
Noida News : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (कल) को नोएडा आ रहे हैं। उनके स्वागत के लिए नोएडा शहर को व्यापक स्तर पर सजाया और संवारा जा रहा है। सेक्टर 33A में स्थित शिल्प हाट के पास मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरेगा। इस कारण पूरे शिल्पहॉट को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। दूसरे स्थानों से मंगाकर हरी घास हैलीपैड के आसपास रोप दी गई है। चारों तरफ साफ सफाई हो रही है। शिल्प हॉट से लेकर मुख्यमंत्री के सभा स्थल रामलीला मैदान (नोएडा स्टेडियम) वाले रास्ते को एकदम नीट एंड क्लीन बना दिया गया है। यही हाल मुख्यमंत्री की योजना वाले पूरे रूट का है। चारों तरफ साफ-सफाई का विशेष अभियान चलाया गया है। इस पूरी तैयारी को देखकर नोएडा के नागरिक बोल रहे हैं कि काश मुख्यमंत्री हर महीने नोएडा आते तो यह पूरा शहर यूं ही चमकता रहता।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल नोएडा में 1718 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे। लगभग एक दर्जन योजनाएं जो बनकर तैयार हैं उनका लोकार्पण (उद्घाटन) होगा और आधा दर्जन छोटी व बड़ी योजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। नोएडा वासी सवाल पूछ रहे हैं कि जिन योजनाओं का इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तथा वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन कर चुके हैं। उनका तो बहुत बुरा हाल है। उनमें से अधिकतर योजनाएं नागरिकों के किसी काम नहीं आ रही हैं। फिर इस बात की क्या गारंटी है कि नहीं योजनाओं का लाभ आम जनता को मिल जाएगा ?
आपको बता दें कि नोएडा में लंबे चौड़े प्रचार के साथ 550 करोड़ की लागत से मल्टी लेवल वाहन पार्किंग का उद्घाटन किया गया था। सेक्टर 38A में स्थित बोटैनिकल गार्डन में बनाई गई इस पार्किंग में 7 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था थी। यह पूरी पार्किंग लगभग उजाड़ पड़ी हुई है। इसी प्रकार 27 करोड़ रुपये की लागत से सेक्टर 5 में बनाई गई भूमिगत कार पार्किंग का हाल भी बेहाल है। सेक्टर 82 में 157 करोड़ की लागत से दिव्य व भव्य बस टर्मिनल बनाकर उसका भी उदघाटन कराया गया था। सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत लगाने के बाद भी यह परियोजना वीरान पड़ी है। नोएडा के नागरिक ऐसी दर्जनों योजनाएं गिना रहे हैं, जिनका बड़ा-बड़ा प्रचार करके उद्घाटन कराया गया था, किंतु वे योजनाएं सफेद हाथी साबित हुई हैं। फिर भी लोग दिल से दुआ कर रहे हैं कि काश नोएडा हर महीने मुख्यमंत्री आए ताकि इस शहर की हालत और बेहतर हो सके।
मुख्यमंत्री के नोएडा आगमन को लेकर वरिष्ठ पत्रकार राजेश बैरागी ने एक बहुत ही सार्थक व्यंग लिखा है उस व्यंग को हम ज्यों का त्यों नीचे प्रकाशित कर रहे हैं, जरूर पढ़ें...
"सूरजपुर से दादरी को जाने वाली सड़क आज भी कराह रही है। सूरजपुर से याद आया कि सूरज के प्रकट होने से पहले ही तिमिर (अंधकार)का नाश करने के लिए उसकी किरणें धरती पर उतर आती हैं। मैं मेज पर रखी कई प्रकार की नमकीन और एक विशेष मिष्ठान भंडार से लाई गई बरफी भरी तश्तरी देखकर बैठक की गंभीरता को भांप गया। गौतमबुद्धनगर जिला के प्रभारी मंत्री और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को फुलप्रूफ बनाने में जुटे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री के खास सलाहकार सेवानिवृत्त नौकरशाह आकर व्यवस्था देख गये थे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 20 से वेस्ट को जाने वाली सर्विस रोड शुक्रवार की देर रात तक दुरुस्त की जा रही थी। इस ओर मुख्यमंत्री के आने का योग होगा। सूरजपुर से दादरी कौन आता है।
दादरी में तो बिजली भी नहीं आती। मंत्री, जिला प्रशासन और प्राधिकरण के अधिकारी मुख्यमंत्री की अगवानी में सोना भूल गए हैं। आठ घंटे उन्हें जिले में रहना है। इतना समय तो लखनऊ में भी कभी रहते होंगे। मेहमान आता अपनी मर्जी से है, जाता मेजबान की मर्जी से। कुछ मेहमान अलग होते हैं।उनका आना जाना उनकी मर्जी से होता है। मेजबान तो बस उसके सही सलामत चले जाने की कामना करता है। मैंने देखा कि बैठक बहुत गंभीर हो चली थी।बरफी समेत सारा नाश्ता निपटाया जा चुका था। मुख्यमंत्री के आगमन को सफल बनाने के लिए प्रभारी मंत्री और अधिकारी एकराय हो चुके थे। इस मैराथन बैठक में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों पर धरना दे रहे किसानों का कोई स्थान नहीं था।" Noida News