Noida News: एक कृतघ्न कार्य (ए थैंक लेस जॉब) समाज सेवा का ये भी एक पहलू है !
Noida News:
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:14 AM
सार
Noida News: अंजना भागी/ एक सच्चा शुभचिंतक वो ही होता है जो आपके पास आ कर आपकी परेशानियों के बारे में बात करता है। क्योंकि एक सच्चा इन्सान ही आपकी परेशानियों को समझ, बिना किसी एहसान उन समस्याओं को सुलझाने के लिए स्वयं आपके पास चल कर आता है। हमारे नोएडा सेक्टर ग्यारह में छोटी नालियों की रिपेयर हुई और कुछ को कवर भी कर दिया गया। लेकिन जहां समस्या थी जैसे की हमारे सेक्टर के अस्पताल के आस - पास के नालों को आज तक कवर नहीं किया गया है । समस्या तो यहीं एल एम तथा एल ब्लॉक के मार्केट एरिया में ही है। हमारे सेक्टर के एल ब्लॉक में अस्पताल से लगातार पानी हमारे इस एरिया के नालों में ही बहता है। नालों का ढाल ऐसा है की पानी की निकासी है ही नहीं। अत; इन नालों से भरपूर मच्छर इस सेक्टर को मिलता है।
विस्तार
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22 अगस्त की सुबह जब हमारे कम्युनिटी सेंटर के कार्यालय के ऑफिस में नोएडा के युवा नव निर्वाचित ऐ पी ई हेल्थ अरुण कुमार अपने सहयोगियों चौधरी जगपाल, इंस्पेक्टर संजीव कुमार तथा हमारे सेक्टर के सफाई हैड प्रमोद जी के साथ आए। तो मैंने बहुत खुशी से उनका अभिवादन किया। Noida sector 11 की जितनी परेशानियां थी उन्होंने एक-एक कर सबका खुलासा किया। हम उनको कैसे दूर करवाएँ के उपाय भी बताए। विशेष कर ऐ पी ई अरुण कुमार जो बिल्कुल युवा हैं तथा नई पढ़ाई करके आए हैं। उनकी हमारी हर परेशानी के लिए इतनी क्लेरिटी मुझे अभिभूत कर रही थी । हमारे सेक्टर का सिंचाई नाला जिसमें लगभग हर साल प्रमोद मशीन से सफाई करवाते हैं। उसके बाद भी उसमें बेइंतहा कचरा हो जाता है। अब आधा भाग जिसमें पोक लेन मशीन चल जाती है वह तो कचरा जल्दी निकाल देती है। लेकिन आधा भाग जिसके एक तरफ धवलगिरी की बाउंड्री वाल है। दूसरी तरफ बुद्ध मंदिर वहां वे क्या करें? मशीन ले जाने की जगह ही नहीं है। जब मशीन नहीं जा सकती तो सफाई कितनी मुश्किल है। ऐसे में उस चौड़े नाले के इतने भाग की मैनुअल सफाई में तो 10 दिन लगते हैं। कर्मचारी उसमें से प्लास्टिक की बोतलें, प्लास्टिक की थैलियां, कभी कभी तो कांच लगने से कचरा निकालते हुए वे घायल भी हो जाते हैं। इस बार जब उन्होंने यह सफाई शुरू की मैं स्वयं देखने गई। यकीन मानिए मुझे बहुत ही बुरा लग रहा था यह देख कर कि हम इतना कचरा आखिरकार फैलाते ही क्यों हैं?
हम इतना कचरा आखिरकार फैलाते ही क्यों हैं?
