भाजपा के नेता कलराज मिश्रा ने नोएडा में कर दिया बड़ा ऐलान

नोएडा में पत्रकारों से बात करते हुए कलराज मिश्रा ने कहा है कि UGC के नए नियम भारत को विकसित भारत बनाने के मार्ग में बहुत बड़ी बाधा बन जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि वास्तव में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो UGC के द्वारा बनाए गए नए नियमों को तुरन्त समाप्त करना बेहद जरूरी है।

भाजपा नेता कलराज मिश्रा
भाजपा नेता कलराज मिश्रा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar29 Jan 2026 01:26 PM
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Noida News : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्रा ने नोएडा में बड़ा ऐलान कर दिया है। लम्बे अर्से तक राज्यपाल रहे भाजपा नेता कलराज मिश्रा ने यह बड़ा ऐलान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों को लेकर किया है। एक समय कलराज मिश्रा भाजपा के दिग्गज नेता हुआ करते थे। अपनी ही पार्टी की सरकार के द्वारा बनाए गए नियमों का विरोध करने पर कलराज मिश्रा के बयान के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं।

नोएडा में UGC के विरोध में बोले कलराज मिश्रा

आपको बता दें कि भाजपा के दिग्गज नेता रहे कलराज मिश्रा इन दिनों नोएडा शहर में रहते हैं। श्री मिश्रा का नोएडा के सेक्टर-51 में आलीशान बंगला है। नोएडा में पत्रकारों से बात करते हुए कलराज मिश्रा ने कहा है कि UGC के नए नियम भारत को विकसित भारत बनाने के मार्ग में बहुत बड़ी बाधा बन जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि वास्तव में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है तो UGC के द्वारा बनाए गए नए नियमों को तुरन्त समाप्त करना बेहद जरूरी है। 

विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं कलराम मिश्रा

आपको बता दें कि नोएडा में रहने वाले भाजपा नेता कलराज मिश्रा विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। उनकी संस्था दुनिया भर में ब्राह्मण समाज के हितों की रक्षा करने का काम करती है। UGC के नए नियमों की चर्चा करते हुए कलराज मिश्रा ने पत्रकारों से कहा कि UGC के नए नियमों को तुरन्त समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि UGC के नए नियमों के विरोध में पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र भी खुलकर उतर गए हैं। बुधवार को उन्होंने यूजीसी के इस नियम को पूर्ण रूप से संवैधानिक विरोधी बताया। कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाना है तो यह नियम समाप्त करना होगा। इस नियम से भेदभाव बढऩे से स्थिति और खराब हो सकती है। विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा नेता और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने सेक्टर-51 स्थित आवास पर प्रेसवार्ता की। शिक्षण संस्थानों में सभी छात्रों को समानता का अधिकार मिले। नियम के कारण छात्रों में भेदभाव की स्थिति उत्पन्न होगी। किसी तरह के भेदभाव, अभद्र टिप्पणी का शिकार होने पर सभी वर्ग के छात्रों को शिकायत करने का अधिकार मिलना चाहिए। इससे पूर्व विश्व ब्राह्मण कल्याण परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सतीश शर्मा व उनके प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात करके नियम को वापस लेने की अपील की। Noida News

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नोएडा में कंस्ट्रक्शन डील का फर्जीवाड़ा, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उन्हें एक कंस्ट्रक्शन साइट मैग्नेट-192 स्थित डी पार्क पर मनोज और पुष्कर से मिलवाया गया। आगे चलकर उनकी कंपनी से एक एग्रीमेंट भी कराया गया।

नोएडा रीजन में कंस्ट्रक्शन की बड़ी ठगी
नोएडा रीजन में कंस्ट्रक्शन की बड़ी ठगी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar29 Jan 2026 12:45 PM
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Noida News : नोएडा/ग्रेटर नोएडा में कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। साझेदारी का झांसा देकर तीन आरोपियों ने एक कांट्रेक्टर से 1 करोड़ 28 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद सूरजपुर थाने में केस दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुटी है।

