सुपरटेक प्रोजेक्ट के फ्लैट बायर्स के लिए बड़ी राहत, 16 प्रोजेक्ट पूरा करेगी NBCC
दिल्ली-एनसीआर में सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी) को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन होम बायर्स के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच फ्लैट बुक किए थे और लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे।

Noida News : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी) को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन होम बायर्स के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच फ्लैट बुक किए थे और लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे। अनुमानित तौर पर यह कदम 51,000 से अधिक होम बायर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा।
मुख्य बातें:
1. परियोजनाओं की जिम्मेदारी एनबीसीसी को:
सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को आदेश दिया है कि वह इन प्रोजेक्ट्स को दो साल के भीतर पूरा करे।
2. सुपरटेक की विफलता:
अदालत ने पाया कि सुपरटेक समय पर प्रोजेक्ट्स पूरा करने में असफल रही और कंपनी पर धन गबन के आरोप हैं।
3. एनसीएलएटी का आदेश बरकरार:
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के उस निर्णय को भी बनाए रखा, जिसमें कहा गया था कि प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने और होम बायर्स के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनबीसीसी को प्रोजेक्ट्स सौंपे जाएं।
4. अंतिम और बाध्यकारी आदेश:
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसका आदेश अंतिम और बाध्यकारी है। किसी भी अदालत या फोरम को प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं है।
फेज-1 प्रोजेक्ट्स (एनबीसीसी को हस्तांतरित):
1. इको विलेज 2 सेक्टर 168, ग्रेटर नोएडा
2. रोमानो सेक्टर 118, नोएडा
3. केपटाउन सेक्टर 74, नोएडा
4. जार सुइट्स ग्रेटर नोएडा
5. इको विलेज 3 सेक्टर 16बी, ग्रेटर नोएडा
6. स्पोर्ट्स विलेज सेक्टर 10, ग्रेटर नोएडा
7. इको सिटी सेक्टर 137, नोएडा
Noida News : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सुपरटेक के 16 अधूरे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंसट्रक्शन कंपनी) को हस्तांतरित करने का आदेश दिया है। यह फैसला उन होम बायर्स के लिए राहत लेकर आया है जिन्होंने 2010 से 2012 के बीच फ्लैट बुक किए थे और लंबे समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे। अनुमानित तौर पर यह कदम 51,000 से अधिक होम बायर्स के लिए फायदेमंद साबित होगा।
मुख्य बातें:
1. परियोजनाओं की जिम्मेदारी एनबीसीसी को:
सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को आदेश दिया है कि वह इन प्रोजेक्ट्स को दो साल के भीतर पूरा करे।
2. सुपरटेक की विफलता:
अदालत ने पाया कि सुपरटेक समय पर प्रोजेक्ट्स पूरा करने में असफल रही और कंपनी पर धन गबन के आरोप हैं।
3. एनसीएलएटी का आदेश बरकरार:
सुप्रीम कोर्ट ने एनसीएलएटी के उस निर्णय को भी बनाए रखा, जिसमें कहा गया था कि प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने और होम बायर्स के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनबीसीसी को प्रोजेक्ट्स सौंपे जाएं।
4. अंतिम और बाध्यकारी आदेश:
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसका आदेश अंतिम और बाध्यकारी है। किसी भी अदालत या फोरम को प्रोजेक्ट्स के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं है।
फेज-1 प्रोजेक्ट्स (एनबीसीसी को हस्तांतरित):
1. इको विलेज 2 सेक्टर 168, ग्रेटर नोएडा
2. रोमानो सेक्टर 118, नोएडा
3. केपटाउन सेक्टर 74, नोएडा
4. जार सुइट्स ग्रेटर नोएडा
5. इको विलेज 3 सेक्टर 16बी, ग्रेटर नोएडा
6. स्पोर्ट्स विलेज सेक्टर 10, ग्रेटर नोएडा
7. इको सिटी सेक्टर 137, नोएडा












