अपने किसी गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है माफिया रवि काना

नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है।

माफिया रवि काना
माफिया रवि काना
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Feb 2026 04:16 PM
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Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस से लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस माफिया सरगना रवि काना को तलाश कर रही है। बांदा जेल से रिहा होने के बाद रवि काना का नोएडा से लेकर बांदा तक कहीं भी पता नहीं चल रहा है। नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है। इस खुफिया जानकारी के आधार पर नोएडा पुलिस रवि काना के सभी पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल कर रही है।

दूर-दूर तक नहीं मिल रहा है माफिया सरगना रवि काना

नोएडा पुलिस से लेकर अलग-अलग जिलों में उत्तर प्रदेश पुलिस रवि काना की तलाश में जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के तमाम प्रयास करने के बावजूद रवि काना का कहीं भी पता नहीं चल रहा है। खुफिया एजेंसी के इनपुट के आधार पर नोएडा पुलिस ने रवि काना के पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल तेज कर दी है। जेल से बाहर आने के बाद रवि काना कहां गया, इसकी किसी को भनक तक नहीं है। न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया हुआ है। आपको बता दें कि रवि काना एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है, जिसका गैंग नंबर डी-190 है। इस गैंग में कुल 18 सदस्य हैं। रवि काना और उसके गैंग के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत एनसीआर के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध तरीके से स्क्रैप और सरिया के कारोबार से जुड़ा था। गैंग के सदस्य स्क्रैप और सरिया कारोबारियों को डराने-धमकाने, चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इन अपराधों के जरिए अवैध रूप से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई, जिसे रवि काना, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराया गया है।

दर्जनों कंपनियों का मालिक है माफिया सरगना रवि काना

रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अनेक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। रवि काना की कंपनियों में मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, न्यू कृष्णा स्टील, एस्कोन एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, हनुमत मैटल प्राइवेट लिमिटेड, अकीरा स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेएसआर रोड लाइन्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना ने एक मामले में अग्रिम जमानत लेते समय न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया। पासपोर्ट जमा न कराते हुए वह एक जनवरी 2024 को विदेश फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और 24 अप्रैल 2024 को भारत लाकर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सब जानते हैं रवि काना को

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रवि काना का नाम सब जानते हैं। रवि काना कुख्यात माफिया है। रवि काना ने एक बड़ा गिरोह बनाकर स्क्रैप के कारोबार को बड़ा धंधा बना रखा था। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा मामलों में रवि काना के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की थी। रवि काना तथा उसके साथियों को नोएडा पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित कर रखा था। बांदा जेल के एक जेलर की गलती से रिहा होने के बाद रवि काना फरार हो गया है। रवि काना के फरार होने के बाद से चारों तरफ उसकी तलाश जारी है। 

