नोएडा के हाजीपुर में 7,950 वर्गमीटर जमीन पर बने कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई के बाद मामला गरमा गया है। जमीन की कीमत 8 अरब रुपये से अधिक होने का दावा है।

Noida News : नोएडा क्षेत्र के हाजीपुर (Hajipur) गाँव की जमीन पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी तथा जेवर क्षेत्र यानी गौतमबुद्ध नगर जिले का सबसे बड़ा भूमि घोटाला (जमीन का घोटाला) प्रकाश में आया है। नोएडा के हाजीपुर गाँव में हुआ जमीन का यह घोटाला 8 अरब रुपए से भी अधिक का है। इससे पहले इसी क्षेत्र में 100 करोड़ रूपए का घोटाला प्रकाश में आया था।
आपको बता दें कि 8 अरब रूपए का घोटाला नोएडा में भंगेल तथा सलारपुर से लेकर हाजीपुर गाँव तक फैली हुई अरबों नहीं बल्कि खरबों रूपए मूल्य की जमीन के उस टुकड़े पर हुआ है जो नोएडा क्षेत्र के हाजीपुर गाँव के क्षेत्र में पड़ता है। इस जमीन का खसरा नम्बर-412 है। यह जमीन 7950 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैली हुई है। हाजीपुर क्षेत्र में सक्रिय हमारे सहयोगी (संवाददाता) ने बताया कि जिस स्थान पर यह जमीन स्थापित है उस स्थान पर जमीन की कीमत 10 लाख रूपए प्रति वर्ग मीटर है। इस प्रकार 7950 वर्ग मीटर X 10 लाख रूपए = 8 अरब यानि 8 हजार करोड़ रूपए मूल्य की है। दरअसल यह जमीन नोएडा प्राधिकरण की अधिग्रहित तथा कब्जा प्राप्त जमीन है।

आपको बता दें कि नोएडा प्राधिकरण के द्वारा अधिग्रहित (Acquire) की गई 7950 वर्ग मीटर जमीन पर सुनील त्यागी तथा मनोज नेहरा नाम के चर्चित भू-माफिया ने अवैध रूप से कब्जा करके सैकड़ों करोड़ रूपए में एक मॉल खड़ा कर दिया। मॉल बन जाने से इस जमीन की कीमत बढक़र 16 अरब रूपए तक हो गई। जब यह मॉल नोएडा से लेकर लखनऊ में बैठे हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव तक चर्चा का विषय बना तो लखनऊ के अफसरों ने नोएडा में फोन खडख़ड़ाया। लखनऊ से आए हुए फोन के बाद नोएडा प्राधिकरण ने कुछ देर के लिए मॉल के ऊपर बुलडोजर चलाने का ड्रामा किया।
नोएडा में चला बुलडोजर खूब रही चर्चां
आपको बता दें कि नोएडा शहर के हाजीपुर गाँव में आज दोपहर को नोएडा प्राधिकरण की तरफ से बुलडोजर चलाने का ड्रामा किया गया। इस ड्रामे को लेकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने नोएडा में सक्रिय कुछ तथाकथित बड़े मीडिया हाउसों को ‘‘मलाई’’ चटाकर उनसे बड़े-बड़े समाचार प्रकाशित कराए। उन समाचारों में जो प्रकाशित किया गया उसे हम यहां नीचे ज्यों का त्यों प्रकाशित कर रहे हैं ताकि पाठकों को पता चले कि नोएडा प्राधिकरण में तैनात अधिकारी किस प्रकार से मीडिया को मैनेज करके करोड़ों रूपए के खेल में शामिल करते हैं तथा किस प्रकार आम जनता, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा सरकार की आँखों में धूल झोंकते हैं। नोएडा के तथाकथित बड़े-बड़े मीडिया हाउसों ने 11 सितंबर 2026 को हाजीपुर की जमीन के ऊपर जो कवरेज की है वह कुछ इस प्रकार है कि :-
नोएडा में अवैध निर्माण के खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण की टीम ने सेक्टर-104 के हाजीपुर गांव में बने एक अवैध पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और निर्माण को गिराने के लिए प्राधिकरण की कई जेसीबी मशीनें लगाई गईं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ प्राधिकरण ने अपना अभियान तेज कर रखा है। प्राधिकरण की कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों में हडक़ंप मचा हुआ है।{कुछ मीडिया हाउसों ने हाजीपुर के 8 अरब रूपए मूल्य की जो खबर चलाई है उसकी एक बानगी नीचे दी गई खबर भी है, इस खबर में लिखा गया है कि :-
