
Noida News (चेतना मंच)। बिल्डरों द्वारा भोले वाले लोगों को बेहतर लोकेशन पर मकान, दुकान व प्लॉट देने के नाम पर जमकर लूटा जा रहा है। ऐसा ही एक मामला थाना सेक्टर-49 क्षेत्र में प्रकाश में आया है जहां एक व्यक्ति ने मुआवजे की रकम से 90 लाख रुपये में अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के प्रोजेक्ट में 2 दुकानें खरीदी। कई साल बीतने के बाद भी पीडि़त को ना तो दुकान मिली ना ही उनके द्वारा भुगतान की गई धनराशि को बिल्डर ने वापस किया है।
बरौला निवासी डालचंद अवाना ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2013 में अजय त्रिपाठी नामक व्यक्ति ने उसे अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए कहा कि वहां बेहतर लोकेशन पर सस्ती दुकानें मिल रही हैं। अजय त्रिपाठी ने उन्हें अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के डायरेक्टर अतुल गुप्ता से मिलवाया इसके बाद उन्होंने दो दुकान खरीदने के लिए उन्हें 90 लाख रूपये का भुगतान कर दिया। इस दौरान उनका कंपनी के बीच एक एग्रीमेंट भी हुआ जिसमें बिल्डर द्वारा वर्ष 2017 तक दोनों दुकानों को उनके सुपुर्द करने की बात तय हुई थी। निर्धारित समय बीतने के पश्चात जब उसने दुकानों को अपने हैंड ओवर किए जाने की मांग की तो आरोपी उसे टरकाते रहे। देश में लगे लॉकडाउन के बाद जब वह अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यालय पर पहुंचा तो उसे ताले लगे हुए मिले।
इस दौरान उसे पता चला कि बिल्डर की कंपनी फ्रॉड है उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई एफआईआर दर्ज हैं। इन मामलों में कंपनी के डायरेक्टर व कर्मचारी जेल जा चुके हैं और इनकी उनके पास नोएडा, ग्रेटर नोएडा में कहीं पर भी अपनी जमीन नहीं है। यह जानकारी मिलने पर उसने थाना सेक्टर-49 में कंपनी के डायरेक्टर अवधेश गोयल, विकास गुप्ता, अतुल गुप्ता, रजनीश मिश्रा व अजय त्रिपाठी के विरुद्ध शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थक हारकर पीड़ित ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई। थाना प्रभारी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।