National Pension System: NPS में निवेश करके रिटायरमेंट के बाद ₹50 हजार मासिक पेंशन और करोड़ों रुपये एकमुश्त पाने का तरीका जानें। उम्र के हिसाब से निवेश की पूरी जानकारी।

नौकरी के दौरान हर व्यक्ति चाहता है कि रिटायरमेंट के बाद भी उसकी आमदनी बनी रहे ताकि उसे अपनी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े। यही वजह है कि लोग लंबे समय के लिए ऐसी योजनाओं में निवेश करना पसंद करते हैं जहां उन्हें भविष्य में नियमित आय के साथ बड़ी रकम भी मिल सके। अगर आप भी रिटायरमेंट के बाद हर महीने करीब 50 हजार रुपये की पेंशन चाहते हैं तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) आपके लिए एक विकल्प हो सकता है। इस योजना में लंबे समय तक निवेश करके रिटायरमेंट के समय एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है जिससे एकमुश्त रकम और मासिक पेंशन दोनों का लाभ मिल सकता है। हालांकि, मिलने वाली राशि आपके निवेश, रिटर्न और एन्युटी प्लान की शर्तों पर निर्भर करती है।
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS सरकार की ओर से शुरू की गई एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम है। इसका उद्देश्य लोगों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देना है। इस योजना में निवेशक अपनी नौकरी या कमाई के दौरान नियमित रूप से पैसा जमा करते हैं। रिटायरमेंट की उम्र पूरी होने के बाद जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है जबकि बाकी रकम से एन्युटी खरीदी जाती है जिससे नियमित पेंशन मिलती है। NPS में निवेश करने वालों को रिटायरमेंट के समय एक बड़ा फंड बनाने का मौका मिलता है।
अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद हर महीने 50 हजार रुपये की पेंशन चाहता है तो उसे सालाना करीब 6 लाख रुपये की आय की जरूरत होगी। मान लेते हैं कि एन्युटी से औसतन करीब 6 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है तो इतनी मासिक पेंशन के लिए करीब 1 करोड़ रुपये की एन्युटी खरीदने की जरूरत होगी। यानी रिटायरमेंट के समय आपके पास इतना पैसा होना चाहिए कि उसमें से एक हिस्सा एन्युटी में लगाया जा सके और उससे हर महीने पेंशन मिल सके।
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NPS के नियमों के अनुसार, रिटायरमेंट के समय जमा राशि का एक हिस्सा एकमुश्त निकाला जा सकता है और बाकी राशि से एन्युटी खरीदनी होती है। अगर आपको 1 करोड़ रुपये की एन्युटी खरीदनी है और यह कुल कॉर्पस का 20 फीसदी हिस्सा है तो आपके पास करीब 5 करोड़ रुपये का कुल रिटायरमेंट फंड होना चाहिए। इसमें से करीब 80 फीसदी राशि यानी लगभग 4 करोड़ रुपये एकमुश्त निकाली जा सकती है जबकि बाकी 1 करोड़ रुपये से एन्युटी खरीदकर पेंशन प्राप्त की जा सकती है।
कम उम्र में निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपके पास पैसा बढ़ने के लिए ज्यादा समय होता है। अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में NPS में निवेश शुरू करता है और करीब 35 साल तक निवेश करता है तो अनुमान के मुताबिक उसे हर महीने करीब 14 हजार से 15 हजार रुपये तक निवेश करना पड़ सकता है। अगर निवेश पर औसतन करीब 10 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है तो 60 साल की उम्र तक लगभग 5 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है। इसके बाद नियमों के अनुसार एक हिस्सा निकालकर एकमुश्त रकम ली जा सकती है और बाकी रकम से पेंशन शुरू की जा सकती है।
अगर किसी व्यक्ति ने 25 साल की उम्र में निवेश शुरू नहीं किया है तो भी वह NPS के जरिए रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकता है। 30 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर 50 हजार रुपये मासिक पेंशन के लक्ष्य के लिए उसे हर महीने करीब 22 हजार से 24 हजार रुपये तक निवेश करना पड़ सकता है। जितनी देर से निवेश शुरू होगा उतना ही ज्यादा पैसा हर महीने जमा करना पड़ेगा, क्योंकि निवेश के लिए समय कम हो जाएगा।
अगर कोई व्यक्ति 35 साल की उम्र में NPS में निवेश शुरू करता है तो उसे ज्यादा रकम निवेश करनी होगी। अनुमान के मुताबिक, 35 साल की उम्र से शुरुआत करने पर 50 हजार रुपये मासिक पेंशन के लक्ष्य के लिए हर महीने करीब 35 हजार से 38 हजार रुपये तक निवेश करना पड़ सकता है। इसलिए रिटायरमेंट प्लानिंग में जल्दी शुरुआत करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
NPS का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लंबे समय तक निवेश करके रिटायरमेंट के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा निवेशक को रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन का विकल्प भी मिलता है। यह योजना उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो नौकरी खत्म होने के बाद भी अपनी आर्थिक जरूरतों के लिए नियमित आय चाहते हैं।
रिटायरमेंट के लिए निवेश जितनी जल्दी शुरू किया जाए उतना बेहतर होता है। कम उम्र में निवेश शुरू करने से छोटी रकम भी लंबे समय में बड़ी बचत में बदल सकती है। हालांकि NPS में मिलने वाला अंतिम रिटर्न बाजार प्रदर्शन, निवेश विकल्प और एन्युटी दरों पर निर्भर करता है। इसलिए निवेश करने से पहले अपनी आर्थिक स्थिति और जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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