मिली जानकारी के अनुसार, सेक्टर-104 स्थित हाजीपुर गांव में करीब 7,950 वर्गमीटर जमीन पर पांच मंजिला कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स (Commercial Complex) का निर्माण किया गया था। प्राधिकरण की टीम ने इस निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मौके पर सात जेसीबी मशीनें लगाईं। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने, इसके लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा। तस्वीरों में भी देखा जा सकता है कि प्राधिकरण की मशीनें निर्माण के हिस्सों को तोडऩे में जुटी हैं। इससे साफ है कि प्राधिकरण अब अवैध निर्माण के मामलों में केवल नोटिस तक सीमित रहने के बजाय मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा है। इस पूरे मामले में अदालत के आदेश के बाद प्राधिकरण की कार्रवाई विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नोएडा में अवैध निर्माण से जुड़े कई मामले लंबे समय से न्यायालयों तक पहुंचते रहे हैं। ऐसे में कोर्ट के आदेश के बाद प्राधिकरण द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त प्रशासनिक रुख का संकेत देती है। प्राधिकरण की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हाल के दिनों में भी नोएडा के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की गई है। सेक्टर-77 में भी प्राधिकरण ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पष्ट किया था कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोएडा में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर चलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि जब इस जमीन पर अवैध निर्माण शुरू हो रहा था, तब नोएडा प्राधिकरण को संबंधित विभागों की निगरानी कहां थी? 8 अरब रूपए मूल्य की 7950 वर्ग मीटर जमीन पर एक दिन में तो कब्जा हुआ नहीं होगा? 8 अरब रूपये मूल्य की इस जमीन के घोटाले में अकेला भू-माफिया सुनील त्यागी अथवा मनोज नेहरा या फिर नोएडा प्राधिकरण में तैनात मैनेजर व महाप्रबंधक तक ही शामिल नहीं होंगे बल्कि यह मामला ‘‘ऊपर” या यूं कहें कि बहुत ‘‘ऊपर” तक जरूर पहुंचा होगा। चेतना मंच इस विषय पर अपनी पूरी टीम के साथ व्यापक छानबीन कर रहा है। इस छानबीन के आधार पर सोमवार 14 सितंबर 2026 को दिन भर पाठकों को नई-नई जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। सबको पता है कि चेतना मंच उत्तर प्रदेश का ही नहीं पूरे देश का एक बड़ा न्यूज पोर्टल है https://chetnamanch.com/ को पाठकों का खूब प्यार मिल रहा है। पाठकों की इसी शक्ति को आधार बनाकर चेतना मंच पिछले 27 वर्षों से बड़े-बड़े घोटाले उजागर करता रहा है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में हुआ भू-माफिया मोती गोयल (Moti Goyal) का सैकड़ों करोड़ रूपए का घोटाला हो या फिर नोएडा क्षेत्र में हुआ महर्षि आश्रम की जमीन का 100 करोड़ रूपये का घोटाला हो या फिर नोएडा की मिनी मुख्यमंत्री रही नोएडा प्राधिकरण की तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO श्रीमती नीरा यादव (Mrs. Neera Yadav) के द्वारा किया गया हजारों करोड़ रूपये मूल्य का घोटाला हो या फिर नोएडा प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO सरदार मोहिन्दर सिंह (Sardar Mohinder Singh) के द्वारा चलाया गया ‘‘खुल्ला खेल फर्रूखाबादी” हो इन सब मुददों पर चेतना मंच ने हमेशा सच को केवल सच ही कहा है। Noida News :
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