अनेक अपराधी शामिल हैं रवि काना के गिरोह में 

नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेेत्र में स्क्रैप का बड़ा अवैध धंधा चलता रहा है। इस पूरे धंधे का संचालन रवि काना का गिरोह करता रहा है। रवि काना के गिरोह में दो दर्जन से अधिक अपराधी शामिल हैं। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने रवि काना के गिरोह का जो गैंग चार्ट बनाया है उस गिरोह का मुखिया रवि नागर उर्फ रवि काना है। रवि काना के पिता का नाम यतेन्द्र है। वह मूल रूप से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दनकौर थाने के अंतर्गत आने वाले दादूपुर गाँव का रहने वाला है। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने गैंग चार्ट में रवि काना को कुख्यात माफिया के तौर पर दर्ज किया गया है। यह गिरोह अवैध रूप से स्क्रैप का धंधा करता है। व्यापारियों तथा उद्योगपतियों को डरा-धमकाकर अवैध रूप से वसूली करना रवि काना के गिरोह का पुराना धंधा है। नोएडा तथा ग्रेेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय रवि काना के गिरोह में 25 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इस गिरोह में चर्चित पत्रकार पंकज पाराशर का नाम भी शामिल है। पंकज पाराशर मूल रूप से बागपत जिले का रहने वाला है उसके पिता का नाम राजकरन शर्मा है। रवि काना के गिरोह के अन्य सदस्यों में बुलंदशहर जिले में औरंगाबाद क्षेत्र के गाँव मिकनपुर का सूरज, ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 में रहने वाले भागमल का पुत्र राजेन्द्र सिंह, एक और पत्रकार महकारा सिंह भाटी, फिरोज खान, अवधेष सिसौदिया, देव शर्मा, हरवीर सिंह, विवेक कुमार, हरवीर सिंह की पत्नी बबीता, विकास नागर, अनिल उर्फ मिंटू नागर, शमशीर हसन, राजेन्द्र सिंह नागर की पत्नी पूनम, अमर सिंह उर्फ अवध उर्फ बिहारी, राजकुमार नागर, आजाद नगर, तरूण छौंकर, काजल झा, रवि काना की पत्नी मधु नागर, महकी, तथा विकास कुमार आदि के नाम शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि रवि काना के गिरोह के इन सदस्यों के अलावा भी उसके कुछ और गुर्गे जरूर होंगे। यह भी बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रवि काना के कुछ गुर्गे उसके पैसों को ब्याज पर चलाने का काम भी करते हैं। रवि काना किस गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है यह बहुत बड़ा सवाल है। Noida News

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हिन्दू समाज को एकजुट करने के मकसद से नोएडा में होगा हिन्दू सम्मेलन

नोएडा के सेक्टर-61 के कम्युनिटी सेंटर में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नोएडा में होने वाला हिन्दू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

नोएडा में हिन्दू सम्मेलन को लेकर हुई  बैठक
नोएडा में हिन्दू सम्मेलन को लेकर हुई बैठक
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar02 Feb 2026 01:32 PM
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Noida News : नोएडा शहर में हिन्दू समाज की एकता के लिए बड़ी पहल शुरू हुई है। अलग-अलग जातियों में बंटे हुए हिन्दू समाज को एकजुट करने के मकसद से नोएडा शहर में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। नोएडा में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन 8 फरवरी को होगा। नोएडा के सेक्टर-61 के कम्युनिटी सेंटर में आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नोएडा में होने वाला हिन्दू सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।

नोएडा में होने वाला हिन्दू सम्मेलन बहुत खास होगा

नोएडा शहर में होने वाले हिन्दू सम्मेलन को बहुत खास सम्मेलन माना जा रहा है। नोएडा में हिन्दू सम्मेलन की जिम्मेदारी प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. मनोरंजन मोहंती को सौंपी गई है। नोएडा में हिन्दू सम्मेलन के संयोजक डॉ. मनोरंजन मोहंती ने पत्रकारों को बताया कि नोएडा में होने वाले हिन्दू सम्मेलन का मकसद हिंदू समाज को एक मंच पर लाना और आपसी एकता को मजबूत करना है। नोएडा शहर के सेक्टर-61 स्थित कम्युनिटी सेंटर में होने वाला यह सम्मेलन समाज में संवाद, समरसता और जागरूकता को लेकर एक गंभीर पहल के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. मनोरंजन मोहंती लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और मानते हैं कि हिंदू समाज को मजबूती तभी मिलेगी, जब लोग आपस में जुड़ेंगे और एक-दूसरे की बात सुनेंगे। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि यह सम्मेलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिंदू समाज द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में देश भर में एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाने की योजना है, जिनका उद्देश्य समाज को संगठित करना और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त बनाना है। 

