
National News / नई दिल्ली। बाजार में चल रहे 2000 रुपये के नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंकों में जमा कराए जाने के आदेश के बाद अब लोगों के दिमाग में एक सवाल चल रहा है कि क्या 500 रुपये का नोट बंद हो जाएगा। देश की जनता के इस प्रश्न का जवाब भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने दिया है।
दरअसल, गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने एमपीसी बैठक के नतीजों का ऐलान किया। लगातार दूसरी बार रेपो रेट (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं किया गया। बैठक में लिए गए फैसलों और उठाए गए बड़े मुद्दों के बारे में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने जानकारी दी। उन्होंने ब्याज दरों के बारे में जानकारी देने के साथ ही चलन से बाहर किए गए 2,000 रुपये के नोटों के वापस आने का डाटा भी पेश किया और 500 रुपये के नोट बंद होने की खबरों पर तस्वीर साफ की।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने साफ कर दिया है कि रिजर्व बैंक की चलन में मौजूद 500 रुपये के नोटों को वापस लेने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इस तरह की अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील जनता से की है। इसके साथ ही उन्होंने उन बातों को भी सिरे से खारिज कर दिया है कि देश में एक बार फिर से 1000 रुपये का नोट देखने को मिलेगा।
बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि आरबीआई की न तो 500 रुपये के नोट वापस लेने की कोई योजना है और न ही फिर से 1000 रुपये के नए नोट जारी करने का कोई प्लान है।
RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 2000 रुपये के नोटों की वापसी पर भी बात की और अब तक कितने नोट बैंक में जमा किए जा चुके हैं इसका डाटा भी पेश किया। उन्होंने कहा कि 2000 नोटों को चलन से बाहर किए जाने के फैसले के बाद से अब तक करीब 50 फीसदी गुलाबी नोट वापस आ चुके हैं।
आरबीआई के मुताबिक, जब बीती 19 मई को जब इन नोटों को बंद करने का ऐलान किया गया था, तब देश में कुल 3.62 लाख करोड़ की के 2000 रुपये के नोट होने का दावा किया गया था। ये आकंड़ा 31 मार्च 2023 तक का था। अब आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि इनमें से 1.80 लाख करोड़ रुपये के नोट देश के तमाम बैंकों में वापस आ चुके हैं।
आपको बता दें कि आरबीआई ने 19 मई 2023 को क्लीन नोट पॉलिसी के तहत 2000 रुपये के नोट को बंद करने का ऐलान किया था और लोगों से अपने पास मौजूद इन नोटों को बैंकों के जरिए बदलने की सुविधा दी थी। देश के बैंकों में 2000 रुपये के नोटों को बदलने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू हो चुकी है और इनका एक्सचेंज या डिपॉजिट 30 सितंबर 2023 तक किया जा सकेगा।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आगे कहा कि 2000 रुपये के नोटों को बदलने या जमा करने के लिए घबराने की जरूरत नहीं है। डेडलाइन 30 सितंबर तक ज्यादातर नोट बैंकों में वापस आने की उम्मीद है। National News