कलयुगी भाई : फर्जी कागजों से दंपति को बेची फ्लैट, अब कोर्ट की चौखट पर इंसाफ की जंग
Noida News
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:04 AM
Noida News : दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के साथ उसके भाई ने धोखाधड़ी कर नोएडा में स्थित फ्लैट को मुंबई रहने वाले दंपति को बेच दिया। थाना सेक्टर-49 में शिकायत देने के बावजूद प्रोफेसर की एफआईआर दर्ज नहीं की गई। प्रोफेसर ने न्यायालय की शरण ली और अपने भाई सहित अन्य लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है।
तय रकम लेकर हक में निष्पादित
सेक्टर-51 में रहने वाले दिल्ली विवि. के प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट बताएं कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय में एसोसिएट्स प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके भाई अरुण कुमार को नोएडा प्राधिकरण से केंद्रीय सरकार कर्मचारी कल्याण आवासीय संघ द्वारा एक फ्लैट आवंटित हुआ था। उसका भाई अरुण कुमार ने वर्ष-2002 में फ्लैट का जीपीए वसीयत कब्जा व अंडरटेकिंग शपथ पत्र पारिवारिक समझौते के तहत उनसे तय रकम लेकर उनके हक में निष्पादित कर दिया था।
फ्लैट पर नहीं जमाएंगे कब्जा
उसके भाई अरुण कुमार ने शपथ पत्र दिया था कि उक्त फ्लैट का मृत्युंजय कुमार या उनके नॉमिनी को हस्तांतरण किए जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी तथा भविष्य में वह उक्त फ्लैट पर कोई अधिकार व कब्जा नहीं जमाएंगे। डॉ मृत्युंजय कुमार के मुताबिक उन्होंने उक्त फ्लैट का कब्जा लेकर 2002 को फ्लैट के सभी पेपर विधि अनुसार पंजीकृत कर लिए। इस दौरान शहर में संपत्तियों के रेट बढ़ जाने के कारण उनके भाई अरुण कुमार व उनकी पत्नी भारती कुमारी के मन में बेईमानी आ गई और उन्होंने अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से उक्त फ्लैट को कब्जाने का प्रयास करने लगे। इस पर उन्होंने अपने भाई व उनकी पत्नी के विरुद्ध थाना सेक्टर-49 में मुकदमा पंजीकृत कराया।
फर्जी तरीके से बेचा फ्लैट
डॉ मृत्युंजय कुमार का आरोप है कि अरुण कुमार व पत्नी भारती कुमारी ने नोएडा प्राधिकरण के कर्मचारियों के साथ मिलकर उनके फ्लैट के फर्जी कागजात बनाकर 19 जुलाई 2024 को प्राधिकरण से फ्लैट बेचने की अनुमति प्राप्त कर ली और 20 जुलाई को उक्त फ्लैट को विशाल सिंह व इशिका सिंह निवासी अंधेरी पूर्वी मुंबई को बेच दिया। डॉक्टर मृत्युंजय कुमार के मुताबिक पारिवारिक समझौते के तहत फ्लैट उनका है और उनके भाई व भाभी ने जानबूझकर फर्जी तरीके से उनके फ्लैट को बेच दिया है। इस मामले में वह 21 सितंबर 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज करने पहुंचे लेकिन पुलिस ने मामला दीवानी का बताकर शिकायत लेने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराए जाने की गुहार लगाई। न्यायालय के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है। Noida News