नोएडा के हिन्दू सम्मेलन में भारत को विश्व गुरू बनाने पर होगी चर्चा

डॉ. मनोरंजन मोहंती ने बताया कि नोएडा में होने वाले हिन्दू सम्मेलन को एक व्यापक वैचारिक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भारत को विश्व गुरु बनाने जैसे विषयों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की जाएगी। हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से इस आयोजन के लिए मोहन लाल सुयाल को सचिव नियुक्त किया गया है। समिति के अनुसार, सम्मेलन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं और इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले मुख्य अतिथि श्री सत्येंद्र नारायण सिंह, नोएडा महानगर कार्यबाह, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) सम्मेलन में गुरुजी गौतम ऋषि और आचार्य शैलेश तिवारी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दोनों अतिथि समाज को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से मार्गदर्शन देंगे और अपने वक्तव्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और एकता का संदेश देंगे। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और विचार साझा किए जाएंगे, ताकि समाज के विभिन्न वर्ग आपस में जुड़ सकें। सम्मेलन को लेकर डॉ. मनोरंजन मोहंती ने कहा है कि हिंदू समाज को अब एकजुट होने की ज़रूरत है। उनका कहना है कि समाज में अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन एकता सबसे ज़रूरी है। यह सम्मेलन किसी एक व्यक्ति या वर्ग के लिए नहीं है, बल्कि हर उस हिंदू के लिए है, जो समाज को संगठित और जागरूक देखना चाहता है।

हिन्दू सम्मेलन समिति कर रही है तैयारी

नोएडा में होने वाले हिन्दू सम्मेलन को सफल बनाने के लिए हिंदू सम्मेलन समिति के कई सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इनमें नैवैद्य शर्मा, आर.के. शर्मा, मर जैशवाल, हरपाल सिंह चौहान, बी.एस. तोमर, भरतेंदु शर्मा, नीरू शर्मा, हीरा सिंह बिष्ट, नमित गौतम, नरेंद्र जोशी, मोहन लाल सुप्याल, सुभाष सिंह, नीखिल गुप्ता, राजेश बंसल, दिनेश बिष्ट, अनुज अग्रवाल, असीत गोयल, भवानी शंकर प्रजापति, ए. एस. भंडारी, नरेंद्र राज, रिषी जोशी, ममता अग्रवाल, विवेक, देव राज, अमित उपमन्यु, राणा प्रताप सिंह, सुरेंद्र कौशिक, संदीप भट्ट, राकेश अरोड़ा, शैलेन्द्र के. शर्मा, अनिल कौशिक और व्रेश त्यागी शामिल हैं। सभी का साझा उद्देश्य समाज को जोडऩा और एक मजबूत सामाजिक संदेश देना है। आयोजकों के अनुसार, यह सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब समाज के भीतर संवाद और एकजुटता को लेकर गंभीर मंथन की आवश्यकता महसूस की जा रही है। सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों और समुदायों की भागीदारी देखने को मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ क्रस्स् के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा बौद्धिक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे सम्मेलन के अंत में सामूहिक भोजन का आयोजन भी इसी एकता का प्रतीक है, जहाँ सभी लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ बैठेंगे। Noida News

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नोएडा पुलिस का बड़ा एक्शन, माफिया रवि काना पर रेड कॉर्नर नोटिस जल्द

इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है।

रवि काना की तलाश में नोएडा पुलिस की टीमें सक्रिय
रवि काना की तलाश में नोएडा पुलिस की टीमें सक्रिय
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Feb 2026 10:34 AM
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Noida News :  उत्तर प्रदेश के बांदा जेल से रिहा होते ही गायब हुए स्क्रैप माफिया रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस ने अलर्ट मोड में कार्रवाई तेज कर दी है।जांच में सामने आए इनपुट्स के आधार पर पुलिस को आशंका है कि रवि काना गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश भागकर पनाह ले सकता है। इसी वजह से नोएडा पुलिस अब उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और केस से जुड़ा पूरा डोजियर इंटरपोल चैनल के जरिए भेजा जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि काना पर स्क्रैप कारोबार की आड़ में अवैध वसूली, जमीन कब्जाने, धमकी, मारपीट और संगठित अपराध जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस जारी होते ही रवि काना की तलाश नोएडा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों तक पहुंच जाएगी और किसी भी देश में लोकेशन मिलने पर उसे पकड़कर भारत लाने की कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा।

