
Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 2 अप्रैल को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “जांच में लिफ्ट पंजीकृत नहीं मिली तो होगी सील, जुर्माना भी लगेगा, जिला प्रशासन ने दी चेतावनी, केवल 3,340 लिफ्ट का हो सका पंजीकरण” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि जिन सोसाइटी या अन्य भवन की लिफ्ट का पंजीकरण नहीं कराया गया है। उनको सील करने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक को कार्रवाई के लिए नामित किया गया है। अफसरों ने बताया कि 100 रुपये से लेकर 10000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। लिफ्ट एक्ट में सभी लिफ्ट का पंजीकरण कराना जरूरी था। अगर जुर्माने के बाद भी पंजीकरण नहीं कराया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
शासन के आदेश पर प्रशासन ने पिछले अक्तूबर माह में लिफ्ट एक्ट लागू कर दिया था। नोएडा और ग्रेनो में सभी सोसाइटी, कॉमर्शियल भवन व अन्य इमारतों में लगी लिफ्ट का पंजीकरण कराने के लिए छह माह का समय दिया गया, जो 31 मार्च को पूरा हो गया है। केवल 3340 लिफ्ट का पंजीकरण हुआ है। जबकि यहां 80 हजार लिफ्ट होने का पंजीकरण होना था। अब निर्धारित समय पूरा हो चुका है तो प्रशासन ने पंजीकरण नहीं कराने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला लिया है। अफसरों ने बताया, अब प्रशासन की टीम सोसाइटी व अन्य भवन में जाकर लिफ्ट की जांच करेगी। अगर किसी लिफ्ट का पंजीकरण नहीं मिला तो संबंधित के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही लिफ्ट को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। पहले सात दिन में 100 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगाया जाएगा। जबकि 30 दिन की देरी के बाद हर लिफ्ट पर 10000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “नोएडा में अवैध निर्माण को लेकर जूनियर इंजीनियर बर्खास्त” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण पर जूनियर इंजीनियर की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहीं, लेखपाल को सस्पेंड करने के लिए पत्र भेजा गया गया है। दो वरिष्ठ प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने टीम बनाकर निरीक्षण करने के बाद किया है।
सीईओ ने बताया कि अवैध निर्माण को लेकर कई शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए भू-लेख विभाग की टीम से निरीक्षण करवाया गया था। ओएसडी महेंद्र प्रसाद और क्रांति शेखर ने टीम के साथ सालारपुर खादर, बरौला, हनुमान मूर्ति, बसई ब्राउद्दीनपुर समेत क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि नोएडा अधिसूचित क्षेत्र के गांव सालारपुर खादर में नोएडा प्राधिकरण की अनुमति के बिना बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो रहा है। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर जेई लोकेश शर्मा की प्राधिकरण से सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा लेखपाल विनय सिंह को निलंबित करने के - लिए संबंधित जनपद के जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया गया है। - अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं करने पर वर्क सर्कल 3 के वरिष्ठ प्रबंधक राजकमल सिंह और वर्क सर्कल 8 के वरिष्ठ प्रबंधक - अनिल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ अवैध निर्माण करने वाले कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर निर्माण कर रहे हैं।
Hindi News:
अमर उजाला ने 2 अप्रैल 2025 के अंक में प्रमुख समाचार “प्रदेश हुआ दस्यु और माफिया मुक्त कानून व्यवस्था हुई बेहतर : डीजीपी” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश अब दस्यु व माफिया से मुक्त है। प्रदेश में अमन व शांति है। नए तकनीकी को अपने साथ जोड़कर यूपी पुलिस आगे बढ़ रही है। यह बातें प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर को 11 नए पिंक बूथ व 26 थानों में वीडियो वॉले के लोकार्पण के दौरान कही। सेक्टर-108 स्थित पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण स्वतंत्रता के बाद प्रदेश में कमिश्नरेट सिस्टम की शुरुआत हुई। इससे पारदर्शी. पुलिसिंग को बढ़ावा मिल रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे बेहतर है। पुलिस महानिदेशक मंगलवार को सेक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और वहां पुलिसकर्मियों ने सलामी दी। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम की शुरुआत की।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि यह अवसर महज लोकार्पण का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में बदलते सुरक्षा दृष्टिकोण और कम्यूनिटी पुलिसिंग के नए युग की झलक की है। लखनऊ, नोएडा, वाराणसी, आगरा, गाजियाबाद और प्रयागराज, कानपुर जैसे नगरों में लागू कमिश्नरेट प्रणाली ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय, उत्तरदायी और पारदर्शी पुलिसिंग के नए मानक स्थापित किए हैं। इससे अपराध नियंत्रण में सफलता के साथ ही जनता का पुलिस पर विश्वास सशक्त हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर के लक्ष्मी सिंह की तैनाती मिशन शक्ति अभियान की मूल भावना को साँकार करती है। इस दौरान पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने
पिछले कुछ वर्षों में गैंगस्टर व माफिया नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई की है। साइबर अपराध, ड्रग्स, अवैध कॉल सेंटरों के विरुद्ध अभियान चलाया है। कमिश्नर ने बताया कि आठ वर्षों में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में लूट के मामलों में 94.33 फीसदी, घर में सेंधमारी के मामलों में 71.43 फीसदी, वाहन चोरी के मामलों में 50.11 फीसदी, हत्या के मामलों में 36.56 फीसदी की कमी आई है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 2 अप्रैल 2025 का प्रमुख समाचार “पिंक आटो की छत को बेड बना अर्धनग्न केसी युवकों ने किया स्टंट, 33,500 का चालान” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि तेज आवाज में बजते गाने, आटो की छत को बेड बना और साइड में खड़े होकर अर्धनग्न दो युवकों के स्टंट करने का वीडियो मंगलवार को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीड़ियो नोएडा सेक्टर 126 थाना क्षेत्र के सेक्टर 94 स्थित नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का बताया गया। यातायात पुलिस ने आटो की पहचान कर 33,500 रुपये का चालान किया।
20 सेकंड का सामने आया वीडियो 20 सेकेंड के वीडियो में नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर पिंक आटो जाता हुआ दिखाई दे रहा है। पिंक आटो की छत पर एक युवक अर्धनग्न अवस्था में डांस कर रहा है। घुटनों के बल बैठकर डांस के कई स्टेप भी कर रहा है और एक दो बार गिरने से भी बचता है तो आटो की छत पर लेट जाता है जबकि दूसरा युवक आटो के चलने के उल्टे हाथ की दिशा में लटककर सफर कर रहा है। वह भी हाथ और टांग लहराकर स्टेप करते हुए डांस कर रहा है। उधर, चालक आटो को मस्ती में चला रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आटो में तेज आवाज में गाने बज रहे हैं। डीसीपी यातायात लखन सिंह यादव ने बताया कि वीडियो का संज्ञान लेकर आर्टी का नंबर निकाला गया। आटो का 33,500 रुपये का चालान किया गया है। उधर, नोएडा पुलिस मामले में जांच कर रही है। कमिश्नर पुलिस की ओर से नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर निगरानी करने और पुलिस के गश्त करने का दावा किया जाता है लेकिन दावे "खोखले ही नजर आते हैं इसकी बानगी मंगलवार को प्रसारित हुए आटो से दो युवकों के स्टंट करने के मामले में देखी जा सकती है। होली के आसपास एक्सप्रेसवे पर ही बुलेट मोटरसाइकिल पर लेटकर युवक के स्टंट करने का वीडियो प्रसारित हुआ था।
