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Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्विमिंग पूल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के निर्देश पर खेल विभाग ने 20 से अधिक सोसायटियों और स्कूलों के स्विमिंग पूल की NOC रोक दी है।

Noida Swimming Pool NOC Action: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्विमिंग पूल संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम के निर्देश पर खेल विभाग ने 20 से अधिक सोसायटियों और स्कूलों के स्विमिंग पूल की एनओसी (NOC) रोक दी है। यह कार्रवाई सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जरूरी दस्तावेज पूरे न होने के कारण की गई है। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।
खेल विभाग की टीम ने पिछले एक महीने में मिले आवेदनों की गहराई से जांच की जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकतर संस्थानों ने अधूरी फाइलें जमा की थीं और जरूरी सुरक्षा दस्तावेजों को नजरअंदाज किया गया था। जांच में पाया गया कि कई जगहों पर पुराने नियमों के आधार पर ही आवेदन किया गया था जबकि वर्तमान में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। सबसे बड़ी समस्या लाइफ गार्ड्स की नियुक्ति को लेकर सामने आई। कई फाइलों में पुरुष और महिला लाइफ गार्ड्स की जानकारी ही नहीं दी गई थी जो किसी भी स्विमिंग पूल के लिए सबसे जरूरी सुरक्षा शर्तों में से एक मानी जाती है।
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जांच में यह भी सामने आया कि कई सोसायटियों में बिना वैध एनओसी के ही स्विमिंग पूल का संचालन किया जा रहा था। यहां तक कि लोगों को वाटर एक्टिविटी भी कराई जा रही थी जो नियमों के खिलाफ है। कई फाइलों में फायर एनओसी, सीसीटीवी कैमरों की जानकारी, पानी के बिल और स्विमिंग पूल की स्पष्ट तस्वीरें भी नहीं दी गई थीं।
जिला मजिस्ट्रेट (DM) मेधा रूपम के निर्देश के बाद खेल विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने सभी 20 संस्थानों की एनओसी रोकते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया है और सभी जरूरी दस्तावेज तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यदि तय समय सीमा में मानकों को पूरा नहीं किया गया तो संबंधित स्विमिंग पूल को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
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खेल विभाग के अनुसार, वर्तमान में जिले में 300 से अधिक स्विमिंग पूल और लगभग 50 से ज्यादा जिमों को एनओसी दी जा चुकी है। हालांकि, समय-समय पर उनकी जांच भी की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी संस्थान सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं। इस अभियान के जरिए प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि केवल लाइसेंस लेना ही काफी नहीं है बल्कि नियमों का लगातार पालन करना भी जरूरी है।
जांच के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई बड़ी सोसायटियों और स्कूलों के नाम सामने आए हैं जिनकी एनओसी फिलहाल रोक दी गई है। इनमें से कुछ प्रमुख नाम आवासीय सोसायटियों से जुड़े हैं जबकि कुछ प्रतिष्ठित स्कूल भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि इन संस्थानों की फाइलों में गंभीर कमियां पाई गई हैं जिन्हें सुधारने के बाद ही आगे की अनुमति दी जाएगी। यह कार्रवाई केवल नियम लागू करने के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
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