अब 7 नहीं 8 मैच जीतना होगा! वर्ल्ड कप 2026 का नया राउंड ऑफ फॉर्मेट समझिए
खास बात यह है कि पहली बार विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश (अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा) मिलकर करेंगे। आयोजन के लिए कुल 16 शहर चुने गए हैं, जिनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के 3 और कनाडा के 2 शहर शामिल हैं।

FIFA World Cup 2026 : फीफा विश्व कप 2026 (जिसे आधिकारिक तौर पर FIFA World Cup 2026 के नाम से प्रचारित किया जा रहा है) पुरुष फुटबॉल का 23वां विश्व कप होगा। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा। खास बात यह है कि पहली बार विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश (अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा) मिलकर करेंगे। आयोजन के लिए कुल 16 शहर चुने गए हैं, जिनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के 3 और कनाडा के 2 शहर शामिल हैं।
विश्व कप का सबसे बड़ा विस्तार
2026 संस्करण से विश्व कप के इतिहास में बड़ा बदलाव लागू हो रहा है। यह पहला विश्व कप होगा जिसमें 32 की जगह 48 टीमें मैदान में उतरेंगी। इससे टूर्नामेंट का दायरा बढ़ेगा और मुकाबलों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।
मेजबानी की रेस और कई देशों वाला विश्व कप
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी का फैसला मॉस्को में हुई फीफा कांग्रेस की वोटिंग में हुआ था, जहां अमेरिका की संयुक्त बोली ने मोरक्को को पछाड़कर इतिहास रच दिया। 2002 के बाद यह पहला मौका होगा जब पुरुष विश्व कप एक से ज्यादा देशों के साझा मंच पर खेला जाएगा। इस बार मेजबानी के साथ तीन देशों की कहानी भी खास है मेक्सिको 1970 और 1986 के बाद तीसरी बार (मेजबानी/सह-मेजबानी) कर के एक नया रिकॉर्ड बनाएगा, अमेरिका 1994 के बाद फिर से दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल इवेंट का केंद्र बनेगा, जबकि कनाडा पहली बार पुरुष विश्व कप की मेजबानी/सह-मेजबानी कर अपने फुटबॉल इतिहास में सबसे बड़ा अध्याय जोड़ देगा। कतर 2022 के नवंबर-दिसंबर शेड्यूल के बाद वर्ल्ड कप 2026 फिर पारंपरिक जून-जुलाई विंडो में लौटेगा यानी फैंस को एक बार फिर गर्मियों वाली वर्ल्ड कप फील मिलेगी। मेजबान होने के चलते अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा को क्वालिफिकेशन की कसौटी से नहीं गुजरना पड़ेगा तीनों टीमें सीधे टूर्नामेंट में होंगी।
नया फॉर्मेट
टीमों के बढ़ने के साथ टूर्नामेंट का प्रारूप भी बदलेगा। नई व्यवस्था के तहत:
- 48 टीमों को 4-4 टीमों के 12 ग्रुप में बांटा जाएगा।
- हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें आगे बढ़ेंगी।
- साथ ही 8 सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी अगले दौर में पहुंचेंगी।
- इसके बाद टूर्नामेंट में “राउंड ऑफ 32” (32 टीमों का नया नॉकआउट दौर) खेला जाएगा।
- यह बदलाव 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में बड़ा विस्तार और फॉर्मेट शिफ्ट माना जा रहा है।
नए फॉर्मेट के साथ मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 हो जाएगी
- फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को अब 7 नहीं बल्कि 8 मैच खेलने होंगे।
- टूर्नामेंट की अवधि 39 दिन होगी, जो 2014 और 2018 जैसे संस्करणों की तुलना में लंबी है।
- हालांकि, ग्रुप स्टेज में हर टीम के मैच 3 ही रहेंगे—यानी शुरुआती स्तर पर टीमों पर भार नहीं बढ़ेगा, लेकिन नॉकआउट चरण बड़ा हो जाएगा।
विस्तार पर बहस भी रही तेज
विश्व कप को 48 टीमों तक बढ़ाने का विचार कई सालों से चर्चा में रहा। इस विस्तार के समर्थकों ने इसे वैश्विक प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धा का विस्तार बताया, जबकि विरोधियों की दलीलें अलग रहीं
- मैचों की संख्या बढ़ने से खिलाड़ियों पर वर्कलोड बढ़ेगा।
- गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
- कुछ आलोचकों ने इसे खेल से ज्यादा राजनीतिक/प्रशासनिक फैसला करार दिया।
क्लब फुटबॉल का कैलेंडर भी ध्यान में
टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों के क्लब कमिटमेंट को लेकर भी टाइमलाइन तय की गई है। रिपोर्टेड कार्यक्रम के मुताबिक:
- क्लब स्तर पर खिलाड़ियों का अंतिम मैच-डे 24 मई 2026 तक माना गया है।
