अपने किसी गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है माफिया रवि काना
नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है।

Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस से लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस माफिया सरगना रवि काना को तलाश कर रही है। बांदा जेल से रिहा होने के बाद रवि काना का नोएडा से लेकर बांदा तक कहीं भी पता नहीं चल रहा है। नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है। इस खुफिया जानकारी के आधार पर नोएडा पुलिस रवि काना के सभी पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल कर रही है।
दूर-दूर तक नहीं मिल रहा है माफिया सरगना रवि काना
नोएडा पुलिस से लेकर अलग-अलग जिलों में उत्तर प्रदेश पुलिस रवि काना की तलाश में जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के तमाम प्रयास करने के बावजूद रवि काना का कहीं भी पता नहीं चल रहा है। खुफिया एजेंसी के इनपुट के आधार पर नोएडा पुलिस ने रवि काना के पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल तेज कर दी है। जेल से बाहर आने के बाद रवि काना कहां गया, इसकी किसी को भनक तक नहीं है। न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया हुआ है। आपको बता दें कि रवि काना एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है, जिसका गैंग नंबर डी-190 है। इस गैंग में कुल 18 सदस्य हैं। रवि काना और उसके गैंग के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत एनसीआर के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध तरीके से स्क्रैप और सरिया के कारोबार से जुड़ा था। गैंग के सदस्य स्क्रैप और सरिया कारोबारियों को डराने-धमकाने, चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इन अपराधों के जरिए अवैध रूप से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई, जिसे रवि काना, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराया गया है।
दर्जनों कंपनियों का मालिक है माफिया सरगना रवि काना
रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अनेक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। रवि काना की कंपनियों में मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, न्यू कृष्णा स्टील, एस्कोन एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, हनुमत मैटल प्राइवेट लिमिटेड, अकीरा स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेएसआर रोड लाइन्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना ने एक मामले में अग्रिम जमानत लेते समय न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया। पासपोर्ट जमा न कराते हुए वह एक जनवरी 2024 को विदेश फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और 24 अप्रैल 2024 को भारत लाकर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सब जानते हैं रवि काना को
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रवि काना का नाम सब जानते हैं। रवि काना कुख्यात माफिया है। रवि काना ने एक बड़ा गिरोह बनाकर स्क्रैप के कारोबार को बड़ा धंधा बना रखा था। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा मामलों में रवि काना के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की थी। रवि काना तथा उसके साथियों को नोएडा पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित कर रखा था। बांदा जेल के एक जेलर की गलती से रिहा होने के बाद रवि काना फरार हो गया है। रवि काना के फरार होने के बाद से चारों तरफ उसकी तलाश जारी है।
अनेक अपराधी शामिल हैं रवि काना के गिरोह में
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेेत्र में स्क्रैप का बड़ा अवैध धंधा चलता रहा है। इस पूरे धंधे का संचालन रवि काना का गिरोह करता रहा है। रवि काना के गिरोह में दो दर्जन से अधिक अपराधी शामिल हैं। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने रवि काना के गिरोह का जो गैंग चार्ट बनाया है उस गिरोह का मुखिया रवि नागर उर्फ रवि काना है। रवि काना के पिता का नाम यतेन्द्र है। वह मूल रूप से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दनकौर थाने के अंतर्गत आने वाले दादूपुर गाँव का रहने वाला है। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने गैंग चार्ट में रवि काना को कुख्यात माफिया के तौर पर दर्ज किया गया है। यह गिरोह अवैध रूप से स्क्रैप का धंधा करता है। व्यापारियों तथा उद्योगपतियों को डरा-धमकाकर अवैध रूप से वसूली करना रवि काना के गिरोह का पुराना धंधा है। नोएडा तथा ग्रेेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय रवि काना के गिरोह में 25 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इस गिरोह में चर्चित पत्रकार पंकज पाराशर का नाम भी शामिल है। पंकज पाराशर मूल रूप से बागपत जिले का रहने वाला है उसके पिता का नाम राजकरन शर्मा है। रवि काना के गिरोह के अन्य सदस्यों में बुलंदशहर जिले में औरंगाबाद क्षेत्र के गाँव मिकनपुर का सूरज, ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 में रहने वाले भागमल का पुत्र राजेन्द्र सिंह, एक और पत्रकार महकारा सिंह भाटी, फिरोज खान, अवधेष सिसौदिया, देव शर्मा, हरवीर सिंह, विवेक कुमार, हरवीर सिंह की पत्नी बबीता, विकास नागर, अनिल उर्फ मिंटू नागर, शमशीर हसन, राजेन्द्र सिंह नागर की पत्नी पूनम, अमर सिंह उर्फ अवध उर्फ बिहारी, राजकुमार नागर, आजाद नगर, तरूण छौंकर, काजल झा, रवि काना की पत्नी मधु नागर, महकी, तथा विकास कुमार आदि के नाम शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि रवि काना के गिरोह के इन सदस्यों के अलावा भी उसके कुछ और गुर्गे जरूर होंगे। यह भी बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रवि काना के कुछ गुर्गे उसके पैसों को ब्याज पर चलाने का काम भी करते हैं। रवि काना किस गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है यह बहुत बड़ा सवाल है। Noida News
Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस से लेकर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस माफिया सरगना रवि काना को तलाश कर रही है। बांदा जेल से रिहा होने के बाद रवि काना का नोएडा से लेकर बांदा तक कहीं भी पता नहीं चल रहा है। नोएडा पुलिस को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रवि काना कहां पर छुपकर बैठा हुआ है। खुफिया एजेंसी ने आशंका जाहिर की है कि रवि काना अपने किसी पुराने गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा हो सकता है। इस खुफिया जानकारी के आधार पर नोएडा पुलिस रवि काना के सभी पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल कर रही है।
दूर-दूर तक नहीं मिल रहा है माफिया सरगना रवि काना
नोएडा पुलिस से लेकर अलग-अलग जिलों में उत्तर प्रदेश पुलिस रवि काना की तलाश में जुटी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस के तमाम प्रयास करने के बावजूद रवि काना का कहीं भी पता नहीं चल रहा है। खुफिया एजेंसी के इनपुट के आधार पर नोएडा पुलिस ने रवि काना के पुराने गुर्गों की जांच पड़ताल तेज कर दी है। जेल से बाहर आने के बाद रवि काना कहां गया, इसकी किसी को भनक तक नहीं है। न्यायालय ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया हुआ है। आपको बता दें कि रवि काना एक संगठित अपराधी गिरोह का सरगना है, जिसका गैंग नंबर डी-190 है। इस गैंग में कुल 18 सदस्य हैं। रवि काना और उसके गैंग के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर समेत एनसीआर के कई जिलों में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध तरीके से स्क्रैप और सरिया के कारोबार से जुड़ा था। गैंग के सदस्य स्क्रैप और सरिया कारोबारियों को डराने-धमकाने, चोरी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। इन अपराधों के जरिए अवैध रूप से भारी मात्रा में संपत्ति अर्जित की गई, जिसे रवि काना, उसके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के नाम पर बेनामी रूप से दर्ज कराया गया है।
दर्जनों कंपनियों का मालिक है माफिया सरगना रवि काना
रवि काना और उसके परिजनों के नाम पर नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अनेक कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। रवि काना की कंपनियों में मैसर्स प्राइम प्रेसिंग टूल्स प्राइवेट लिमिटेड, न्यू कृष्णा स्टील, एस्कोन एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, हनुमत मैटल प्राइवेट लिमिटेड, अकीरा स्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और जेएसआर रोड लाइन्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रवि काना ने एक मामले में अग्रिम जमानत लेते समय न्यायालय की शर्तों का उल्लंघन किया। पासपोर्ट जमा न कराते हुए वह एक जनवरी 2024 को विदेश फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया और 24 अप्रैल 2024 को भारत लाकर उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में सब जानते हैं रवि काना को
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रवि काना का नाम सब जानते हैं। रवि काना कुख्यात माफिया है। रवि काना ने एक बड़ा गिरोह बनाकर स्क्रैप के कारोबार को बड़ा धंधा बना रखा था। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने दो दर्जन से ज्यादा मामलों में रवि काना के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की थी। रवि काना तथा उसके साथियों को नोएडा पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी वांछित कर रखा था। बांदा जेल के एक जेलर की गलती से रिहा होने के बाद रवि काना फरार हो गया है। रवि काना के फरार होने के बाद से चारों तरफ उसकी तलाश जारी है।
अनेक अपराधी शामिल हैं रवि काना के गिरोह में
नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेेत्र में स्क्रैप का बड़ा अवैध धंधा चलता रहा है। इस पूरे धंधे का संचालन रवि काना का गिरोह करता रहा है। रवि काना के गिरोह में दो दर्जन से अधिक अपराधी शामिल हैं। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने रवि काना के गिरोह का जो गैंग चार्ट बनाया है उस गिरोह का मुखिया रवि नागर उर्फ रवि काना है। रवि काना के पिता का नाम यतेन्द्र है। वह मूल रूप से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के दनकौर थाने के अंतर्गत आने वाले दादूपुर गाँव का रहने वाला है। नोएडा कमिश्ररी पुलिस ने गैंग चार्ट में रवि काना को कुख्यात माफिया के तौर पर दर्ज किया गया है। यह गिरोह अवैध रूप से स्क्रैप का धंधा करता है। व्यापारियों तथा उद्योगपतियों को डरा-धमकाकर अवैध रूप से वसूली करना रवि काना के गिरोह का पुराना धंधा है। नोएडा तथा ग्रेेटर नोएडा क्षेत्र में सक्रिय रवि काना के गिरोह में 25 से अधिक सदस्य शामिल हैं। इस गिरोह में चर्चित पत्रकार पंकज पाराशर का नाम भी शामिल है। पंकज पाराशर मूल रूप से बागपत जिले का रहने वाला है उसके पिता का नाम राजकरन शर्मा है। रवि काना के गिरोह के अन्य सदस्यों में बुलंदशहर जिले में औरंगाबाद क्षेत्र के गाँव मिकनपुर का सूरज, ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 में रहने वाले भागमल का पुत्र राजेन्द्र सिंह, एक और पत्रकार महकारा सिंह भाटी, फिरोज खान, अवधेष सिसौदिया, देव शर्मा, हरवीर सिंह, विवेक कुमार, हरवीर सिंह की पत्नी बबीता, विकास नागर, अनिल उर्फ मिंटू नागर, शमशीर हसन, राजेन्द्र सिंह नागर की पत्नी पूनम, अमर सिंह उर्फ अवध उर्फ बिहारी, राजकुमार नागर, आजाद नगर, तरूण छौंकर, काजल झा, रवि काना की पत्नी मधु नागर, महकी, तथा विकास कुमार आदि के नाम शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि रवि काना के गिरोह के इन सदस्यों के अलावा भी उसके कुछ और गुर्गे जरूर होंगे। यह भी बताया जाता है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रवि काना के कुछ गुर्गे उसके पैसों को ब्याज पर चलाने का काम भी करते हैं। रवि काना किस गुर्गे की आड़ में छुपकर बैठा है यह बहुत बड़ा सवाल है। Noida News












