नोएडा प्राधिकरण में बड़ा फेरबदल, सीईओ कृष्ण करूणेश ने बदली व्यवस्था

नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ कृष्णा करूणेश ने दोनों अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (एसीईओ) तथा ओएसडी क्रांति शेखर के कार्यों में फेरबदल किया है। यह व्यवस्था पुरानी लचर व्यवस्थाओं के मद्देनजर लिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ कृष्णा करूणेश
नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ कृष्णा करूणेश
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 02:00 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ का प्रभार लेने के बाद कृष्ण करूणेश ने पुरानी कार्य वितरण व्यवस्था में कई व्यापक परिवर्तन किए हैं। नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ कृष्णा करूणेश ने दोनों अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारियों (एसीईओ) तथा ओएसडी क्रांति शेखर के कार्यों में फेरबदल किया है। यह व्यवस्था पुरानी लचर व्यवस्थाओं के मद्देनजर लिया गया है।

वंदना त्रिपाठी के पास अब 1-5 वर्क सर्किल

सीईओ कृष्ण करूणेश ने एसीईओ वंदना त्रिपाठी को जिला सरकारी अस्पताल, आरटीआई, जनशिकायत निस्पादन, उप्र सरकार के संदर्भित विचाराधीन मामले, सांस्कृतिक गतिविधियां, संसदीय व विधानसभा प्रश्नावली, कार्मिक विभाग, आधारभूत ढांचा व विभिन्न कर, पुनर्वास, उद्यान, संस्थागत, ग्रुप हाउसिंग, आरडब्ल्यूए, मुख्य मंत्री की घोषणाएं व महत्वपूर्ण संदर्भ, सेक्टर-14ए क्लब, आईटीएमएस/ प्रोजेक्ट, मोबाइल टॉवर तथा जीबीएम सेवा, कंप्यूटरीकरण तथा सिस्टम मैनेजमेंट बिल्टअप हाउसिंग, आईजीआरएस, वित्त एवं एकाउंट, बोर्ड बैठक, सिविल कार्य तथा इंफोर्समेट (वर्क सर्किल 1-5) तथा क्लब सेक्टर-27 के संबंधित विभाग सौंपे हैं।

नोएडा में जिम्मेदारियों का बड़ा पुनर्वितरण

वहीं एसीईओ सतीश पाल को सामान्य प्रशासन, बिल्डिंग सेल/टाउन प्लानिंग तथा आर्किटेक्चर, स्पोर्ट्स सिटी, विधि विभाग, नोएडा ट्रैफिक सेल तथा सिटी बस परिचालन प्रकोष्ठ, इलेक्ट्रिकल-मैकेनिकल, एनसीआर से संबंधित मामले, टेक्रीकल एवं ऑडिट सेल, सिविल कार्य / इंफोर्समेंट (वर्क सर्किल 6-10), स्टोर परचेज विभाग, स्टाफ क्वार्टर्स, सुरभा संबंधी कार्य, स्वागत कक्ष तथा कॉल सेंटर (सेक्टर-6 कार्यालय), औद्योगिक, ग्राम्य विकास, डीएनजीआईआर/ (प्लानिंग) डीएनसीआईआर (लैंड), स्पोर्ट्स, खेल समिति/ नोएडा स्पोर्ट्स ट्रस्ट, सभी डिवीजन की भूतल पार्किंग, मल्टीलेविल तथा आंडरग्राउंड पार्किंग (वर्क सर्किल 1-2) तथा सेक्टर-18 की भूतल पार्किंग, आवासीय भंूखड, भूअधिग्रहण तथा भूरिकार्ड एवं आबादी आदि विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है। ओएसडी क्रांति शेखर की जल वाह्य एजेंसीज, गंगाजल/ जल एवं सीवर, वाणिज्यिक, जनस्वास्थ्य (वर्क सर्किल 1-5), जनस्वास्थ्य (वर्क सर्किल 1-10), सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: मीडिया एवं आईईसी अभियान/ बायोरेमिडेशन प्लांट/एअर क्वालिटी इंडेक्स/ (एक्यूआई/एनजीटी/ वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट तथा साइट, भू-अधिग्रहण, भूरिकॉर्ड तथा आबादी, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया तथा प्रचार एवं डीएनजीआईआर लैंड) के विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई। उक्त आदेश तुरंत प्रभाव से लागू माने जाएंगे। Noida News

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नोएडा, ग्रेटर नोएडा तथा यीडा में अनेक तबादले, अचानक हुआ आदेश

स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सबसे पहला नाम नोएडा प्राधिकरण में तैनात रूप वशिष्ठ का है जिनको नोएडा से यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक सिविल पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

