विश्व यकृत दिवस : दुनिया में हर साल लिवर की बीमारियों से मरते हैं 20 लाख लोग
Noida News
नोएडा
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 07:12 AM
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RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 07:12 AM
Noida News : मेडिकल साइंस से जुड़े चिकित्सकों ने गंभीर चिंता जताते हुए बड़ा खुलासा किया है। चिकित्सकों का दावा है कि लिवर की बीमारियों से हर साल दुनिया भर में 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है। चिकित्सक दावा करते हैं कि 2030 तक लिवर की बीमारियों से मरने वालों की संख्या में 35 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होगी जो बड़े खतरे का संकेता है।
एमिटी में हुआ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
एमिटी विश्वविद्यालय में विश्व यकृत दिवस पर ‘स्वंय के यकृत को स्वस्थ एवं रोगमुक्त रखें’ विषय पर एक दिवसीय अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया है। एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर र्मेिडसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन में नई दिल्ली के आईएलबीएस के हेपाटोलॉजी एंड लिवर ट्रांसप्लांट ग्रुप के डा अशोक चौधरी, जर्मनी के डीकेएफजेड जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर के डा आशीष गोयल, यूएसए के न्यूयार्क स्थित रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर बफेलो के प्रो ध्यान चंद्रा, एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ मॉलेक्यूलर र्मेिडसिन एंड स्टेम सेल रिसर्च के चेयरमैन डा बी सी दास ने अपने विचार रखे।
मोटापे ने लिवर कैंसर के जोखिम को बढ़ाया
नई दिल्ली के आईएलबीएस के हेपाटोलॉजी एंड लीवर ट्रांसप्लांट ग्रुप के डा अशोक चौधरी ने कहा कि यह वर्ष निवारक एंव स्वास्थ्य प्रोत्साहन से जुड़ा है। डा. चौधरी ने कहा कि फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, सिरोसिस, मोटापा, मधुमेह और शराब आदि लिवर रोगों के मुख्य कारण है। यकृत रोगो के वर्णक्रम को बताते हुए कहा कि समान्य से फ्राइबोसिस और उसके उपरांत सिरोसिस होता है। शोध ने बताया है कि मोटापे ने यकृत कैंसर के जोखिम को बढ़ाया है जिससे यकृत कैंसर से मृत्यु के मामले बढ़े है। कई बार हम अपने स्वास्थय को नजरअंदाज कर देते है छोटे रोग बड़ी बीमारियों का कारण बन जाते है। यकृत रोगों से बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली विकसित करना, अच्छा आहार लेना और नियमित व्यायाम करना आवश्यक है।
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शराब व तंबाकू से बचाए लिवर
जर्मनी के डीकेएफजेड जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर के डा आशीष गोयल ने कहा कि हर साल लिवर के रोगों के कारण होने वाली मृत्यु की संख्या में बढ़ोत्तरी चिंताजनक है। विश्व यकृत दिवस, एक स्वस्थय जीवनशैली, आहार, प्रर्याप्त नींद लेने, तनाव कम करने के लिए सचेत रहने, शराब एवं तंबाकू के कुप्रभावों को जानने का दिन है जिससे हम अपने लिवर व शरीर को स्वस्थ रख सकते है। एपिजेनेटिक्स थेरेपी इंडयूस्ड एंटीजन के संर्दभ में जानकारी देते हुए कहा कि डीएसी उपचार पर समान्य उतकों में अभिव्यक्ति और रोगी के नमूने में टी - नियोपेप्टाइन प्रेरण की पुष्टि करने के लिए विवो और पूर्व विवो टयूमर उपचार को समझना आवश्यक है। उन्होनें कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन शोधाथियों के लिए लाभप्रद होगें।
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हर साल मरते हैं 20 लाख लोग
यूएसए के न्यूयार्क स्थित रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर बफेलो के प्रो ध्यान चंद्रा ने कहा कि हाल के अध्ययनों के अनुसार, दुनिया भर में हर साल लगभग 20 लाख लोग लिवर की बीमारियों के कारण मर जाते हैं - 2030 तक यह संख्या 35 प्रतिशत तक बढऩे की उम्मीद है। लिवर के कार्यों में पित्त का उत्पादन और पदार्थों का उत्सर्जन के साथ बिलीरुबिन, कोलेस्ट्रॉल, हार्मोन और वसा, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का चयापचय आदि शामिल है। कई मामलों में, रोगी प्रारंभिक चरण में बीमार नहीं दिखते या कमजोर महसूस नहीं करते हैं और एक बार जब लक्षण दिखाई देने लगते हैं, तो उचित उपचार के लिए बहुत देर हो चुकी होती है। इसलिए, लिवर की बीमारियों के मामले में समय पर निदान और उपचार महत्वपूर्ण है।
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