डॉग फीडर्स पर हो रहे क्रूर हमले, पीड़ितों ने रोते हुए बताई आपबीती
इसी तरह यूपी के गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला फीडर्स व उनके परिवारों पर सार्वजनिक रूप से हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कई पीड़ित डॉग लवर्स ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा।

Noida News : नोएडा में पितृपक्ष आते ही गाय और कुत्तों को श्रद्ध के नाम पर भोजन कराकर पुण्य का प्रदर्शन करने वालों की कमी नहीं, लेकिन आम दिनों में यही समाज का एक तबका बेजुबानों के प्रति बेरुखी और हिंसा का रवैया अपनाता दिखता है। चिंता इस बात की है कि क्रूरता अब सिर्फ जानवरों तक सीमित नहीं रही नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत पूरे एनसीआर में उन लोगों पर भी हमले बढ़ रहे हैं जो आवारा/सामुदायिक कुत्तों को खाना देते हैं, उनका इलाज कराते हैं या उनकी सुरक्षा में खड़े होते हैं। नोएडा मीडिया क्लब में एनिमल एक्टिविस्ट और फिल्ममेकर संक्षय बब्बर ने कहा कि डॉग फीडर्स, खासकर महिलाएं, लगातार निशाने पर हैं। उनके मुताबिक, जो टकराव पहले कभी-कभार बहस तक सीमित रहते थे, वे अब भीड़ के हमलों, धमकियों, यौन हिंसा के प्रयास और अमानवीय पशु-क्रूरता जैसी घटनाओं का रूप लेते जा रहे हैं जिससे शहर में डर और तनाव दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
एनसीआर में घटनाओं की लंबी कड़ी
बब्बर ने बताया कि दिल्ली के हरिनगर में सामुदायिक कुत्ते की तलाश कर रही मां-बेटी को घेरकर पीटा गया, उन्हें पानी से भिगोया गया, उन पर सामान फेंका गया और यौन हमले की कोशिश तक की गई। दिल्ली की गीता कॉलोनी में एक महिला और उसकी 17 वर्षीय बेटी पर कुत्ते को खाना खिलाने की वजह से लोहे की रॉड से हमला किया गया। इसी तरह यूपी के गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला फीडर्स व उनके परिवारों पर सार्वजनिक रूप से हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कई पीड़ित डॉग लवर्स ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी बढ़ती चिंता
एक्टिविस्टों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसाइटी/सेक्टरों में “कुत्तों को खाना देने” को लेकर टकराव बढ़ रहा है। आरोप है कि कुछ जगहों पर डॉग फीडर्स को धमकाया जा रहा है, वीडियो बनाकर बदनाम किया जा रहा है और शिकायत करने पर भी कार्रवाई धीमी रहती है। यही वजह है कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। संक्षय बब्बर के अनुसार, देशभर में पशु क्रूरता का एक भयावह पैटर्न उभर रहा है—कुत्तों को पीट-पीटकर मारना, एसिड अटैक, सामूहिक रूप से ज़हर देना, पिल्लों को घसीटना/कुचलना और नसबंदी किए गए कुत्तों को मरने के लिए छोड़ देना जैसी घटनाएं रिपोर्ट हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट और पीएम से गुहार
एनिमल एक्टिविस्ट्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और महिला डॉग फीडर्स को तत्काल सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि नोएडा-एनसीआर में बढ़ती घटनाओं के बावजूद पुलिस-प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रभावी कदम नहीं उठा रहीं, इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट और सरकार से हस्तक्षेप की अपील की जा रही है। Noida News
Noida News : नोएडा में पितृपक्ष आते ही गाय और कुत्तों को श्रद्ध के नाम पर भोजन कराकर पुण्य का प्रदर्शन करने वालों की कमी नहीं, लेकिन आम दिनों में यही समाज का एक तबका बेजुबानों के प्रति बेरुखी और हिंसा का रवैया अपनाता दिखता है। चिंता इस बात की है कि क्रूरता अब सिर्फ जानवरों तक सीमित नहीं रही नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत पूरे एनसीआर में उन लोगों पर भी हमले बढ़ रहे हैं जो आवारा/सामुदायिक कुत्तों को खाना देते हैं, उनका इलाज कराते हैं या उनकी सुरक्षा में खड़े होते हैं। नोएडा मीडिया क्लब में एनिमल एक्टिविस्ट और फिल्ममेकर संक्षय बब्बर ने कहा कि डॉग फीडर्स, खासकर महिलाएं, लगातार निशाने पर हैं। उनके मुताबिक, जो टकराव पहले कभी-कभार बहस तक सीमित रहते थे, वे अब भीड़ के हमलों, धमकियों, यौन हिंसा के प्रयास और अमानवीय पशु-क्रूरता जैसी घटनाओं का रूप लेते जा रहे हैं जिससे शहर में डर और तनाव दोनों बढ़ते जा रहे हैं।
एनसीआर में घटनाओं की लंबी कड़ी
बब्बर ने बताया कि दिल्ली के हरिनगर में सामुदायिक कुत्ते की तलाश कर रही मां-बेटी को घेरकर पीटा गया, उन्हें पानी से भिगोया गया, उन पर सामान फेंका गया और यौन हमले की कोशिश तक की गई। दिल्ली की गीता कॉलोनी में एक महिला और उसकी 17 वर्षीय बेटी पर कुत्ते को खाना खिलाने की वजह से लोहे की रॉड से हमला किया गया। इसी तरह यूपी के गाजियाबाद और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में महिला फीडर्स व उनके परिवारों पर सार्वजनिक रूप से हमले की घटनाएं सामने आई हैं। कई पीड़ित डॉग लवर्स ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि शिकायतों के बावजूद उन्हें सुरक्षा और न्याय नहीं मिल पा रहा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में भी बढ़ती चिंता
एक्टिविस्टों का कहना है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसाइटी/सेक्टरों में “कुत्तों को खाना देने” को लेकर टकराव बढ़ रहा है। आरोप है कि कुछ जगहों पर डॉग फीडर्स को धमकाया जा रहा है, वीडियो बनाकर बदनाम किया जा रहा है और शिकायत करने पर भी कार्रवाई धीमी रहती है। यही वजह है कि लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। संक्षय बब्बर के अनुसार, देशभर में पशु क्रूरता का एक भयावह पैटर्न उभर रहा है—कुत्तों को पीट-पीटकर मारना, एसिड अटैक, सामूहिक रूप से ज़हर देना, पिल्लों को घसीटना/कुचलना और नसबंदी किए गए कुत्तों को मरने के लिए छोड़ देना जैसी घटनाएं रिपोर्ट हो रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट और पीएम से गुहार
एनिमल एक्टिविस्ट्स ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और महिला डॉग फीडर्स को तत्काल सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि नोएडा-एनसीआर में बढ़ती घटनाओं के बावजूद पुलिस-प्रशासन और संबंधित एजेंसियां प्रभावी कदम नहीं उठा रहीं, इसलिए अब सुप्रीम कोर्ट और सरकार से हस्तक्षेप की अपील की जा रही है। Noida News












