Thursday, 3 April 2025

नोएडा हिन्‍दी खबर, 31 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा…

नोएडा हिन्‍दी खबर, 31 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 31 मार्च को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।

Noida News: समाचार अमर उजाला से

अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “ग्रेनो में कल से पानी 10 फीसदी महंगा” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा में एक अप्रैल से पानी महंगा हो जाएगा। ग्रेनो प्राधिकरण ने आदेश जारी कर दिया है। नई दरें भी तय कर दी हैं। करीब 10 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। आवासीय भूखंडों में 190 से 2,199 रुपये प्रतिमाह की दर से पानी का शुल्क देना होगा, जबकि ग्रुप हाउसिंग व बिल्डर भूखंडों में 8,250 से लेकर 1,83,599 रुपये तक पानी का बिल हर माह वसूला जाएगा। इसका असर एक लाख से अधिक लोगों पर पड़ेगा। ग्रेनो प्राधिकरण आवासीय से लेकर औद्योगिक, व्यावसायिक और ग्रुप हाउसिंग भूखंडों में पीने के पानी की आपूर्ति करता है। फिर तय दरों पर उसका बिल वसूलता है। बढ़ाई गईं दरों का असर छोटे आवंटियों के साथ-साथ फ्लैटों में रहने वाले लोगों पर भी पड़ेगा। आवासीय भूखंडों के पानी का बिल अब 173 से 190 रुपये प्रतिमाह हो जाएगा, जबकि 1000 से 1100 वर्गमीटर के आवासीय भूखंड के पानी का बिल 200 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है। इससे साल में आवंटी पर 2,400 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

Noida News:

अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “हादसे के बाद भी नहीं जागा प्रशासन घरों में भी चल रहे पीजी और हॉस्टल” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि शहर में मानक विहीन चल रहे पीजी और हॉस्टल छात्रों और नौकरी करने वालों लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। अमर उजाला ने शनिवार को पड़ताल करके गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल की हकीकत देखी। अधिकतर हॉस्टलों में मानकों के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं मिलीं। सेक्टर बीटा-1 और अल्फा-1 में घर में हॉस्टल चलते मिले। नॉलेज पार्क-3 के कई हॉस्टल में एक ही द्वार देखने को मिला। अगर कोई हादसा होता है तो लोग अंदर ही फंसे रह जाएंगे। बृहस्पतिवार की रात नॉलेज पार्क के अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल के दूसरे तल पर आग लग गई थी। बालकनी से नीचे उतरने के दौरान लड़की गिरकर बुरी तरह से घायल हो -. गई थी। इसके बाद भी शहर का जिम्मेदार प्रशासन अनजान बना हुआ है। बीटा-1 में घर में हॉस्टल चल रहा है, जिसमें आने-जाने के लिए एक ही द्वार मिला और काफी स्थिति खराब पाई गई। आग बुझाने के यंत्र तक नहीं मिले। ऐसे में अगर आग लग जाती है तो उस पर काबू पाना आसान नहीं होगा। यहां 30 से 40 लोग रहते हैं। अल्फा-1 में घर में हॉस्टल संचालित मिला। इसमें भी आग बुझाने तक के कोई यंत्र नहीं मिला। यहां पर करीब 40 लड़के रह रहे हैं। नॉलेज पार्क में कई हॉस्टलों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले। आपातकालीन द्वार भी नहीं मिला। इन हॉस्टलों में सैकड़ों छात्र-छात्राएं और नौकरी-पेशा लोग रहते हैं।

Hindi News:

अमर उजाला ने 31 मार्च 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “2000 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि प्राधिकरण ने 13 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं में बकाएदार बिल्डरों को एनजीटी प्रभाव क्षेत्र का लाभ दिया है। यह लाभ 2 साल के जीरो पीरियड का दिया गया है। प्राधिकरण के प्रस्ताव पर शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई। इससे इन 13 बिल्डरों का बकाया सीधे 181.93 करोड़ रुपये कम होगा। वहीं इन परियोजनाओं में करीब 2000 फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता खुलेगा। यह वह परियोजनाएं हैं जिनके बिल्डर अपने बकाए का 25 प्रतिशत जमा कर अमिताभकांत समिति की सिफारिशों पर बनी जीरो पीरियड पॉलिसी में शामिल हो चुके हैं। इसमें पहले इनको दो साल का जीरो पीरियड का लाभ दिया जा चुका है। नोएडा में एनजीटी के प्रभाव क्षेत्र में कई ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट आते हैं। 2013 में एनजीटी के आदेश पर इन प्रोजेक्ट में काम रुक गया था। इसलिए बिल्डर यहां अलग से जीरो पीरियड मांग रहे थे। फंसी हुई ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के लिए आई जीरो पीरियड पॉलिसी में कोविड के दो साल के बाद एनजीटी प्रभाव क्षेत्र के दो साल के जीरो पीरियड का लाभ शामिल था। शर्त यह थी कि बिल्डर पहले बकाए का 25 प्रतिशत जमा करेगा तभी उसे कोविड के दो साल के जीरो पीरियड का लाभ मिलेगा। इसके बाद एनजीटी के दो साल के जीरो पीरियड के लिए केस-टू-केस रिव्यू किया जाएगा। इस रिव्यू के बाद 15 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को एनजीटी प्रभाव क्षेत्र के लाभ के लिए प्राधिकरण ने चुना था। इनमें दो का बकाया पहले ही जमा हो चुका है। जिन परियोजनाओं में पहले भी 2016 में एक बार 77 दिन का जीरो पीरियड का लाभ दिया जा चुका है। 2 साल के जीरो पीरियड के लाभ से यह 77 दिन भी घटाए जाएंगे।