दैनिक जागरण के 2 अप्रैल 2025 के अंक में अगला प्रमुख समाचार “टूटी सड़क, गंदगी से उफनती नालियां बनीं जेवर बांगर टाउनशिप की पहचान, चार वर्ष बाद भी सात गांव के लोगों को सामुदायिक केंद्र तक नहीं हो पाया नसीब” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि एयरपोर्ट के प्रथम फेज में अपनी जमीन और घर देकर विस्थापित हुए किसानों को चार वर्ष बाद भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। टाउनशिप के लिए बनी मुख्य सड़क टूटी पड़ी है। जल निकासी न होने की वजह से नालियां जगह-जगह गंदगी से उफनती नजर आती हैं। लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन चोक पड़ी है विद्युत आपूर्ति के लिए लगे लगभग 450 पैनल बाक्स में से 250 से ज्यादा खराब हो चुके हैं। आए दिन अघोषित बिजली कटौती से जूझना पड़ता है। सात गांव के लिए टाउनशिप में शादी विवाह या अन्य सामाजिक कार्यक्रम के लिए दो सामुदायिक केंद्र बनाए जाने थे, चार साल बाद एक भी सामुदायिक केंद्र नहीं बन सका है।
एयरपोर्ट में गांव जाने के बाद जेवर के सात गांव रोही, नगला गणेशी, दयानतपुर खेड़ा, नगला छीतर, नगला फूलखां, नगला शरीफ व किशोरपुर के तीन हजार से अधिक किसान परिवारों को बसाने के लिए जेवर बांगर की 48 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप विकसित की गई थी। टाउनशिप को विकसित करने की जिम्मेदारी यमुना प्राधिकरण की थी। प्राधिकरण ने वर्ष 2020 में काम शुरू किया और जून 2021 में काम पूरा होने का दावा कर प्रशासन से लोगों को विस्थापित करने के लिए कह दिया। प्रशासन ने भी किसानों को प्लाट आवंटित करते हुए विस्थापन करा दिया। चार बाद भी लोगों को मूलभूत सुविधा भी नहीं मिल पा रही हैं। टाउनशिप में प्राधिकरण की तरफ से 11 किमी सड़क, 24 किमी लंबी ड्रेन, 22 किमी सीवर लाइन, 20 किमी वाटर सप्लाई नेटवर्क बिछाने के अलावा दो सामुदायिक केंद्र बनाए गए थे। लोगों का आरोप है कि जेवर पलवल मार्ग से टाउनशिप को जोड़ने वाली मुख्य सड़क सालों से टूटी पड़ी है। सीवर के खुले पड़े मैन हाल हादसे को दावत दे रहे हैं, नालियों में गंदगी से बुरा हाल है। अंडरग्राउंड बिजली की लाइनों के पैनल से कनेक्शन दिए गए थे, ज्यादातर खराब हो चुके हैं। खुले पड़े पैनल बाक्स भी हादसों को न्योता दे रहे हैं। देखरेख न होने से पार्कों की स्थिति भी दयनीय है।
दैनिक जागरण के अंक में अगला प्रमुख समाचार “प्राइवेट स्कूलों के खजाने में एक अरब रुपये अतिरिक्त जाने तय” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि पिछले सत्र से इस बार अभिभावकों की जेब से करीब एक अरब रुपये अतिरिक्त प्राइवेट स्कूलों के खजाने में जाने तय हैं, क्योंकि कोर्ट से मिली छूट के तहत स्कूल - उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआइ) या शिक्षकों की वेतन वृद्धि के नाम पर प्राइवेट स्कूलों द्वारा न्यूनतम 10.4 प्रतिशत फीस बढ़ा दी गई है। इसके अलावा स्टेशनरी व ड्रेस के रेट भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिए गए हैं। ऐसे में यह राशि दो * गुना हो गई है, जो अभिभावकों को ही अदा करनी पड़ रही है।
गौतमबुद्ध नगर जिले के 'प्राइवेट स्कूलों में करीब 7.5 लाख छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। सभी स्कूलों में अलग-अलग कक्षाओं की मोटी फीस तय कर रखी है। प्रत्येक बच्चे से किसी स्कूल में पांच हजार तो किसी में 15 हजार रुपये प्रतिमाह फीस जमा कराई जाती है। इस हिसाब से प्रत्येक बच्चे की हर माह औसतन 10 हजार फीस के हिसाब से 10 प्रतिशत बढ़ोतरी भी हुई, तो 75 करोड़ रुपये अतिरिक्त अभिभावकों को जेब ढीली कर जमा करने पड़ेंगे। इसके साथ टूर, पिकनिक, टेस्ट व अन्य आयोजनों के लिए जमा कराया जाने वाला शुल्क जोड़कर एक अरब से ऊपर रकम स्कूलों के खजाने में ज़मा होगी। खास बात यह है कि यह रकम कोर्ट से सीपीआइ को लेकर 10.4 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने से ही मिलेगी, जबकि कई स्कूलों ने कमीशन के खेल में स्टेशनरी, ड्रेस आदि का भी 10 से 15 प्रतिशत तक रेट बढ़ा दिया है। ऐसे में अभिभावकों की जेब पर पिछले सत्र से करीब 20 प्रतिशत अधिक रकम जानी तय है। वाहन का किराया व एडमिशन फीस भी बढ़ा दीः बीटा वन निवासी एक अभिभावक ने बताया उनके तीन बच्चे एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। पिछली बार तीनों बच्चों का एडमिशन कराया था तब 14 हजार रुपये शुल्क जमा कराया गया था। जबकि इस बार 20 हजार रुपये जमा कराए गए हैं। स्कूल वाहन का किराया 200 बढ़ाकर 1200 कर दिया है, जबकि घर से स्कूल की दूरी एक किमी से भी कम है।
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