
Noida News (चेतना मंच)। आधार कार्ड को पेन कार्ड से लिंक कराने की प्रक्रिया का जालसाज खूब फायदा उठा रहे हैं। जालसाजों के गिरोह ने बैंकों में सिविल रिकार्ड खराब होने वाले बैंक खाताधारकों के कई कई फर्जी आधार व पेन कार्ड अनोखे हत्थकंडे अपनाकर बनाए। यहां तक इस गिरोह ने सिलिकॉन से अंगूठे का फर्जी निशान भी बनवा लिया और बड़े बड़े बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन हड़प लिया।
सेंट्रल जोन के एडीसीपी डॉ. राजीव दीक्षित ने बताया कि थाना सेक्टर-63 प्रभारी अमित कुमार मान ने मुखबिर की सूचना के आधार पर सेक्टर-63 स्टेट ट्रू वैल्यू कंपनी के पास से दीपक कुमार पुत्र सतीश कुमार, विशाल पुत्र चमन सिंह, अतुल गुप्ता पुत्र सुधीर कुमार गुप्ता, मनीष कुमार पुत्र किशनलाल, शिवेंद्र सिंह उर्फ गौतम पुत्र राम बहादुर, मोहित कुमार पुत्र दिलीप कुमार व चांद मोहम्मद चांद उर्फ नवाब राशिद पुत्र मोहम्मद मुकीम को गिरफ्तार किया इनके पास से एक लैपटॉप, एक सीपीयू, प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, फिंगरप्रिंट स्कैनर, स्कैनर, वेब कैमरा, आई स्कैनर, डॉक्युमेंट स्कैनर, फर्जी आधार कार्ड, आधार कार्ड की नामांकन पर्ची, 15 पैन कार्ड, दो श्रमिक कार्ड, एक सिलिकॉन का अंगूठा निशान, दो मोटरसाइकिल व भारी मात्रा में आधार कार्ड बनाने के पेपर पर लेमिनेशन पन्नी बरामद हुई है।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी एक ही व्यक्ति के कई-कई आधार कार्ड से पेन कार्ड बनाने का काम करते है। पकड़े गए आरोपी अधिकतर ऐसे लोगों के फर्जी आधार कार्ड व पेन कार्ड बनाते थे जिनका सिविल रिकॉर्ड खराब होता था और उन्हें लोन की आवश्यकता होती थी। इन लोगों के नाम आदि में बदलाव कर यह पैरों की अंगुलियों को स्कैन कर तथा किसी अन्य व्यक्ति के आंखों का रेटिना लेकर दूसरा आधार कार्ड तैयार कर देते थे। इसके अलावा कार मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन फर्जी नाम पते पर लेते हैं इसकी एवज में यह 10 से 20000 एक आधार कार्ड बनाने का वसूलते थे।
आरोपियों ने कबूल किया कि वह अब तक सैकड़ों लोगों के फर्जी आधार और पेन कार्ड बना चुके हैं जिनके आधार पर उक्त लोग बैंकों से लोन भी ले चुके हैं।