Noida News:Noida प्राधिकरण ने हमें हर सुविधा दी है । घर-घर कूड़ा गाड़ी आती है उसे सैगरीगेट करें। ग्रीन वेस्ट की कमपोस्टिंग करें। जिसका तरीका प्राधिकरण ने लगभग सभी को सिखवाया है । इतना सिखना सिखाने के बावजूद भी, कहीं भी किधर भी इतना कचरा। आखिर कोन फेंकते हैं। हमारे घरों में जरा सा भी सीवर फंस जाए तो हम उसकी गंध कुछ घंटे भी झेल नहीं पाते। ये अपने पूरे कार्यकाल में उसी को झेलते हुए जीवन यापन करते हैं । क्या हमारा कुछ भी नैतिक कर्तव्य नहीं बनता? जगपाल चौधरी जी हमें बार-बार पूछ रहे थे ? आपके सेक्टर में कहीं कुछ नाले, नालियां, मलवा कचरा कुछ भी हो हम सब उठवा देंगे। यकीन मानिए मैं उनका चेहरा देख रही थी । जिस सेक्टर में रेगुलर सफाई होती है वहां भी हमारी नालियां कहीं-कहीं डंप सी हो जाती हैं। नालों में पानी खड़ा रहता है। कारण सिर्फ बिना विचारे कहीं भी किसी भी प्लास्टिक बोतल कांच लोहा जो भी घर में परेशान करता है। उसको नाले,नालियों कुछ लोग तो बच्चों के इस्तेमाल सेनेटरी नैपकिन तक पॉलीथिन की थैली या ऐसे ही फ्लश में बहा देते हैं । यहां तक कि पढ़ी-लिखी महिलाएं भी यह गुस्ताखी कर देती हैं। क्योंकि उन पर लिखा होता है ईजी टु फ्लश। कभी सोचा है कितनी कठिनाई से जूझते हैं ये कर्मचारी। उसके बाद भी आकर हमसे पूछ रहे हैं।
Noida News: कोई काम सेक्टर में आपका छूट रहा हो तो बताएं
नालों का लेवल या स्लोप बनाते वक्त उनके ढाल पर ध्यान नाले बनवाने वाले नहीं देते । अब जब पानी उनसे आगे बड़कर बड़े नाले में जाता ही नहीं । तब हम इन्हीं की ओर कमी निकालते हुए देखते हैं। यह हैं कि हर बार हमारे कहने पर फिर वहां से कचरा हटा देते हैं। लेकिन यदि लेवल ही सही नहीं है तो पानी कहां से बहेगा। चौधरी जगपाल जी से बातचीत करते हुए मैं हैरान थी उन्हें हर नाली नाले का लेवल किस मकान के आगे क्या सिचुएशन उसकी ऊंचाई का पूरा ज्ञान था । लगभग डेढ़ घंटे की बातचीत में उन्होंने हमें बहुत सी बातों से परिचित करवाया। किस नाले पर कहां पर पत्थर लगाकर नाली को मच्छर की पैदाइश से रोका जा सकता है। या किस तरह से हम सेक्टर की सफाई को बरकरार रख सकते हैं। किधर-किधर की नाली को हमें कचरा मुक्त करना है इत्यादि उनका हमारे सेक्टर को इतना साफ रखने की लगन ने हमें गदगद कर दिया था। तभी मैंने उनके साथ यह चर्चा की, क्यों ना हम Noida sector 11 के लोग आपके साथ मिलकर स्वच्छता अभियान चलाएं। रेसिडेंट्स इसमें स्वयं भागीदारी करें। समस्याओं को बताएँ। चौधरी जगपाल तथा ऐ सी पी अरुण बहुत खुश थे कि हम ऐसा जरूर करेंगे । आप अपने पूरे सेक्टर में हमें उन स्थानों तक ले जाएं। जहां आपको परेशानी है कचरा है हम उन परेशानियों को दूर करेंगे। आखिरकार हमने यही तय किया इस बार स्वच्छता अभियान में हम बहुत से Noida sector 11 वासी उनके साथ जाएंगे। हम भी जो कचरा इन नाले नालियों को रोकता है उसको हम कभी भी नाले नालियों में ना डालकर अलग से कूड़ेदान के डब्बे में डाल कचरे वाले को देकर उनका सहयोग करेंगे। यह हमारे लिए कितना भी कष्टदायक काम करें लेकिन फिर भी उनका कार्य कृतघ्न या थैंक्स लेस ही कहलाता है। क्योंकि आज के समय में थैला या फालतू बर्तन माँजना किसी की भी चॉइस नहीं। अत; हम रोज सारा दिन इनके लिए चुन चुन कर कचरा फेंकते हैं और ये हमें उससे मुक्ति दिलाते हैं। विजय रावल जी आए दिन फोग्गींग करवाते हैं। पीछे ही अनिल कन्फर्म करते हैं। पर रेन वॉटर ड्रेनो में खड़ा हुआ पानी आखिर कहां से आता है? सीवर सिस्टम के होते भी कहीं 2 नालियों नालों में खड़ा हुआ पानी। वैसे अधिकतर नालियाँ तो रेंप्स के नीचे ही गायब हैं बारिश भी इतनी नहीं होती कि पानी खड़ा रहे। अरुण जी नालियों की सफ़ाई की बात कर रहे थे। मैं विचार कि बहुत कम लोगों को खुली तथा साफ नाली चाहिये बाकियों को रैम्प। ऐसे में अब क्या हो? शायद स्वच्छता अभियान वह भी रेसीडेनट्स की भागीदारी के साथ है या नहीं ?
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