दीपावली से पहले गौतमबुद्ध नगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कई खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।

Noida News : दीपावली के त्योहार से पहले गौतमबुद्ध नगर में मिलावटी और खराब खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। अभियान के दौरान पांच खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। वहीं, सेक्टर-52 स्थित बीकानेर स्वीट्स की निर्माणशाला में प्रथम दृष्टया प्रदूषित पाए गए करीब 135 किलोग्राम रसगुल्ले और खोया नष्ट कराया गया।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमें 3 नवंबर की रात और 4 नवंबर 2026 को जांच अभियान में जुटी रहीं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीरेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और रविंद्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल पर वाहन संख्या UP81BT7774 को जांच के लिए रोका। वाहन में हरेंद्र डेयरी, गढ़ी अरनिया जटवार, अलीगढ़ से पनीर दिल्ली ले जाया जा रहा था। टीम ने पनीर के दो नमूने संग्रहित किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और अमर बहादुर सरोज की टीम ने ग्रेटर नोएडा की परशुराम विहार कॉलोनी स्थित एमके स्वीट का निरीक्षण किया। यहां से बूंदी के लड्डू का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल कुमार गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने नोएडा के सेक्टर-52 गिझोड़ स्थित बीकानेर स्वीट्स की निर्माणशाला में जांच की। यहां से छेना रसगुल्ला और खोया के नमूने संग्रहित किए गए।
बीकानेर स्वीट्स की निर्माणशाला में जांच के दौरान करीब 135 किलोग्राम रसगुल्ले और खोया प्रथम दृष्टया प्रदूषित अवस्था में पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए मौके पर ही नष्ट करा दिया। इसके साथ ही निर्माणशाला में बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ तैयार किए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग ने साफ-सफाई और जरूरी सुधार होने तक प्रतिष्ठान का रजिस्ट्रेशन निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। तब तक कारोबार के संचालन पर भी रोक लगा दी गई है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लाइसेंसधारी और पंजीकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें और उसका बिल जरूर रखें। उन्होंने निर्माण तिथि, बैच नंबर और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के बाद ही खरीद-बिक्री करने की हिदायत दी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दीपावली तक छापेमारी और नमूने संग्रहित करने का अभियान जारी रहेगा, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
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