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UP Agri Junction Yojana: इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है वहीं पात्र अभ्यर्थियों को 60,000 रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाती है।

UP Government Scheme: अगर आपने एग्रीकल्चर या उससे जुड़े किसी विषय में पढ़ाई की है और अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना आपके लिए बड़ा अवसर साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार एग्रीकल्चर ग्रेजुएट्स को गांवों में कृषि केंद्र (एग्री जंक्शन) खोलने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बैंक लोन उपलब्ध कराया जाता है वहीं पात्र अभ्यर्थियों को 60,000 रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाती है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को रोजगार देना और किसानों तक आधुनिक कृषि सेवाएं पहुंचाना है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षित युवाओं को रोजगार से जोड़ने और किसानों को एक ही जगह बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एग्री जंक्शन योजना शुरू की है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2022-23 में की गई थी और अब तक प्रदेश में हजारों कृषि केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पूरे उत्तर प्रदेश में 10,000 एग्री जंक्शन स्थापित करना है। इन केंद्रों के जरिए किसान अपनी खेती से जुड़ी लगभग सभी जरूरी सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों का समय भी बचेगा और उन्हें बेहतर खेती करने में मदद मिलेगी।
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एग्री जंक्शन केवल खाद और बीज बेचने की दुकान नहीं होगी बल्कि यह किसानों के लिए एक आधुनिक कृषि सेवा केंद्र की तरह काम करेगी। यहां किसानों को प्रमाणित बीज, उर्वरक, कीटनाशक, जैविक उत्पाद, मिट्टी की जांच, कृषि विशेषज्ञों की सलाह, खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरण किराये पर और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि जब गांव स्तर पर ऐसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी तो किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन कर सकेंगे।
इस योजना का सबसे बड़ा उद्देश्य एग्रीकल्चर की पढ़ाई करने वाले युवाओं को नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे एक ओर पढ़े-लिखे युवाओं को स्वरोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों को उनके गांव या आसपास ही कृषि से जुड़ी सभी जरूरी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार इस योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। इससे किसानों की आय बढ़ाने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
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इस योजना का लाभ केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगा जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं और कृषि या उससे जुड़े विषयों में पढ़ाई कर चुके हैं। बीएससी एग्रीकल्चर, कृषि डिप्लोमा या बागवानी, डेयरी, पशुपालन जैसे कृषि एवं संबद्ध विषयों में ग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उनकी डिग्री ICAR या UGC से मान्यता प्राप्त संस्थान की होनी चाहिए। आवेदक की अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला अभ्यर्थियों को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट दी जाती है। साथ ही आवेदक बेरोजगार होना चाहिए और उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह कम से कम तीन वर्षों तक अपने एग्री जंक्शन केंद्र का संचालन करेगा।
योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को अपना कृषि केंद्र स्थापित करने के लिए बैंक के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा सरकार की ओर से 60,000 रुपये तक की सब्सिडी भी दी जाती है। यह आर्थिक सहायता युवाओं के लिए शुरुआती निवेश का बोझ काफी हद तक कम कर सकती है।
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सबसे पहले उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और बैंक संबंधी विवरण भरने होंगे। सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जांचकर ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। आवेदन पूरा होने के बाद संबंधित जिला स्तर पर उसकी जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा और उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद बैंक लोन और सरकारी सहायता की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और बैंक पासबुक जैसी जरूरी जानकारी अपने पास रखना बेहतर रहेगा। इससे आवेदन प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकेगी।
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