एग्रीमेंट के बाद बढ़ा विवाद

ग्रेटर नोएडा सेक्टर-36 निवासी जितेंद्र कुमार शर्मा ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह लंबे समय से कंस्ट्रक्शन का काम करते हैं। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में सिक्का ग्रुप में काम के दौरान उनकी पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी अंकित कुमार राय से हुई थी। आरोप है कि अंकित ने उन्हें यह कहकर भरोसा दिलाया कि उसके मित्र मनोज और पुष्कर शर्मा भी इसी क्षेत्र में काम करते हैं और चारों मिलकर साझेदारी में प्रोजेक्ट करें तो अच्छा मुनाफा होगा। पीड़ित के अनुसार, इसके बाद उन्हें एक कंस्ट्रक्शन साइट मैग्नेट-192 स्थित डी पार्क पर मनोज और पुष्कर से मिलवाया गया। आगे चलकर उनकी कंपनी से एक एग्रीमेंट भी कराया गया।

जितेंद्र शर्मा का आरोप है कि तीनों ने पहले भरोसा जीता और फिर साजिश के तहत साइट पर 1.28 करोड़ रुपये लागत का बिल्डिंग मटेरियल लगवा दिया। उन्हें आश्वासन दिया गया कि तय समय पर भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन जब काफी समय तक पेमेंट नहीं मिली, तो उन्होंने अपने स्तर पर कंपनी के बिलिंग ऑफिस से जानकारी जुटाई। वहां से उन्हें पता चला कि आरोपियों ने संबंधित कंपनी से वर्ष 2022 में सेटलमेंट कर लिया था और भुगतान की रकम खुद हड़प ली।

न्यायालय के निर्देश पर मुकदमा दर्ज

पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने अंकित, मनोज और पुष्कर से अपने पैसे की मांग की, तो टालमटोल किया गया। आरोप है कि अगस्त 2025 में अंकित राय ने साफ कह दिया कि कंपनी से सेटलमेंट हो चुका है और वे अपने पैसे “भूल जाएं”। पीड़ित के मुताबिक पैसे मांगने पर उनके साथ अभद्रता की गई और अपहरण व तेजाब डालने जैसी धमकियां भी दी गईं। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उन्होंने सूरजपुर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने सूरजपुर पुलिस को आरोपियों अंकित कुमार राय, मनोज कुमार और पुष्कर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर लिया गया है और कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मामले की जांच की जा रही है। Noida News

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इन 70 लाख खास नागरिकों को बजट से है बड़ी उम्मीद

नोएडा में रहने वाले एक वरिष्ठ नागरिक ने देश के 70 लाख खास नागरिकों की उम्मीद को मीडिया के सामने रखा है। यहां हम देश के जिन 70 लाख नागरिकों की बात कर रहे हैं वें सभी नागरिक सरकारी सेवा से रिटायर हो चुके वरिष्ठ नागरिक हैं।

नोएडा से उठी पेंशन की आवाज
नोएडा से उठी पेंशन की आवाज
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 06:13 PM
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Noida News : नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा से लेकर पूरे देश के 70 लाख खास नागरिकों को केन्द्र सरकार के बजट से बहुत ही बड़ी उम्मीद है। नोएडा में रहने वाले एक वरिष्ठ नागरिक ने देश के 70 लाख खास नागरिकों की उम्मीद को मीडिया के सामने रखा है। यहां हम देश के जिन 70 लाख नागरिकों की बात कर रहे हैं वें सभी नागरिक सरकारी सेवा से रिटायर हो चुके वरिष्ठ नागरिक हैं।

नोएडा के वरिष्ठ नागरिक ने साझा किया बड़ा दर्द

नोएडा शहर में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अजीत सिंह ने देश के 70 लाख रिटायर सरकारी  कर्मचारियों का दर्द मीडिया के साथ साझा किया है। नोएडा के सेक्टर-26 में रहने वाले अजीत सिंह ने चेतना मंच को भेजे गए एक पत्र में देश के 70 लाख नागरिकों की आवाज को उठाया है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा सहित भारत के अलग-अलग शहरों में रहने वाले नागरिकों के विषय में इस पत्र में विस्तार से जिक्र किया गया है।

