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CM Yogi Janata Darshan: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की पूरी प्रक्रिया जानें। रजिस्ट्रेशन, जरूरी दस्तावेज, हेल्पलाइन 1076, समय, स्थान और सुरक्षा नियमों की पूरी जानकारी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने के लिए समय-समय पर 'जनता दर्शन' कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोग अपनी शिकायत और समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। जमीन विवाद, पुलिस से जुड़ी शिकायत, पेंशन, सरकारी योजनाओं का लाभ, इलाज के लिए आर्थिक सहायता और अन्य प्रशासनिक मामलों में लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रख सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं। हालांकि, जनता दर्शन में शामिल होने के लिए एक तय प्रक्रिया होती है। अगर आप भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी समस्या बताना चाहते हैं तो पहले इस पूरी प्रक्रिया को समझना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन मुख्य रूप से दो स्थानों पर आयोजित किया जाता है। जब मुख्यमंत्री लखनऊ में रहते हैं तब यह कार्यक्रम उनके सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित होता है। वहीं जब मुख्यमंत्री गोरखपुर दौरे पर होते हैं तो जनता दर्शन गोरखनाथ मंदिर परिसर में लगाया जाता है। कार्यक्रम का स्थान मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार तय होता है। इसलिए किसी भी दिन पहुंचने से पहले यह जानना जरूरी है कि जनता दर्शन कहां आयोजित किया जाएगा।
जनता दर्शन का कोई तय साप्ताहिक या मासिक शेड्यूल नहीं होता। कार्यक्रम मुख्यमंत्री के दौरे और व्यस्तता के अनुसार तय किया जाता है। इसलिए अगर आप अपनी शिकायत लेकर पहुंचना चाहते हैं तो सबसे पहले सीएम हेल्पलाइन 1076 पर संपर्क करना चाहिए। हेल्पलाइन पर आपको अगली तारीख, समय और स्थान की जानकारी मिल जाएगी। चूंकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बदल सकता है इसलिए घर से निकलने से पहले दोबारा जानकारी की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
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जनता दर्शन में शामिल होने के लिए किसी तरह का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जाता। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद रजिस्ट्रेशन काउंटर पर आपकी जानकारी दर्ज की जाती है। इसके बाद आपको एक टोकन नंबर दिया जाता है जिसके आधार पर मुख्यमंत्री से मिलने का क्रम तय होता है। इस दौरान अधिकारियों की ओर से यह भी पूछा जा सकता है कि आपकी शिकायत पहले जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज है या नहीं। यदि शिकायत दर्ज नहीं भी है तब भी आपको मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर मिल सकता है।
जनता दर्शन में जाने से पहले अपनी समस्या का लिखित आवेदन तैयार करके ले जाना सबसे बेहतर माना जाता है। यदि आपकी एक से अधिक समस्याएं हैं तो हर समस्या के लिए अलग-अलग आवेदन तैयार करें। मान लीजिए आपको पेंशन से जुड़ी समस्या भी है और जमीन विवाद भी है तो दोनों मामलों के लिए अलग आवेदन देने से संबंधित विभाग तक शिकायत सही तरीके से पहुंचती है और कार्रवाई में आसानी होती है।
अगर आपने पहले किसी सरकारी विभाग, थाना, तहसील, नगर निगम, विकास प्राधिकरण या जिला प्रशासन में शिकायत दी है तो उसकी कॉपी और रिसीविंग भी अपने साथ जरूर रखें। इसके अलावा जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत का आवेदन नंबर, लंबित शिकायत की स्थिति और संबंधित विभाग में जमा किए गए दस्तावेज भी साथ रखने चाहिए। इससे अधिकारियों को यह समझने में आसानी होती है कि आपने पहले स्थानीय स्तर पर समाधान की कोशिश की थी लेकिन समस्या का निस्तारण नहीं हुआ।
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अगर आप गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता मांगना चाहते हैं तो केवल आवेदन देना पर्याप्त नहीं होगा। आपको अस्पताल से जारी इलाज का अनुमानित खर्च (Estimate), डॉक्टर की रिपोर्ट, रेफरल पर्ची और भर्ती से जुड़े दस्तावेज भी आवेदन के साथ लगाने होंगे। सरकारी अस्पतालों जैसे SGPGI, KGMU, AIIMS या सरकार से मान्यता प्राप्त बड़े अस्पतालों द्वारा जारी दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाती है। सभी जरूरी कागजात पूरे होने पर सहायता मिलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
जनता दर्शन में दिए जाने वाले आवेदन में आपका पूरा नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर, शिकायत का विषय और समस्या का स्पष्ट विवरण होना चाहिए। यदि संबंधित विभाग की जानकारी उपलब्ध है तो उसका उल्लेख भी आवेदन में करना चाहिए। दस्तावेजों के रूप में आधार कार्ड, वोटर आईडी, यदि उपलब्ध हो तो PAN कार्ड, शिकायत से जुड़े दस्तावेज, कोर्ट या सरकारी विभाग के आदेशों की कॉपी, मेडिकल दस्तावेज (यदि इलाज का मामला हो) और आर्थिक सहायता से जुड़े मामलों में बैंक संबंधी दस्तावेज साथ रखें। मूल दस्तावेजों के साथ उनकी फोटोकॉपी भी ले जाना बेहतर रहेगा।
कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कुछ सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होती। मोबाइल फोन, बैग, लैपटॉप, पेन, माचिस, लाइटर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और किसी भी प्रकार की धारदार वस्तु लेकर जाने की अनुमति नहीं दी जाती। इसलिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले इन सामानों को साथ न ले जाएं ताकि प्रवेश के समय किसी तरह की परेशानी न हो।
जनता दर्शन में प्रवेश की प्रक्रिया सुबह जल्दी शुरू होती है। पहले सुरक्षा जांच और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए कार्यक्रम स्थल पर समय से पहले पहुंचना जरूरी माना जाता है। देर से पहुंचने पर प्रवेश मिलने में परेशानी हो सकती है।
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