
Noida News Live : नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में शुरू हुई एक अनोखी हेल्थ योजना एक साल से पहले ही दम तोड़ गई है। नोएडा के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस योजना को चलाने का बस कागजी खेल कर रहे हैं। नोएडा के नागरिकों का साफ आरोप है कि सरकारी स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें प्राइवेट अस्पतालों के सहारे पर छोड़ दिया है।
आपको बता दें कि नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा क्षेत्र (गौतमबुद्धनगर जिला) में जनवरी 2023 में स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ एटीएम योजना की अनोखी योजना शुरू की थी। अभी नवंबर का महीना शुरू होने वाला है। 10 महीने में ही नोएडा के स्वास्थ्य विभाग की हेल्थ एटीएम योजना ने दम तोड़ दिया है। इतने कम समय में ही 24 केन्द्रों पर लगाई गई हेल्थ एटीएम मशीन कबाड़ बन गई है। दरअसल, एटीएम मशीनें तो लगी हुई हैं किन्तु उनमें प्रोपर किट ही मौजूद नहीं है। इस कारण उन हेल्थ एटीएम मशीनों की कोई उपयोगिता नहीं रह गई है।
आपको बता दें कि हेल्थ एटीएम मशीन एक ऐसी मशीन है जिसके द्वारा कोई भी मरीज बिना किसी लैब में जाए हुए अपना ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सेचुरेशन, बीएमआई, प्लेटलेटस काउंट, ब्लड शुगर समेत 35 से अधिक जांच स्वयं ही कर सकता है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हर्बन हेल्थ सेंटर पर जनवरी 2023 में हेल्थ एटीएम मशीन लगाई गई थी। कुछ दिनों तक सब ठीकठाक चलता रहा। अक्टूबर का महीना आते-आते हेल्थ एटीएम मशीनों में लगने वाली किट खत्म हो गयी है। नई किट लगाने की व्यवस्था नोएडा के हेल्थ विभाग द्वारा नहीं की गयी है।
नोएडा के सरकारी स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारी हेल्थ एटीएम मशीनों को लेकर केवल कागजी खेल खेल रहे हैं। जिन स्वास्थ्य केन्द्रों पर मशीने लगाई गई हैं। उनके इंचार्ज कहते हैं कि ऊपर से किट नहीं मिल रही है। ऊपर मतलब आला अधिकारियों से पूछा जाता है कि हेल्थ एटीएम मशीनों में किट क्यों नहीं है? तो उनका रटा-रटाया जवाब होता है कि किट की कमी होने की सूचना मिली है। हम जल्दी ही किट की खरीद शुरू करके किट उपलब्ध करा देंगे। इस जवाब के बाद काम कुछ नहीं होता है।
नोएडा के स्वास्थ्य विभाग में डा. अशोक कुमार सिंह को हेल्थ एटीएम का नोडल अधिकारी बनाया हुआ है। डा. अशोक कुमार सिंह का कहना है कि उन्हें किट खत्म होने की सूचना मिल गई है। सभी 24 केन्द्रों से किट की डिमांड मांगी गई है। डिमांड मिलने पर किट खरीदकर भेजी जाएगी।