Delhi Lakshmi Yojana: हर महिला इस योजना के दायरे में नहीं आएगी। अगर परिवार की आय, बिजली खपत, बच्चों की संख्या, वाहन, नौकरी या अन्य सरकारी लाभ जैसी कुछ शर्तें पूरी नहीं होती हैं, तो महिला को 2500 रुपये की सहायता राशि नहीं मिलेगी।

दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही दिल्ली लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होने जा रही है जबकि सरकार ने रक्षा बंधन के अवसर पर 28 अगस्त को पहली किस्त जारी करने का ऐलान किया है। हालांकि सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी पात्रता शर्तें भी तय की हैं। हर महिला इस योजना के दायरे में नहीं आएगी। अगर परिवार की आय, बिजली खपत, बच्चों की संख्या, वाहन, नौकरी या अन्य सरकारी लाभ जैसी कुछ शर्तें पूरी नहीं होती हैं तो महिला को 2500 रुपये की सहायता राशि नहीं मिलेगी।
दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ उन महिलाओं को दिया जाएगा जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक होगी। इसके अलावा महिला का दिल्ली का स्थायी निवासी होना जरूरी है और वह कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली में रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ लेने वाली महिला या उसके परिवार के खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
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दिल्ली लक्ष्मी योजना में सरकार ने परिवार नियोजन से जुड़ी शर्त भी रखी है। जिन महिलाओं के तीन से ज्यादा जीवित बच्चे हैं उन्हें इस योजना के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। सरकार का उद्देश्य योजना का लाभ जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक पहुंचाना है इसलिए पात्रता तय करते समय परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा गया है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत बिजली खपत को भी पात्रता से जोड़ा गया है। अगर किसी परिवार में सालाना बिजली खपत 2400 यूनिट से अधिक है तो उस परिवार की महिला को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर किसी घर में हर महीने औसतन 200 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च होती है तो महिला इस योजना के लिए अपात्र मानी जाएगी।
सरकार ने योजना में संपन्न परिवारों को बाहर रखने के लिए वाहन संबंधी नियम भी तय किए हैं। जिन परिवारों के पास कार है उन्हें दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगर महिला या उसके परिवार का कोई सदस्य जीएसटी (GST) का भुगतान करता है तो भी योजना के तहत आर्थिक सहायता नहीं दी जाएगी।
दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ सरकारी नौकरी करने वाली या सरकारी सेवा से रिटायर हो चुकी महिलाओं को नहीं मिलेगा। इसके अलावा जिन महिलाओं को पहले से किसी सरकारी योजना के तहत पेंशन मिल रही है वे भी इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाएं शामिल हैं जिनमें लाभार्थियों के बैंक खाते में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जाती है। सरकार ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आपराधिक रिकॉर्ड को लेकर भी नियम बनाए हैं। अगर किसी महिला या उसके परिवार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है तो उसे दिल्ली लक्ष्मी योजना के लाभ से बाहर रखा जाएगा।
दिल्ली सरकार के अनुसार दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू होगी। पात्र महिलाएं आवेदन कर योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कर सकेंगी। सरकार ने घोषणा की है कि योजना की पहली किस्त रक्षा बंधन के दिन (28 अगस्त) जारी की जाएगी। इससे हजारों महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।
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