- क्लबों को सामान्य स्थिति में 25 मई तक खिलाड़ियों को रिलीज करना होगा।
- जो खिलाड़ी 30 मई तक किसी महाद्वीपीय क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में शामिल होंगे, उन्हें विशेष छूट मिलेगी। FIFA World Cup 2026
FIFA World Cup 2026 : फीफा विश्व कप 2026 (जिसे आधिकारिक तौर पर FIFA World Cup 2026 के नाम से प्रचारित किया जा रहा है) पुरुष फुटबॉल का 23वां विश्व कप होगा। यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक चलेगा। खास बात यह है कि पहली बार विश्व कप की संयुक्त मेजबानी तीन देश (अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा) मिलकर करेंगे। आयोजन के लिए कुल 16 शहर चुने गए हैं, जिनमें अमेरिका के 11, मेक्सिको के 3 और कनाडा के 2 शहर शामिल हैं।
विश्व कप का सबसे बड़ा विस्तार
2026 संस्करण से विश्व कप के इतिहास में बड़ा बदलाव लागू हो रहा है। यह पहला विश्व कप होगा जिसमें 32 की जगह 48 टीमें मैदान में उतरेंगी। इससे टूर्नामेंट का दायरा बढ़ेगा और मुकाबलों की संख्या भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाएगी।
मेजबानी की रेस और कई देशों वाला विश्व कप
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की मेजबानी का फैसला मॉस्को में हुई फीफा कांग्रेस की वोटिंग में हुआ था, जहां अमेरिका की संयुक्त बोली ने मोरक्को को पछाड़कर इतिहास रच दिया। 2002 के बाद यह पहला मौका होगा जब पुरुष विश्व कप एक से ज्यादा देशों के साझा मंच पर खेला जाएगा। इस बार मेजबानी के साथ तीन देशों की कहानी भी खास है मेक्सिको 1970 और 1986 के बाद तीसरी बार (मेजबानी/सह-मेजबानी) कर के एक नया रिकॉर्ड बनाएगा, अमेरिका 1994 के बाद फिर से दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल इवेंट का केंद्र बनेगा, जबकि कनाडा पहली बार पुरुष विश्व कप की मेजबानी/सह-मेजबानी कर अपने फुटबॉल इतिहास में सबसे बड़ा अध्याय जोड़ देगा। कतर 2022 के नवंबर-दिसंबर शेड्यूल के बाद वर्ल्ड कप 2026 फिर पारंपरिक जून-जुलाई विंडो में लौटेगा यानी फैंस को एक बार फिर गर्मियों वाली वर्ल्ड कप फील मिलेगी। मेजबान होने के चलते अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा को क्वालिफिकेशन की कसौटी से नहीं गुजरना पड़ेगा तीनों टीमें सीधे टूर्नामेंट में होंगी।
नया फॉर्मेट
टीमों के बढ़ने के साथ टूर्नामेंट का प्रारूप भी बदलेगा। नई व्यवस्था के तहत:
- 48 टीमों को 4-4 टीमों के 12 ग्रुप में बांटा जाएगा।
- हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें आगे बढ़ेंगी।
- साथ ही 8 सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमें भी अगले दौर में पहुंचेंगी।
- इसके बाद टूर्नामेंट में “राउंड ऑफ 32” (32 टीमों का नया नॉकआउट दौर) खेला जाएगा।
- यह बदलाव 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में बड़ा विस्तार और फॉर्मेट शिफ्ट माना जा रहा है।
नए फॉर्मेट के साथ मैचों की संख्या 64 से बढ़कर 104 हो जाएगी
- फाइनल तक पहुंचने वाली टीम को अब 7 नहीं बल्कि 8 मैच खेलने होंगे।
- टूर्नामेंट की अवधि 39 दिन होगी, जो 2014 और 2018 जैसे संस्करणों की तुलना में लंबी है।
- हालांकि, ग्रुप स्टेज में हर टीम के मैच 3 ही रहेंगे—यानी शुरुआती स्तर पर टीमों पर भार नहीं बढ़ेगा, लेकिन नॉकआउट चरण बड़ा हो जाएगा।
विस्तार पर बहस भी रही तेज
विश्व कप को 48 टीमों तक बढ़ाने का विचार कई सालों से चर्चा में रहा। इस विस्तार के समर्थकों ने इसे वैश्विक प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धा का विस्तार बताया, जबकि विरोधियों की दलीलें अलग रहीं
- मैचों की संख्या बढ़ने से खिलाड़ियों पर वर्कलोड बढ़ेगा।
- गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई।
- कुछ आलोचकों ने इसे खेल से ज्यादा राजनीतिक/प्रशासनिक फैसला करार दिया।
क्लब फुटबॉल का कैलेंडर भी ध्यान में
टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों के क्लब कमिटमेंट को लेकर भी टाइमलाइन तय की गई है। रिपोर्टेड कार्यक्रम के मुताबिक:
- क्लब स्तर पर खिलाड़ियों का अंतिम मैच-डे 24 मई 2026 तक माना गया है।
- क्लबों को सामान्य स्थिति में 25 मई तक खिलाड़ियों को रिलीज करना होगा।
- जो खिलाड़ी 30 मई तक किसी महाद्वीपीय क्लब प्रतियोगिता के फाइनल में शामिल होंगे, उन्हें विशेष छूट मिलेगी। FIFA World Cup 2026












