India lliance : आजकल इंडिया गठबंधन में नेतृत्व को लेकर खींचतान मची हुई है। आपस में नेतृत्व बदलने को लेकर जोर आजमाइश हो रही है। ताजे घटनाक्रम में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को गठबंधन का नेतृत्व करने को लेकर समर्थन दे दिया है। साथ ही साथ उन्होंने कांग्रेस को सीधी नसीहत दे डाली है और उसके प्रेशर पालिटिक्स की हवा निकाल दी है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के नेतृत्व करने की इच्छा जगजाहिर की तो उनके समर्थन में गठबंधन के दिग्गज नेताओं ने उन्हें समर्थन का मन बना लिया। पहले अखिलेश की सपा फिर शरद पवार ने भी ममता बनर्जी को गठबंधन के नेता बनने के काबिल बताया। अब तो आरजेडी के संस्थापक लालू यादव ने समर्थन देकर कांग्रेस को बड़ा झटका दे दिया है।
कांग्रेस की प्रेशर पॉलिटिक्स की लालू यादव ने निकाली हवा
इंडिया गठबंधन में कांग्रेस अपनी शर्तों पर ही गठबंधन के सहयोगियों को डील करती रही। कांगे्रस का दावा लोकसभा चुनाव में 99 सीटें जीतने के बाद और भी मजबूत हो गया। इसके बाद राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सहयोगी दलों के सीटों की मांंग को अनदेखी अनदेखी करते हुए अपने हिसाब से सीटों के बंटवारे का गुणाभाग किया। हरियाणा में आप को गठबंधन के लिए आखिरी समय तक लटकाए रखा। झारखंड में भी कांग्रेस ने झामुमो और आरजेडी को अपने हिसाब से डील किया। यहां तक की आरजेडी को छह सीटों से संतोष करना पड़ा। सीटों के बंटवारे को लेकर महाराष्ट्र में भी कांग्रेस पर प्रेशर पॉलिटिक्स करने के आरोप लगे। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे ने सीएम फेस घोषित करने की मांग की थी, जिसे कांग्रेस ने खारिज कर दिया था। अब जब सारे नेता ममता को आगे कर रहे हैं तो लालू यादव ने भी कांग्रेस के नेतृत्व को खारिज कर अपना दांव चल दिया है।
सभी की गणित विधान सभा चुनावों को लेकर
2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर ही ममता ने नेतृत्व वाला दांव खेला है। अब इंडिया गठबंधन के तमाम नेताओं के समर्थन मिलने से वह और पावरफुल हो गई हैं। लोकसभा चुनाव में भी ममता ने कांग्रेस को दरकिनार कर अकेले 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहांं कांग्रेस को एक सीट से संतोष करना पड़ा था। वे बंगाल में बीजेपी के खिलाफ एक मात्र चेहरा बनने के लिए आगे बढ़ी हैं। यही गणित बिहार में लालू और अन्य प्रदेशों में वहां के नेता अपना वर्चस्व चलाने के लिए इस नई गणित में शामिल हो गए हैं।
तमाम नेताओं के एक हो जाने से अब कांग्रेस के हाथ से गठबंधन का नेतृत्व जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
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