
Noida News (चेतना मंच)। फिल्म बॉबी का चर्चित गाना "अंदर से कोई बाहर न आ सके, बाहर से कोई अंदर न जा सके"। आज नोएडा प्राधिकरण पर बिल्कुल सटीक बैठ रहा है। पिछले 52 दिनों से अपने हक के लिए बेमियादी धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को नोएडा प्राधिकरण के चारों प्रवेश द्वारों को सील कर दिया है। हर गेट पर सैकड़ों किसान तथा महिलाएं डेरा डालकर बैठी हैं। जिससे सुबह 10.00 बजे से कोई भी अधिकारी तथा कर्मचारी अपने कार्यालय नहीं पहुंच पाया।
प्राधिकरण के अधिकारिक सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्वयं सीईओ डा. लोकेश एम भी अपने दफ्तर नहीं पहुंच पाये। वें सेक्टर-14ए स्थित कैंप कार्यालय में बैठकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एसीईओ सतीश पाल व अन्य बड़े अफसर सेक्टर-29 स्थित एनएमआरसी दफ्तर पर डेरा डाले हैं। वहीं महाप्रबंधक, उप महाप्रबंधक तथा वर्क सर्किल प्रभारी व वरिष्ठ प्रबंधक सेक्टर-19 तथा 20 के दफ्तरों में बैठे काम निपटा रहे हैं। अन्य कर्मचारी भी किसानों के जमघट तथा हठधर्मिता के आगे अपने दफ्तरों में घुस नहीं पाये।
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खबर लिखे जाने तक प्राधिकरण के सभी चारों प्रवेश द्वार किसानों के कब्जे में थे। किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था।
भारतीय किसान परिसद के मुखिया सुखवीर पहलवान का कहना है कि आज महापंचायत हो रही है। जिसमें 81 गांवों के हजारों किसान महापंचायत में मौजूद हैं। जिसमें सैकड़ों महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अपना हक हासिल किए बिना अब किसान प्राधिकरण का काम काज नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि बड़े अधिकारी किसानों को महज अश्वासनों के लालीपॉप दे रहे हैं। उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर बड़े अधिकारी गंभीर नहीं हैं। जनप्रतिनिधि भी अपने कानों पर तेल डालेे बैठा है। ऐसे में प्राधिकरण के कामकाज को ठप्प करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अब वे अपना हक लेकर रहेंगे।