नोएडा के सामाजिक कार्यकर्ता का पत्र 70 लाख नागरिकों की आवाज

नोएडा के सेक्टर-26 में रहने वाले अजीत सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि  आगामी यूनियन बजट से लगभग 70 लाख नौकरी से रिटायर्ड बजुर्ग व्यक्ति यह उम्मीद लगाकर बैठे हैं कि उनकी जो मिनिमम श्वक्कस्न की पेंशन इस समय केवल एक हजार रुपए मात्र हैं उस राशि को बड़ा कर क्रह्य 7500 रूपये हो जानी चाहिए ताकि देश के बजुर्ग भाई बहनों ने अपने नौकरी के सेवाकाल में देश के उन्नति के लिए जो योगदान दिया है और वह अब सम्मान पूर्वक जी सकें और अन्य व्यक्ति आश्रित न होकर जीवन निर्वाह न करना पड़े। लगभग दस वर्ष से ऐसी उम्मीद लगाकर बैठे हैं और देश के कोने-कोने में संघर्ष भी हो रहा है। श्रम मंत्रालय को इसकी चिंता करनी चाहिए और इस वर्ष बजट में लाखों बजुर्ग लोगों की मांग स्वीकार कर लेनी चाहिए। जो नौजवान आज प्राइवेट क्षेत्र में आज नौकरी कर रहे हैं यह उन के भी सेवानिवृत होने के पश्चात कल्याण की योजना बनेगी। हम लोग केवल अपनी इस छोटी से मांग को पूरा करने की आशा लगा कर बैठे हैं। इस विषय पर समय-समय पर देश के अनेकों संसद सदस्यों ने संसद में भी अनेकों बार बुजुर्ग ईपीएफ पेंशनर्स के न्यूनतम पेंशन के मानक को लेकर बहुत ही मजबूती से दोहराया लेकिन आंदोलन को ईपीएफ पेंशनर्स के लीडर्स को केवल मुंह कीखानी पड़ी। जबकि इस पेंशन के बढ़ोतरी का संघर्ष को लगभग सात आठ वर्ष होने वाले हैं। हर वर्ष का बजट सेशन उम्मीद में ही बीत जाता है। कई लाखों आंदोलन के समय से अपने वैकुंठ धाम तक चले गए। यही समस्या आने वाले समय में रिटायर्ड होने वाले व्यक्तियों को भी फेस करनी पड़ेगी। इस स्कीम को जिस उद्देश्य से बनाया गया था कि कर्मचारी अपनी नौकरी से रिेटायर होने के पश्चात सम्मान की जिंदगी जी सकेगा लेकिन इस स्कीम के गणना क्वात्रिक हे गलत था जिससे रिटायरमेंट के पश्चात व्यक्तियों को अपने गुजरे के लिए एक छोटा सा अंश ही नहीं मिल पाता है। बढ़ती हुई महंगाई में एक हजार रुपए का कुछ भी योग नहीं मिल पाता है। वित्त मंत्रालय से लाखों ईपीएफ पेंशनर्स के जिहाज से अनुरोध करता हूं कि उनकी उम्मीद को और आगे बढ़ाया जाए क्योंकि मंत्रियों के पद सदा बदलते रहते है और किसी का पद स्थाई नहीं है। आज के समय में एक बार डॉक्टर के पास जाना पड़ जावे तो एक हजार रुपए से ज्यादा तो डॉक्टर हे ले जाता है। लगभग 14 साल हो गए जब प्रधानमंत्री ने न्यूनतम पेंशन रुपए एक हजार किए थे और बारह साल बाद तो उसका बढ़ती हुई महंगाई के अनुरूप बढऩा बनता है और ईपीएफ ऑर्गेनाइजेशन सब से धन वाली संस्था है और इसका धन हर माह बढ़ता ही रहता है । Noida News

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