम यात्रियों को लगातार डिजिटल बुकिंग के लिए जागरूक कर रही है, ताकि नोएडा से उत्तर प्रदेश तक का सफर ज्यादा सुविधाजनक और व्यवस्थित हो सके।

नोएडा डिपो को मिला डिजिटल पुश

नोएडा डिपो के बेड़े में इस समय कुल 188 बसें शामिल हैं, जिनमें साधारण और CNG बसों का संचालन किया जा रहा है। हालांकि डिपो के पास अपनी एसी बसें अभी नहीं हैं, लेकिन लखनऊ, गोरखपुर समेत कई बड़े रूटों पर चलने वाली वातानुकूलित बसें दूसरे डिपो से निकलकर नोएडा डिपो होकर ही गुजरती हैं, यानी नोएडा यात्रियों के लिए AC कनेक्टिविटी का रास्ता भी यहीं से खुलता है। डिपो अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण और लोकल रूट पर यात्रियों की जरूरत और टिकटिंग पैटर्न अलग होने के कारण वहां ऑनलाइन टिकटिंग को लोकप्रिय बनाना फिलहाल चुनौतीपूर्ण है, इसलिए इन रूटों पर सुविधा अभी शुरू नहीं की गई। लेकिन नोएडा से यूपी के प्रमुख शहरों की ओर जाने वाली करीब 107 लंबी दूरी की बसों में यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा दे दी गई है, जिससे लंबी यात्रा की प्लानिंग अब पहले से ज्यादा “स्मार्ट” हो गई है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गौतमबुद्ध नगर के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार के मुताबिक, ऑनलाइन टिकटिंग से यात्रियों को तीन बड़े फायदे मिलेंगे अब काउंटर पर लाइन में लगकर समय नहीं गंवाना पड़ेगा, कहीं से भी टिकट बुक हो जाएगा और मनपसंद सीट चुनने का विकल्प भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि नोएडा डिपो के चालक और परिचालक यात्रियों को लगातार जागरूक कर रहे हैं, ताकि डिजिटल बुकिंग का चलन बढ़े और अधिक लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

वेबसाइट से ऐसे करें रोडवेज बस की सीट बुक

रोडवेज बसों में ऑनलाइन टिकट लेने के लिए यात्री UPSRTC की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं—

www.upsrtc.up.gov.in

बुकिंग का तरीका:

  1. वेबसाइट खोलें
  2. From-To, तारीख भरें
  3. बस चुनें और सीट सेलेक्ट करें
  4. यात्री विवरण भरकर पेमेंट करें
  5. यात्रा के समय मोबाइल पर टिकट दिखाकर सफर करें

नोएडा डिपो को नई बसें भी मिलेंगी

अधिकारियों के अनुसार नोएडा डिपो को जल्द नई बसें मिलने की संभावना है। मुख्यालय की ओर से बसों की जरूरत का आंकलन मांगा गया था, जिसकी जानकारी भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही तीन डबल डेकर बसें डिपो को मिल चुकी हैं। इन्हें होली के बाद रूट पर उतारने की तैयारी चल रही है। फिलहाल रूट और किराया तय करने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे 1-2 दिन में अंतिम रूप दिए जाने की बात कही जा रही है।

ऑनलाइन टिकट लेने वाले यात्री अभी भी कम

नोएडा डिपो से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, रोडवेज बसों में ऑनलाइन टिकटिंग का चलन अभी शुरुआती दौर में है। फिलहाल कुल यात्रियों में सिर्फ 5 से 7 प्रतिशत लोग ही डिजिटल बुकिंग का विकल्प चुन रहे हैं। त्योहारों के दौरान जरूर यह आंकड़ा बढ़कर करीब 10 प्रतिशत तक पहुंच जाता है, जब सीट की मारामारी और भीड़ अधिक होती है। दिलचस्प बात यह है कि नोएडा होकर गुजरने वाली कई निजी बसों में ऑनलाइन टिकट पहले से ही यात्रियों की पहली पसंद बन चुका है और अधिकांश लोग सफर से पहले ही मोबाइल पर टिकट कन्फर्म कर लेते हैं। ऐसे में रोडवेज भी अब डिजिटल बुकिंग को तेजी से बढ़ाने पर जोर दे रहा है, ताकि नोएडा के यात्रियों को लाइन और झंझट से पूरी तरह राहत मिल सके। Noida News

