
Noida Floods[/caption]
जिस प्रकार से करोना काल में आमजन पर आई आपदा को यहां के लोगों ने मिल बांट कर संभाला था। वैसे ही जमुना किनारे डूब क्षेत्र में आई बाढ़ में जिनके घर डूब गए हैं। मवेशी पानी में तैर रहे थे। क्योंकि पानी आते ही वे सिर्फ अपने बच्चे उठाकर तथा अपने पशु धन की रस्सी खोल पुस्ते पर आ गए थे। सैक्टर 135 तथा आस पास के सामुदायिक केंद्र में रुक गए हैं। जहां जिसको ठिकाना मिला वहाँ रुका हुआ है । आपको पढ कर अच्छा लगेगा कि नोएडा के लोग ही उनकी मदद को सबसे ज्यादा आगे बढ़ आए हैं । यहां की समाजसेवी संस्थाएं, प्राधिकरण फोनरवा के अध्यक्ष योगेन्दर शर्मा महासचिव के के जैन। उस जगह को देखने और वहां बाढ़ में घिरे इन लोगों का कष्ट बांटने बहुत सी राहत सामग्री लेकर गए थे।
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नॉएडा शहर पर आई आपदा जिसे बाढ़ कहते हैं, से परेशान लोगों की मदद करने के लिये योगेन्देर शर्मा अपनी टीम मेंबर्स के साथ यमुना पुश्ते पर विस्थापितों के लिये भोजन देने गये । शाम का वक्त जब घरों में पानी है ,भूख तो अपने समय पर लगेगी ऐसे में उनके लिए खाने के लिए पक्का तथा कच्चा हर प्रकार का भोजन था। एन के सोलंकी सैक्टर 82 अध्यक्ष ज्यादा समय वहीं बिता रहे हैं। भोजन के साथ साथ ज्यादा समस्या होती है पीने के पानी की । पीने का शुद्ध पानी भी टीम अपने साथ लिये थी । जमीनी समस्याऐं तो उनकी सिर्फ सही समय पर मॉनिटरिंग की वजह से आ जाती हैं। परंतु प्राकर्तिक आपदाएं बिना बताये। यही कारंण है अपनी पक्की फसल देख खुश हो रहे ,बंटाई पर खेती कर हमें खिलाने वाले किसान आज हमारी और देख रहे हैं। लगभग सभी आर डब्लू ए अध्यक्ष या महासचिव विपिन शर्मा, प्रदीप बोहरा ,सुमित कश्यप ,पवन यादव, एनके सोलंकी, अंजना भागी ,एके सहगल अशोक, शर्मा अशोक त्यागी, जयपाल सिंह, प्रशांत त्यागी, जीसी शर्मा, पुष्कर शर्मा,भूषण शर्मा , वेग राज गुर्जर, लाट साहब लोहिया, उमाशंकर शर्मा उनके साथ थे।