Rajasthan Ghumantu Awas Yojana: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से आवंटन पत्र और घर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय के 473 परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जयसिंहपुरा खोर की आवासीय योजना में पात्र परिवारों को निशुल्क पक्के मकान आवंटित किए गए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम में लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से आवंटन पत्र और घर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वंचित और जरूरतमंद परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। सरकार का फोकस ऐसे परिवारों को आवास, शिक्षा और दूसरी जरूरी सुविधाओं से जोड़ने पर है ताकि वे विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन सकें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जयसिंहपुरा खोर की आवासीय योजना के तहत जिन परिवारों को मकान दिए गए हैं, उन्हें एक बेडरूम, हॉल और किचन वाला आवास मिला है। लंबे समय से स्थायी घर की जरूरत महसूस कर रहे इन परिवारों के लिए यह आवंटन अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को आवंटन पत्र और चाबी सौंपते हुए कहा कि पक्का घर सिर्फ रहने की जगह नहीं है, बल्कि परिवार के सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार पात्र परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार आवास उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान के दूसरे शहरों में भी ऐसे परिवारों के लिए आवास और जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कोटा में 50 फ्लैट और जोधपुर में 80 भूखंड आवंटन के लिए तैयार हैं। सरकार का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में विमुक्त, घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू, गाड़िया लोहार और कालबेलिया समुदाय के परिवारों को आवास और जमीन से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों को स्थायी आधार देना है ताकि वे अपने परिवार और बच्चों के भविष्य पर बेहतर तरीके से ध्यान दे सकें।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्र में घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय के परिवारों के लिए अब तक 838 भूखंड और 106 फ्लैट आवंटित किए हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री घुमंतू आवास योजना के तहत 303 परिवारों को लाभ दिया गया है। सरकार आवास के साथ-साथ जमीन के अधिकार को लेकर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक इन समुदायों के परिवारों को अब तक कुल 22,790 पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से 15,412 अतिरिक्त पट्टे भी दिए गए हैं।
घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए पहचान से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि विशेष शिविरों के जरिए अब तक 71 हजार से ज्यादा घुमंतू पहचान प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। राजस्थान में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय की 32 जातियां अधिसूचित हैं। पहचान प्रमाण-पत्र मिलने से इन परिवारों को सरकारी योजनाओं और दूसरी जरूरी सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विमुक्त, घुमंतू, अर्द्ध घुमंतू और आवासहीन बीपीएल परिवारों को अब तक 2 लाख 67 हजार से अधिक पट्टे जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने इन समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना भी शुरू की है। सरकार का जोर केवल घर देने तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने इन परिवारों से अपने बच्चों को पढ़ाने और युवाओं को बेहतर अवसरों के लिए तैयार करने की अपील की। उनका कहना था कि शिक्षा और कौशल के जरिए युवा आगे बढ़ सकते हैं और परिवार की स्थिति को बेहतर बना सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आम लोगों से भी अपील की कि वे पात्र और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि वंचित परिवारों तक योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचना जरूरी है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का काम प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किया जा रहा है।
जयपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवासन आलोक गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध घुमंतू समुदाय के लाभार्थी परिवार भी शामिल हुए। कुछ विधायक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।
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