प्रो रेसलिंग लीग का फाइनल 1फरवरी को, 1.5 करोड़ की इनामी राशि

प्रो रेसलिंग लीग 2026 में इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारत, ईरान, अजरबैजान, मंगोलिया, जापान, पोलैंड, कनाडा, जॉर्जिया सहित कई प्रमुख कुश्ती राष्ट्र शामिल हैं। जापान जैसे देश के खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस लीग को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है।

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प्रेस वार्ता के दौरान मौजूद पदाधिकारी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 06:51 PM
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Noida News : नोएडा स्टेडियम में आयोजित हो रही प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) फाइनल  मुकाबला 1 फरवरी को होगा। लीग की आयोजक एवं नोएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बताया कि कुश्ती संघ द्वारा मान्यता प्राप्त यह प्रतिष्ठित लीग 15 जनवरी से 1 फरवरी तक आयोजित की जा रही है।

इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे

प्रो रेसलिंग लीग 2026 में इस बार कुल 17 देशों के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें भारत, ईरान, अजरबैजान, मंगोलिया, जापान, पोलैंड, कनाडा, जॉर्जिया सहित कई प्रमुख कुश्ती राष्ट्र शामिल हैं। जापान जैसे देश के खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस लीग को वास्तविक अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। लीग के विजेता फ्रेंचाइजी को 1.5 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि उपविजेता टीम को 75 लाख रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा प्लेयर आॅफ द टूनार्मेंट को 2.5 लाख, डेली प्लेयर आॅफ द मैच को 50,000, फाइटर आॅफ द मैच को 25,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पीडब्ल्यूएल 2026 को और अधिक दर्शकप्रिय और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए इसके फॉर्मेट में अहम बदलाव किए गए हैं।

छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी 

इस सीजन में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी जिसमें टाइगर्स आॅफ मुंबई डेंगल्स, महाराष्ट्र केसरी, यूपी डोमिनेटर्स, पंजाब रॉयल्स, हरियाणा थंडर्स और दिल्ली डेंगल वॉरियर्स हैं। इस अवसर पर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कहा कि प्रो रेसलिंग लीग 2026 न केवल भारतीय कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने जा रही है, बल्कि यह नोएडा को वैश्विक खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस अवसर पर नोएडा सिटीजन फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी,अविनाश सिंह,भारतीय कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष डॉ एस पी देशवाल, लीग के आयोजक अखिल गुप्ता और चेयरमैन दयान फारूखी भी मौजूद थे।

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गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) नमो रेल से जुड़ेगा

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया है और इसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है।

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जेवर एयरपोर्ट को जोड़ेगा नमो भारत ट्रेन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 01:28 PM
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ोएडा न्यूज : गाजियाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) तक हाई-स्पीड नमो भारत रेल चलाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। इस प्रस्तावित रेल कॉरिडोर का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख शहरों गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम को सीधे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और ट्रैफिक-मुक्त परिवहन विकल्प मिल सके। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए पूरा रूट प्लान तैयार कर लिया है और इसे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजा गया है। मंत्रालय से मंजूरी मिलते ही परियोजना पर जमीनी स्तर पर काम शुरू होने की संभावना है। माना जा रहा है कि एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही इस रैपिड रेल कॉरिडोर को प्राथमिकता दी जाएगी।

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बड़ी खबर: नोएडा के 15 बिल्डरों पर जल्द हो सकती है EOW की कार्रवाई

नोएडा अथॉरिटी ने जिन प्रोजेक्ट्स और डेवलपर्स के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी, उनकी जांच की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्राधिकरण की ओर से मांगे गए सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज EOW को सौंप दिए गए हैं।

EOW की रडार पर नोएडा के 15 बिल्डर
EOW की रडार पर नोएडा के 15 बिल्डर
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar17 Jan 2026 11:16 AM
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Noida News : नोएडा के रियल एस्टेट गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज है। जेपी ग्रुप और सुपरटेक पर शिकंजा कसने के बाद अब EOW की निगाहें नोएडा के 15 अन्य बिल्डरों पर टिक गई हैं। नोएडा अथॉरिटी ने जिन प्रोजेक्ट्स और डेवलपर्स के खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी, उनकी जांच की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। प्राधिकरण की ओर से मांगे गए सभी जरूरी रिकॉर्ड और दस्तावेज EOW को सौंप दिए गए हैं।

नोएडा में हजारों परिवारों की उम्मीदें अटकीं

नोएडा की इन 15 परियोजनाओं में प्राधिकरण के करीब 55 हजार करोड़ रुपये फंसे बताए जा रहे हैं। वहीं, शहर में 25 से 30 हजार खरीदार ऐसे हैं जिनका पैसा और सपनों का घर इन प्रोजेक्टों के साथ अटका है। कई मामलों में वर्षों से इंतजार कर रहे परिवारों के लिए नोएडा की हाउसिंग तस्वीर अब भी अधूरी ही बनी हुई है।

फंसी परियोजनाओं को दोबारा पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र की अमिताभ कांत पॉलिसी लागू की थी, ताकि नोएडा के जितने संभव हों उतने प्रोजेक्ट रिवाइव हो सकें। लेकिन प्राधिकरण का दावा है कि नीति लागू होने के बाद भी कुछ बिल्डरों ने प्रोजेक्ट रिवाइवल में गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके चलते नोएडा अथॉरिटी ने EOW को रिपोर्ट भेजकर सख्त कदम की दिशा में प्रक्रिया शुरू की। इनमें से कुछ पर मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है, जबकि कुछ मामलों में जांच अब तक चल रही थी। जांच के केंद्र में एक बड़ा आरोप फंड डायवर्जन का है। यानी जिस परियोजना के लिए खरीदारों से पैसा लिया गया, वह राशि उसी प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय दूसरे प्रोजेक्ट या दूसरी कंपनी में लगा दी गई। नतीजा नोएडा के कई प्रोजेक्ट अधर में लटक गए और हजारों लोग आज भी अपने घर की चाबी का इंतजार कर रहे हैं।

नोएडा अथॉरिटी ने EOW को किन बिल्डरों के नाम भेजे

नोएडा अथॉरिटी की ओर से EOW को भेजी गई रिपोर्ट में जिन बिल्डरों/कंपनियों के नाम सामने आए हैं, उनमें प्रमुख रूप से—

  1. किंडले इंफ्राहाइट्स लिमिटेड
  2. असोटेक कॉन्ट्रैक्ट्स लिमिटेड
  3. IVI प्राइम
  4. अंतरिक्ष डेवलपर एंड प्रमोटर्स
  5. लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स
  6. टूडे होम्स नोएडा लिमिटेड
  7. GSS प्रोकॉन
  8. ग्रेनाइट/ग्रेनाअट गेट प्राइवेट लिमिटेड (जैसा रिकॉर्ड में दर्ज)

इसके अलावा रिपोर्ट में शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, सिक्का इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, सनसाइन इंफ्रावेल लिमिटेड, महागुन रियल एस्टेट लिमिटेड, TGB इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड समेत अन्य नामों की जानकारी भी भेजे जाने की बात कही गई है। Noida News

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