
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यूनिटेक बिल्डर कंपनी की अटकी परियोजनाओं को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने एक सुप्रीम फैसला दिया है। यूनिटेक की अटकी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है। देश की सर्वोच्च अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद उन लोगों को फ्लैट मिलने का रास्ता साफ हो गया है, जिन्होंने फ्लैट के लिए बुकिंग कराई थी। सुप्रीम कोर्ट में विवाद चलने के कारण यूनिटेक कंपनी के बोर्ड ने खरीददारों के सामने विकल्प रखा था कि उन्हें अपना पैसा वापस चाहिए या फ्लैट। जिस पर 1800 खरीददारों ने फ्लैट का विकल्प चुना है, इन खरीददारों को अपना पैसा वापस नहीं चाहिए।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट से परियोजनाओं को फिर से शुरू किए जाने की हरी झंडी मिलने के बाद यूनिटेक बोर्ड की ओर से सभी बॉयर्स के सामने रिफंड और फ्लैट का विकल्प रखा था। जिस पर 1800 बॉयर्स ने फ्लैट का विकल्प चुना है।
यूनिटेक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 1802 खरीदारों ने ई-मेल भेजकर रिफंड के बदले फ्लैट लेने का विकल्प चुना है। इसमें 138 ई-मेल ग्रेटर नोएडा के ऐसे प्रोजेक्ट के लिए मिले हैं, जिनमें पैसे वापसी के अलावा कोई चारा नहीं बचा है। उक्त जमीन की लीज निरस्त हो चुकी है। जिस कारण इस योजना में उन खरीदारों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा, जिन्होंने रिफंड का पूरा पैसा मिल चुका है। यह केवल उनके लिए ही फायदेमंद होगा, जिन्होंने अब तक एक भी पैसा नहीं लिया है और रिफंड का कुछ अंश लिया है। उनको शर्तों के साथ यह राशि मिलेगी।
कंपनी अधिकारियों ने बताया कि तय अवधि बीतने के बाद भी फ्लैट खरीदारों की ओर से लगातार फोन आ रहे हैं। आवेदन करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही है। 15 दिसंबर के बाद से 120 ई-मेल बोर्ड को मिली है। इसको ध्यान में रखते हुए यूनिटेक के बोर्ड ने इसकी समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है।
आपको बता दें कि यूनिटेक बिल्डर कंपनी की 39 परियोजनाओं में काम शुरू होने की हरी झंडी मिलने के बाद बोर्ड की ओर से फ्लैट खरीदारों को 10 जनवरी तक बकाये की पहली किस्त चुकाने के लिए कहा गया है। इसके लिए पहली लिस्ट के खरीदारों के बकाये की राशि की जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही उन्हें तत्काल राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।