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नोएडा में मां की डांट से टूट गया 12 साल का बेटा, उठाया खौफनाक कदम

सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतरवाया और आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस को दिए बयान में मां ने बताया कि उनका बेटा अमित उर्फ गोलू टीवी देखने की आदत से जूझ रहा था। कई बार समझाने के बावजूद वह पढ़ाई छोड़कर स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताता था।

नोएडा में बच्चे की आत्महत्या
नोएडा में बच्चे की आत्महत्या
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 09:40 AM
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Noida News : नोएडा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नोएडा फेस-2 थाना क्षेत्र के नंगला चरणदास इलाके में 12 साल के एक बच्चे ने कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि बच्चा टीवी देखने का आदी था और मां द्वारा डांटे जाने के बाद वह भीतर से टूट गया। जिस वक्त उसने यह कदम उठाया, उस समय घर में कोई नहीं था मां नौकरी पर थीं और बड़ी बहन स्कूल गई हुई थी। घटना की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई और हर कोई स्तब्ध रह गया।

एक नाराजगी ने छीन ली जिंदगी

परिवार के मुताबिक, दोपहर में जब बड़ी बहन स्कूल से घर लौटी, तो अंदर का नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। बच्चे का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था। घबराई बहन ने तुरंत डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतरवाया और आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस को दिए बयान में मां ने बताया कि उनका बेटा अमित उर्फ गोलू टीवी देखने की आदत से जूझ रहा था। कई बार समझाने के बावजूद वह पढ़ाई छोड़कर स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताता था। मां चाहती थीं कि बेटा पढ़-लिखकर कुछ बने, इसलिए अक्सर उसे पढ़ाई पर ध्यान देने की हिदायत देती थीं। घटना वाले दिन सुबह मां जब प्राइवेट नौकरी के लिए निकलने लगीं, तब अमित टीवी देख रहा था। मां ने उसे डांटा और काम पर चली गईं। आरोप है कि मां के जाते ही बच्चा भावनात्मक रूप से टूट गया और उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

थाना फेज-2 के प्रभारी अवधेश कुमार के अनुसार, यह मामला तीन दिन पहले का है। पुलिस को सूचना मृतक की बहन ने दी थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कम उम्र में इस तरह का कदम उठाना बेहद चिंताजनक है। बच्चों में मोबाइल-टीवी की आदत तेजी से बढ़ रही है और कई बार छोटी-सी बात उन्हें गहरे स्तर पर प्रभावित कर देती है। इस मामले में भी आशंका जताई जा रही है कि बच्चा स्क्रीन कंटेंट के प्रभाव में था और उसने आत्महत्या जैसे कदम के बारे में पहले कहीं से जानकारी ली होगी हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

तलाक के बाद अकेली मां पर थी पूरी जिम्मेदारी

स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चों की मां का करीब पांच साल पहले तलाक हो चुका है। वह अकेले ही दोनों बच्चों की परवरिश कर रही थीं। बड़ी बेटी मोनी (कक्षा 9) पढ़ाई में तेज बताई जा रही है। अमित भी पढ़ने में अच्छा था, लेकिन उसके व्यवहार में टीवी/मोबाइल की लत के कारण बदलाव दिखने लगे थे। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा है और लोग परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। Noida News

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कुख्यात माफिया सरगना रवि काना को जान का खतरा?

एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर बांदा तक रवि काना का कहीं भी कुछ पता नहीं चल पाया है। इस बीच सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रवि काना की जान को खतरा हो सकता है।

माफिया रवि काना
माफिया रवि काना
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar06 Feb 2026 05:03 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में कुख्यात माफिया सरगना रवि काना चर्चा का विषय बना हुआ है। एक सप्ताह से नोएडा कमिश्नरी की पुलिस के साथ ही उत्तर प्रदेश भर की पुलिस रवि काना को तलाश कर रही है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर बांदा तक रवि काना का कहीं भी कुछ पता नहीं चल पाया है। इस बीच सूत्रों के हवाले से पता चला है कि रवि काना की जान को खतरा हो सकता है। यह बड़ा सवाल है कि क्या वास्तव में कुख्यात माफिया सरगना रवि काना की जान खतरे में है?

अनेक सफेदपोश हैं रवि काना के राजदार

आपको बता दें कि नोएडा से लेकर लखनऊ तक रवि काना के अनेक संरक्षक रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अनेक अधिकारियों, राजनेताओं तथा पत्रकारों को रवि काना से मोटी रकम मिलती थी। रवि काना की पाप की कमाई में से पैसा लेकर सफेदपोश अफसर, नेता तथा पत्रकार रवि काना को संरक्षण प्रदान करते थे। रवि काना के ज्यादातर संरक्षकों को डर है कि यदि कभी रवि काना ने उनके नाम उजागर कर दिए तो वे मुसीबत में फंस सकते हैं। जानकार सूत्रों का दावा है कि जेल से बाहर आने पर रवि काना के राजदार रवि काना की हत्या करवा सकते हैं।

जेल के अंदर अधिक सुरक्षित था रवि काना

उत्तर प्रदेश पुलिस के एक बड़े अधिकारी ने दावा किया है कि रवि काना जेल में अधिक सुरक्षित था। चेतना मंच के साथा एक अनौपचारिक बातचीत में पुलिस अधिकारी ने बताया कि रवि काना के अनेक दुश्मन बड़े-बड़े पदों पर बैठे हुए हैं। जेल से बाहर रहने पर रवि काना की कोई भी हत्या करवा सकता है। इस बीच बांदा पुलिस ने दावा किया है कि जेल से निकलने के बाद रवि काना को एक गाड़ी में बैठकर घाटमपुर की तरफ जाते हुए देखा गया था। घाटमपुर की तरफ जाने के बाद से रवि काना की कोई लोकेशन पुलिस को अभी तक नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश पुलिस समझ ही नहीं पा रही है कि आखिर रवि काना कहां गायब हो गया है। 

अपने किसी साथी की मदद से छिपा हुआ है रवि काना

चेतना मंच ने पहले भी खबर दी थी कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड में किसी अज्ञात स्थान पर छिपा हुआ है। पिछले एक सप्ताह से नोएडा कमिश्नरी पुलिस से लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस माफिया सरगना रवि काना को तलाश कर रही है। बांदा जेल से रिहा होने के बाद रवि काना का नोएडा से लेकर बांदा तक कहीं भी पता नहीं चल रहा है। नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है। इस खुफिया जानकारी के आधार पर नोएडा पुलिस रवि काना के सभी पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल कर रही है।

कहां गायब हो गया रवि काना?

नोएडा पुलिस से लेकर अलग-अलग जिलों में उत्तर प्रदेश पुलिस रवि काना की तलाश में जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के तमाम प्रयास करने के बावजूद रवि काना का कहीं भी पता नहीं चल रहा है। खुफिया एजेंसी के इनपुट के आधार पर नोएडा पुलिस ने रवि काना के पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल तेज कर दी है। जेल से बाहर आने के बाद रवि काना कहां गया, इसकी किसी को भनक तक नहीं है। न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया हुआ है। आपको बता दें कि रवि काना एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है, जिसका गैंग नंबर डी-190 है। इस गैंग में कुल 18 सदस्य हैं। रवि काना और उसके गैंग के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत एनसीआर के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध तरीके से स्क्रैप और सरिया के कारोबार से जुड़ा था। गैंग के सदस्य स्क्रैप और सरिया कारोबारियों को डराने-धमकाने, चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इन अपराधों के जरिए अवैध रूप से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई, जिसे रवि काना, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराया गया है।

