
Noida News : यमुना और हिंडन नदी ने डूब क्षेत्र में जो तबाही मचाई है उसके बाद डूब क्षेत्र में बने अवैध निर्माण और फार्म हाउसों पर बुल्डोजर का चलना तय हो गया है। डूब क्षेत्र में भू-माफियाओं ने कालोनियां काटकर हजारों मकान बनवा दिये। जिसमें हजारों लोग रह रहे हैं। वहीं डूब क्षेत्र में बने आलीशान फार्म हाउसों पर भी गाज गिरना तय है।
गौतमबुद्धनगर जिले के नोएडा शहर को यमुना व हिंडन नदी ने घेर रखा है। इन दोनों नदियों के किनारे की जमीन को डूब क्षेत्र कहा जाता है। डूब क्षेत्र में भूखंड खरीदने और बेचने पर प्रतिबंध है। नोएडा में यमुना नदी सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135 व सेक्टर-168 के किनारे से होकर गुजरती है। वहीं, हिंडन नदी छिजारसी से प्रवेश कर सेक्टर-63ए, बहलोलपुर, शहदरा, सुत्याना, गढ़ी चौखंडी, चोटपुर, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143ए, 148 तथा 150 व मोमनाथन के पास से निकलकर यमुना से मिल जाती है। इन दोनों नदियों के डूब क्षेत्र में भू-माफियाओं ने बड़े पैमाने पर कालोनियां काटी हैं। नदी की जमीन पर कब्जा करके कालोनियां काटने का यह अवैध धंधा तीन दशक से चल रहा है। अवैध कालोनियों के अलावा पूंजीपतियों की अय्याशी के लिए यहां बड़ी संख्या में फार्म हाउस के नाम पर "अय्याशी के अड्डे" बनाए गए हैं।
यमुना के डूब क्षेत्र में तो एक हजार के करीब फार्म हाउस बनाये जा चुके हैं। डूब क्षेत्र में बने अवैध निर्माण की बाकायदा रजिस्ट्री भी की गई है। डूब क्षेत्र में निर्माण करने वालों का दावा था कि इस क्षेत्र में जलभराव नहीं होगा। प्राधिकरण ने डूब क्षेत्र में बने 150 फार्म हाउसों पर कार्यवाही भी की थी, लेकिन कोर्ट के स्टे के बाद फार्म हाउसों पर कार्यवाही रोकनी पड़ी थी।
यमुना और हिंडन में आई बाढ़ ने दोनों नदियों के डूब क्षेत्र में बने आलीशान फार्म हाउसों व अवैध निर्माण को पानी में डुबो दिया। नोएडा प्राधिकरण के नए सीईओ डा. लोकेश एम. ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया तो वे भू-माफियाओं की कारस्तानी देखकर अचंभित रह गए। उन्होंने सवाल पूछा कि इतनी बड़ी अंधेरगीरी कैसे हो सकती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए डा. लोकेश एम. ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिये कि डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की पहचान कर प्लॉट वाइज रिपोर्ट तैयार करें। साथ ही रजिस्ट्री विभाग की भी जिम्मेदारी तय ठहराई कि कैसे डूब क्षेत्र में रजिस्ट्रियां हुई।
Noida News in hindiसीईओ ने डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउसों पर भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिये हैं। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण ने डूब क्षेत्र में डूबे अवैध निर्माण व फार्म हाउसों की वीडियाग्राफी व ड्रोन सर्वे कराकर प्राधिकरण के विधि अधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट शासन व कोर्ट को भेज दी है। प्राधिकरण, प्रशासन और सिंचाई विभाग डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण व फार्म हाउसों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की तैयारियों में जुट गया है। शासन व कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही डूब क्षेत्र में बने अवैध निर्माण और फार्म हाउसों पर बुल्डोजर चलना तय माना जा रहा है।
हाल ही में आई बाढ़ के दौरान यदि प्रशासनिक तंत्र सचेत नहीं होता तो भू-माफियाओं द्वारा बसाई गई अवैध कालोनियों में रहने वाले हजारों लोग पानी में डूबकर मर जाते। समय रहते प्रशासनिक तंत्र ने लोगों को राहत कैंपों में पहुंचाया। इस प्रकार हजारों परिवार डूबने से बच गए। पर्यावरणविदों का कहना है कि अवैध कालोनियां व फार्म हाउस काटने वालों की वजह से हिंडन और यमुना में बाढ़ आती है। Noida News