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Ayushman Card: उत्तर प्रदेश में इस योजना को और मजबूत बनाने के लिए अब सरकार ने एक नया और बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कई लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने में नाम, उम्र, पता या परिवार से जुड़ी गलतियों की समस्या...

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक है जिसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा देना है। उत्तर प्रदेश में इस योजना को और मजबूत बनाने के लिए अब सरकार ने एक नया और बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कई लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनवाने में नाम, उम्र, पता या परिवार से जुड़ी गलतियों की समस्या सामने आ रही थी जिसके कारण लोगों को अस्पताल में इलाज के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए अब एक विशेष डेटा अपडेट अभियान शुरू किया जा रहा है जिससे हर पात्र व्यक्ति का रिकॉर्ड सही और अपडेटेड हो सके।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी पात्र लाभार्थी को केवल तकनीकी या डेटा की गलती की वजह से योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। अक्सर देखा गया है कि आधार कार्ड या परिवार रजिस्टर में दर्ज जानकारी और आयुष्मान कार्ड के रिकॉर्ड में अंतर होने की वजह से कार्ड बनने या इस्तेमाल करने में परेशानी आती है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (SHA) ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया है कि अब पूरे सिस्टम को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा।
इस प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया गया है जहां से सभी जरूरी सुधार किए जा सकेंगे। इसके लिए Beneficiary Data Management Portal को सक्रिय किया गया है जिसे नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने विकसित किया है। इस पोर्टल के जरिए लाभार्थियों का पूरा रिकॉर्ड देखा और उसमें सुधार की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रैक करने योग्य होगी।
डेटा सुधार की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए लाभार्थियों को अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाना होगा। वहां मौजूद आयुष्मान मित्र या संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी उनके दस्तावेजों की जांच करेंगे और अगर किसी भी तरह की गलती पाई जाती है तो उसे सुधार के लिए आगे भेजा जाएगा।
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यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय स्तर से शुरू होकर राज्य और फिर केंद्र स्तर तक पहुंचती है ताकि हर बदलाव की सही तरीके से जांच हो सके। ब्लॉक स्तर पर जब जानकारी की पुष्टि हो जाती है तो इसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पास भेजा जाता है। वहां से जांच के बाद इसे राज्य स्तर पर स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाता है और अंतिम मंजूरी के लिए इसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) को भेजा जाता है। जब केंद्र सरकार की ओर से इसे मंजूरी मिल जाती है तब जाकर लाभार्थी के रिकॉर्ड में बदलाव पूरी तरह से अपडेट कर दिया जाता है। इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्तर पर गलती की संभावना न रहे और हर व्यक्ति का डेटा पूरी तरह सही हो।
कई बार लोगों को यह समझ नहीं आता कि आयुष्मान कार्ड में गलती कैसे ठीक करवाई जाए। इस नए अभियान के तहत यह प्रक्रिया काफी सरल कर दी गई है। लाभार्थी चाहे तो ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी अपने कार्ड का विवरण देख सकते हैं और जरूरी सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आयुष्मान भारत ऐप के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिससे लोग घर बैठे भी अपने कार्ड की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
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इस अभियान का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब पात्र लोगों को इलाज के समय किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अस्पतालों में अक्सर गलत नाम या उम्र की वजह से क्लेम रिजेक्ट या देरी हो जाती थी लेकिन अब सही डेटा होने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र लोगों तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की तकनीकी त्रुटि बाधा न बने।
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