बड़ी-बड़ी कंपनियों का मालिक है माफिया सरगना रवि काना

रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अनेक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। रवि काना की कंपनियों में मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, न्यू कृष्णा स्टील, एस्कोन एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, हनुमत मैटल प्राइवेट लिमिटेड, अकीरा स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेएसआर रोड लाइन्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना ने एक मामले में अग्रिम जमानत लेते समय न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया। पासपोर्ट जमा न कराते हुए वह एक जनवरी 2024 को विदेश फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और 24 अप्रैल 2024 को भारत लाकर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अवैध साम्राज्य खड़ा कर रखा था रवि काना ने

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रवि काना का नाम सब जानते हैं। रवि काना कुख्यात माफिया है। रवि काना ने एक बड़ा गिरोह बनाकर स्क्रैप के कारोबार को बड़ा धंधा बना रखा था। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा मामलों में रवि काना के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की थी। रवि काना तथा उसके साथियों को नोएडा पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित कर रखा था। बांदा जेल के एक जेलर की गलती से रिहा होने के बाद रवि काना फरार हो गया है। रवि काना के फरार होने के बाद से चारों तरफ उसकी तलाश जारी है।

दर्जनों सहयोगी हैं रवि काना के गिरोह में 

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेेत्र में स्क्रैप का बड़ा अवैध धंधा चलता रहा है। इस पूरे धंधे का संचालन रवि काना का गिरोह करता रहा है। रवि काना के गिरोह में दो दर्जन से अधिक अपराधी शामिल हैं। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने रवि काना के गिरोह का जो गैंग चार्ट बनाया है उस गिरोह का मुखिया रवि नागर उर्फ रवि काना है। रवि काना के पिता का नाम यतेन्द्र है। वह मूल रूप से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दनकौर थाने के अंतर्गत आने वाले दादूपुर गाँव का रहने वाला है। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने गैंग चार्ट में रवि काना को कुख्यात माफिया के तौर पर दर्ज किया गया है। यह गिरोह अवैध रूप से स्क्रैप का धंधा करता है। व्यापारियों तथा उद्योगपतियों को डरा-धमकाकर अवैध रूप से वसूली करना रवि काना के गिरोह का पुराना धंधा है। नोएडा तथा ग्रेेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय रवि काना के गिरोह में 25 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इस गिरोह में चर्चित पत्रकार पंकज पाराशर का नाम भी शामिल है। पंकज पाराशर मूल रूप से बागपत जिले का रहने वाला है उसके पिता का नाम राजकरन शर्मा है। रवि काना के गिरोह के अन्य सदस्यों में बुलंदशहर जिले में औरंगाबाद क्षेत्र के गाँव मिकनपुर का सूरज, ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 में रहने वाले भागमल का पुत्र राजेन्द्र सिंह, एक और पत्रकार महकारा सिंह भाटी, फिरोज खान, अवधेष सिसौदिया, देव शर्मा, हरवीर सिंह, विवेक कुमार, हरवीर सिंह की पत्नी बबीता, विकास नागर, अनिल उर्फ मिंटू नागर, शमशीर हसन, राजेन्द्र सिंह नागर की पत्नी पूनम, अमर सिंह उर्फ अवध उर्फ बिहारी, राजकुमार नागर, आजाद नगर, तरूण छौंकर, काजल झा, रवि काना की पत्नी मधु नागर, महकी, तथा विकास कुमार आदि के नाम शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि रवि काना के गिरोह के इन सदस्यों के अलावा भी उसके कुछ और गुर्गे जरूर होंगे। यह भी बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रवि काना के कुछ गुर्गे उसके पैसों को ब्याज पर चलाने का काम भी करते हैं। रवि काना किस गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है यह बहुत बड़ा सवाल है। Noida News

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