Noida News: समाचार दैनिक जागरण से

दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 31 मार्च 2025 का प्रमुख समाचार “डंपिंग ग्राउंड शिफ्ट होने से पूर्व वेस्ट में लगी आग ” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर 117 में डंपिंग यार्ड को शिफ्ट करने से पहले ही वहां पड़े हार्टिकल्चर कचरे में आग लग गई। सूचना पर फायर विभाग की टीम पहुंची। कई गाड़ियों की मदद से आग को बुझाया गया। सेक्टर-32ए में बने डंपिंग ग्राउंड को यहां शिफ्ट करने के निर्देश का स्थानीय निवासीय लगातार विरोध कर रहे हैं। आसपास की सोसायटी निवासियों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। ऊपरी फ्लैट तक पहुंचे धुएं की वजह से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया। इससे पहले सेक्टर 32ए में बने डंपिंग यार्ड में – पिछले दिनों आग लगी थी जो करीब एक सप्ताह तक नहीं बुझी थी। सेक्टर 117 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष कोसिंदर यादव ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण के निर्देशों को भी नजरंदाज कर पिछले 5-7 दिन से सेक्टर-117 में प्रस्तावित डंपिंग यार्ड में उद्यान विभाग का कचरा डाला जा रहा था। रविवार सुबह करीब आठ बजे भंयकर आग लग गई। देखते ही देखते पश्चिम की तरफ से चलने वाली तेज हवा की वजह से आग की वजह से सेक्टर-117 व आस-पास की हाईराइजिंग सोसाइटियों में रहने वालों को सांस लेना मुश्किल कर दिया। इस वजह से सेक्टर 117 में बनी यूनिहोम्स सोसाइटी निवासियों को खास परेशानी का सामना करना पड़ा। धुएं का असर सोरखा गांव तक हुआ। यहां पर डंपिंग ग्राउंड बनने के बाद हजारों लोगों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

दैनिक जागरण के 31 मार्च 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “चार से पांच घंटे में पूरा होता था पोर्न वीडियो, आती थीं माडल” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि पोर्न साइट को कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए फ्लैट में स्टूडियो बनाने और माडल बुलाए जाने का मामला सामने आने के बाद आसपास के लोग भी आश्चर्यचकित हैं। उनका कहना है कि दिन में अक्सर माडल फ्लैट में आती थीं। फ्लैट में रहने वाले लोग आसपास के लोगों से ज्यादा बात नहीं करते थे।

ऐसे में ये लोग कौन थे और कहां से आते थे। इसकी किसी को भनक तक नहीं लग सकी। माडल दिन में चार से पांच घंटे तक रुकती थीं। इस बीच ही वीडियो शूट करने की बात सामने आ रही है। विदेश से 22.66 करोड़ रुपये की अवैध फंडिंग की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की टीम ने पोर्न साइट्स को कंटेंट उपलब्ध कराने वाले कंपनी निदेशक दंपती को दो दिन पहले गिरफ्तार किया था। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक अधिकांश समय सुबह 11-12 बजे के बीच एक दो माडल आती थीं और दोपहर तीन चार बजे वापस जाती थीं। जांच एजेंसियों को पता चला है कि किराये पर लिए दो मंजिला घर के ऊपरी हिस्से में स्टूडियो बना था। यहीं पर माडल की एडल्ट वेबकैम पर वीडियो शूट कराई जाती थी। ईडी की टीम वीडियो से लेकर विदेशी धनराशि के लेनदेन समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। यह स्टूडियो जिस फ्लैट में चल रहा था, वह दिल्ली के डाक्टर के नाम पर है। डीसीपी नोएडा रामबदन सिंह ने बताया कि ईडी ने स्थानीय पुलिस को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, पुलिस अपने स्तर से भी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

Noida News:

नोएडा हिन्‍दी खबर, 28 मार्च के अखबारों से, एक साथ पढ़ें

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