नोएडा शासन का बड़ा फेरबदल
नोएडा शासन का बड़ा फेरबदल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar28 Jan 2026 01:43 PM
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Noida News : नोएडा शासन ने देर शाम नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रसेवे औद्योगिक विकास तथा यूपीसीडा में तैनात कई अधिकारियों के तबादले किए हैं। एसआईटी कमेटी की रिपोर्ट पर कार्यवाही के पूर्व इन तबादलों को युवराज हादसे की घटना से भी  जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानांतरित किए गए अधिकारियों में सबसे पहला नाम नोएडा प्राधिकरण में तैनात रूप वशिष्ठ का है जिनको नोएडा से यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक सिविल पद पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके बाद यमुना प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर कार्यरत प्रदीप कुमार को ग्रेटर नोएडा में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर भेजा गया है।

किन अधिकारियों का कहां हुआ तबादला?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर कार्य चेतराम को यूपीसीडा में वरिष्ठ प्रबंधक सिविल के पद पर भेजा गया है। नोएडा में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर तैनात राकेश कुमार को भी यूपीसीडा भेजा गया है। यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक के पद पर कार्यरत यशपाल सिंह को नोएडा प्राधिकरण में तैनाती दी गई है। ग्रेटर नोएडा से संबद्ध यूपीसीडा में उपमहाप्रबंधक सलिल यादव को यूपीसीडा में ही उपमहाप्रबंधक प्रबंधक के पद पर तैनाती दी गई है।

देर रात जारी हुए आदेश

इनके अलावा यमुना प्राधिकरण में प्रबंधक जितेंद्र कुमार यादव को नोएडा में तनाती दी गई है। देर रात हुई इस कार्यवाही को लेकर सभी प्राधिकरणों में निर्देश दिए गए हैं कि वह मौजूद कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य मुक्त कर उनको रिलीव कर दें। Noida News


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कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी की भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल

गौतमबुद्धनगर की जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा है कि जिस स्थान की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की थी, उसे अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? यह सवाल उस वक्त उठा जब गिरफ्तार बिल्डरों की जमानत याचिका पर बहस हो रही थी।

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नोएडा अथारिटी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar28 Jan 2026 01:39 PM
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Noida News : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। गौतमबुद्धनगर की जिला अदालत ने सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा है कि जिस स्थान की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी की थी, उसे अब तक आरोपी क्यों नहीं बनाया गया? यह सवाल उस वक्त उठा जब गिरफ्तार बिल्डरों की जमानत याचिका पर बहस हो रही थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि जिस गहरे गड्ढे में युवराज की कार डूबी, उसमें पिछले कई वर्षों से पानी भरा हुआ था। इसके बावजूद, मरम्मत के लिए धन स्वीकृत होने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

कोर्ट की नाराजगी: जांच में लापरवाही उजागर

सुनवाई के दौरान अदालत उस समय और सख्त हो गई जब जांच अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि बिल्डर की ओर से सौंपी गई करीब 500 पन्नों की रिपोर्ट उन्होंने अब तक पढ़ी ही नहीं है। इस बयान पर अदालत ने गहरी नाराजगी जताई और इसे जांच में गंभीर लापरवाही बताया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी और 2 फरवरी को तय की गई है।

16 जनवरी की रात: जब सिस्टम ने साथ छोड़ दिया

16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में एक निमार्णाधीन प्लॉट में भरे पानी में युवराज मेहता की कार फंस गई। गाड़ी धीरे-धीरे पानी में डूबती चली गई। युवराज ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर यह संकेत देने की कोशिश की कि वह जिंदा है। मौके पर पुलिस, दमकल विभाग और एसडीआरएफ के लगभग 80 कर्मी मौजूद थे, लेकिन प्रभावी रेस्क्यू नहीं हो सका। युवराज के पिता अधिकारियों के सामने गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। एक रेस्क्यू कर्मी पानी में उतरा जरूर, पर ठंड और लोहे की सरिया के डर से तुरंत बाहर आ गया। अंतत: एक डिलीवरी एजेंट मुनेंद्र सिंह ने साहस दिखाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

हाईटेक शहर में संसाधनों की हकीकत

इस घटना ने उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित माने जाने वाले जिले की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू प्रयासों के दौरान न तो कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही नोएडा अथॉरिटी का कोई प्रतिनिधि दिखाई दिया। फिलहाल पुलिस ने तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया है, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या सिर्फ बिल्डर दोषी हैं, या उस सिस्टम की भी जिम्मेदारी तय होगी जिसने खतरे को वर्षों तक नजरअंदाज किया?

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