Noida News: बैठक में परिजनों की मांग के तहत पीड़ित परिवार को 30 लाख की आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया गया। जिसमें 5 लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया तथा शेष 25 लाख रूपये की राशि मृतक शिवा की पत्नी तथा उनके बच्चों के बैंक खाते में डाली जाएगी।

सेक्टर-93बी तथा गेझा गांव के समीप टी प्वाइंट पर मंगलवार की रात सीवर में सफाई के लिए उतरने से शिवा की दर्दनाक मौत के मामले में पीड़ित परिवार, ठेकेदार और प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई। प्राधिकरण के सूत्रों के मुताबिक सेक्टर-39 प्राधिकरण के दफ्तर में देर रात तक बैठक चली। बैठक में परिजनों की मांग के तहत पीड़ित परिवार को 30 लाख की आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया गया। जिसमें 5 लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया तथा शेष 25 लाख रूपये की राशि मृतक शिवा की पत्नी तथा उनके बच्चों के बैंक खाते में डाली जाएगी।
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वहीं सूत्र बताते हैं कि मृतक के किसी एक परिजन को नौकरी भी देने का आश्वासन दिया गया है। यह मामला जल एंव सीवर खंड-3 के तहत आता है जिसमें वरिष्ठ प्रबंधक पी.सी. सेन हैं। इस मामले में कल ही जेई अवर अभियंता राकेश कुमार की सेवा समाप्त कर दी गई तथा प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि के अलावा वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्राधिकरण के सीईओ ने कंपनी शिवाजी कंस्ट्रक्शन को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश भी दिया है।
बता दें कि नोएडा के सेक्टर-93बी और ग्राम गेझा के समीप टी-पॉइंट पर मंगलवार को सीवर लाइन की सफाई के दौरान सफाईमित्र शिवा बेहोश हो गए थे। शिवा को रेस्क्यू के बाद अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने, उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने और विभागीय अधिकारियों पर भी कार्रवाई के आदेश दिए। प्राधिकरण के अनुसार, जलखंड तृतीय के कार्यक्षेत्र सेक्टर-93बी में गहरी सीवर लाइन की सफाई का कार्य संविदाकार एम/एस शिवजी कंस्ट्रक्शंस कंपनी द्वारा कराया जा रहा था। जिसके स्वामी ललित त्यागी हैं। नोएडा ने दावा किया कि सफाईमित्र शिवा सुरक्षा मानकों के तहत सेफ्टी बेल्ट, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरण पहनकर मेनहोल में उतरे थे। उनका काम सीवर लाइन में हुई ब्लॉकेज को हटाना था।
सफाई के दौरान जब काफी देर तक शिवा बाहर नहीं आए तो मौके पर मौजूद फील्ड स्टाफ ने उन्हें ऊपर खींचने का प्रयास किया। इसी दौरान पता चला कि वह मेनहोल के अंदर मौजूद तारों में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर उन्हें बाहर निकाला। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उपचार के दौरान मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद मृतक शिवा के भाई ऋतिक ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि प्राधिकरण के पास सीवर सफाई के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें मौजूद हैं लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं किया जाता और वे सिर्फ खड़ी-खड़ी खराब हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका भाई करीब चार घंटे तक सीवर के अंदर फंसा रहा लेकिन मौके पर कोई अधिकारी मदद के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद एक व्यक्ति भी वहां से चला गया। ऋतिक के मुताबिक, एक इंजन मौजूद था लेकिन शिवा के सीवर में गिरने के बाद उसे भी तुरंत हटा लिया गया। ऋतिक ने बताया कि आखिर में पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम की मदद से उनके भाई को बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा कि जब वह मौके पर पहुंचे तो वहां पुलिसकर्मी मौजूद थे और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच चुकी थी। पुलिस की मदद से ही रेस्क्यू कर शिवा को बाहर निकाला गया।
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