
Noida News : उत्तर प्रदेश के नोएडा में किसानों का उग्र रुप एक बार फिर से देखने को मिला है। अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन कर रहे किसानों ने मंगलवार को नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पर धावा बोल दिया और तालाबंदी कर धरने पर बैठ गए।
आपको बता दें कि नोएडा भारतीय किसान परिषद से जुड़े किसानों द्वारा पिछले काफी समय से समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। इसी के तहत इन किसानों ने घोषणा की थी कि नोएडा के 105 गांवों के किसानों द्वारा मंगलवार, 2 जनवरी को तालाबंदी की जाएगी। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत नोएडा के 105 गांवों के किसान नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर एकत्रित हुए और हवन पूजन करने के बाद प्राधिकरण के सभी गेटों पर ताला लगाकर धरने पर बैठ गए।
नोएडा पुलिस प्रशासन ने सोमवार को ही नोएडा प्राधिकरण पर हुई तालाबंदी को रोकने के लिए सेक्टर-6 में स्थित प्राधिकरण के बाहर धरना स्थान पर लगभग एक घंटे तक किसानों से बात की थी और उन्हें समझाने की बेहद कोशिश भी की थी। लेकिन अधिकारियों और किसानों के बीच वार्ता सफल नहीं हो सकी थी। उधर, किसानों का धरना 22वें दिन भी जारी रहा।
नोएडा प्राधिकरण की तालाबंदी में 105 गाँवों के किसान शामिल हो चुके हैं जो लगातार धरना दे रहे हैं। धरना दे रहे किसानों को पुलिस प्रशासन ने समझाने की बहुत कोशिश की, परंतु किसान अपनी मांगों पर अडिग है। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें 10 प्रतिशत आबादी भूखंड और चेयरमैन से मुलाकात के लिए मीटिंग की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक वो प्राधिकरण पर धरना देते रहेंगे।
भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा का कहना है अधिकारियों द्वारा किसानों से कहा गया था कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मनोज कुमार सिंह से उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए बहुत जल्द ही बात कराई जाएगी, लेकिन इन सब के बावजूद किसान राज़ी नहीं हुए क्योंकि सरकारी अधिकारियों ने मनोज कुमार सिंह से बातचीत कराने की बात तो बेशक की पर उन्होंने एक निर्धारित समय नहीं बताया।
लगातार पूरे दिन शीतलहरी चलने के बावजूद किसान भूमि पर बैठकर धरना देते रहें। वहीं सोमवार को नोएडा प्राधिकरण की तालाबंदी को लेकर कई गाँवों में जनसंपर्क अभियान भी चलाया गया था। जिसमें गाँव के लोगों ने दो मांगे रखी थी। पहली मांग में 10 प्रतिशत आबादी भूखंड और दूसरी में आबादी का संपूर्ण निस्तारण शामिल है। वहीं किसानों ने सरकारी अधिकारियों से किसान के परिवारों को 2,200 मुआवजा भी देने की मांग की है। किसानों द्वारा सरकारी अधिकारियों को यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर किसान सभा अनिश्चितकालीन घेराव करना शुरू कर देगी और यह तालाबंदी आंदोलन का रूप ले लेगी।