
Noida News : नोएडा शहर के सेक्टर-67 में स्थापित दवा बनाने वाली चर्चित कंपनी पर छापा पड़ा है। मैरियन बायोटैक प्राइवेट लिमिटेड नामक नोएडा की इसी कंपनी के नकली कफ सीरप के कारण भारत की बड़ी बदनामी हुई थी। नोएडा की इस चर्चित कंपनी द्वारा बनाए गए कफ सीरप को पीने से उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत हो गई थी।
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-67 के बी ब्लॉक में स्थित मैरियन बायोटैक प्रा.लि. नामक कंपनी पर बृहस्पतिवार को औषधि विभाग (Drugs Department) ने छापा मारा। इस कंपनी का दवा बनाने का लाइसेंस जनवरी 2023 में ही निलंबित (Suspend) किया जा चुका है। साथ ही कंपनी को सीज भी किया जा चुका था। ड्रग विभाग को सूचना मिली थी कि कंपनी के संचालकों ने अवैध ढंग से कंपनी पर लगाई गई सील को तोडक़र फिर से दवा बनाने का पुराना धंधा शुरू कर दिया है। इस सूचना पर ड्रग विभाग की एक टीम ने कंपनी पर छापा मारा।
दिसंबर 2022 में मैरियन बायोटैक प्रा0लि0 में बना हुआ कफ सीरप पीने से उज्बेकिस्तान में 18 बच्चे मर गए थे। इस घटना के बाद जनवरी 2023 में नोएडा की इस चर्चित कंपनी का लाइसेंस निलंबित करके कंपनी को सील कर दिया गया था। इस मामले की सुनवाई अदालत में चल रही है। कंपनी का कहना है कि उनकी कंपनी के एक ब्राण्ड को ही आपत्तिजनक माना गया है। जबकि कंपनी अनेक ब्रांड की दवाई बनाती है।
कंपनी की मांग है कि उसे दूसरे ब्रांड की दवाई बनाते रहने दी जाए। कंपनी की इस मांग पर ड्रग विभाग ने हामी नहीं भरी है। ड्रग विभाग के अधिकारियों ने निर्देश जारी किए हैं कि जब तक अदालत से कोई स्पष्ट आदेश नहीं आ जाता तब तक कंपनी को सीज ही रखा जाएगा। बृहस्पतिवार को नोएडा के ड्रग विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान अनेक दस्तावेज सीज किए हैं।