नोएडा पुलिस ने तेज किया इंटरपोल प्रोसेस

रवि काना को लेकर नोएडा पुलिस की सख्ती की वजह सिर्फ उसका फरार होना नहीं, बल्कि उसका विदेश कनेक्शन भी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी पहले भी थाईलैंड से पकड़ा जा चुका है और उस वक्त इंटरपोल चैनल के जरिए उसके खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई गई थी। अब एक बार फिर अगर रेड कॉर्नर नोटिस जारी होता है, तो रवि काना की तलाश नोएडा और भारत की सीमाओं से बाहर निकलकर इंटरपोल से जुड़े देशों तक पहुंच जाएगी। ऐसे में वह किसी भी विदेशी धरती पर ट्रेस होता है, तो स्थानीय एजेंसियों की मदद से उसे हिरासत में लेकर भारत प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। चर्चाएं हैं कि कुछ सफेदपोशों और अधिकारियों ने जेल प्रशासन पर दबाव बनाकर उसे जल्दी बाहर कराने की कोशिश की। नोएडा पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की तैयारी में है, ताकि रिहाई से जुड़े हर पहलू की जवाबदेही तय हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि रवि काना का स्क्रैप नेटवर्क सिर्फ नोएडा–पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि वह हरियाणा और राजस्थान तक ठेकों पर दबदबा बनाकर जबरन वसूली और कब्जे जैसे आरोपों से जुड़ा रहा है। मुकदमों की सूची भी उसकी आपराधिक छवि को और गहरा करती है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि काना के खिलाफ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों में करीब 25 केस दर्ज हैं। इनमें फिरौती, मारपीट, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और धमकी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। बांदा जेल से बाहर आने के बाद वह भले ही फिलहाल पकड़ से दूर है, लेकिन उसके गिरोह के कई सदस्य अभी भी जेल में बताए जा रहे हैं। वहीं, उसकी पत्नी मधु को 16 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किए जाने का रिकॉर्ड भी पुलिस के पास मौजूद है।

जेल गेट पर पहले से तैयार थीं दो सफेद कारें

रवि काना की रिहाई के पल अब सुनियोजित फरारी की ओर इशारा कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, जेल गेट के बाहर दो सफेद कारें पहले से तैयार खड़ी थीं। एक गाड़ी में एक महिला जबकि दूसरी में तीन युवक बताए जा रहे हैं, दोनों ही गाड़ियों में रवि काना के परिजन और करीबी मौजूद थे। जैसे ही वह जेल से बाहर निकला, उसने जल्दबाज़ी में अपना सामान रखा और एक पल भी गंवाए बिना रवाना हो गया, जिससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह गहरा गया है। रिहाई के तुरंत बाद कई संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद हो गए, जबकि पुलिस अब जेल परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर हर मूवमेंट को जोड़ने में जुटी है।

नेपाल बॉर्डर तक बढ़ी चौकसी

रवि काना की तलाश में पुलिस ने अब मैदान से लेकर नेटवर्क तक, दोनों स्तरों पर घेरा कस दिया है। गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए छह विशेष टीमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों और नेपाल बॉर्डर के आसपास लगातार कैंप किए हुए हैं। उधर, आरोपी की रिहाई के बाद से जिले की एसओजी ने बांदा में ही डेरा डाल रखा है, ताकि किसी भी सुराग पर तुरंत कार्रवाई हो सके। पुलिस रवि काना के करीबियों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है

क्यों जरूरी होता है रेड कॉर्नर नोटिस?

रेड कॉर्नर नोटिस को पुलिस की भाषा में अंतरराष्ट्रीय स्तर का अलर्ट माना जाता है। आमतौर पर यह नोटिस तब आगे बढ़ाया जाता है, जब किसी आरोपी के देश से बाहर भागने या विदेश में छिपने की आशंका मजबूत हो। नोटिस जारी होते ही आरोपी की पहचान, केस डिटेल और जरूरी सूचनाएं इंटरपोल से जुड़े सदस्य देशों के साथ साझा कर दी जाती हैं, ताकि वह जहां भी छिपा हो, वहां की एजेंसियां उसे ट्रेस कर सकें। इसका मकसद आरोपी को पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के जरिए प्रत्यर्पण की दिशा में कदम बढ़ाना और फरारी के रास्तों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंद करना होता है। Noida News


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