
टीम इंडिया के ऑलराउंडर परवेज रसूल ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 36 वर्षीय रसूल ने यह फैसला 18 अक्टूबर को लिया और इसकी औपचारिक जानकारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को दी। जम्मू-कश्मीर से भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहले खिलाड़ी के रूप में उन्होंने इतिहास रचा था। रसूल ने 15 जून 2014 को बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में वनडे डेब्यू किया था। उस मुकाबले में उन्होंने 10 ओवर में 60 रन देकर दो विकेट झटके थे। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए एकमात्र टी20 मैच 26 जनवरी 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्होंने इयोन मॉर्गन को आउट किया था। Parvez Rasool
रसूल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 95 फर्स्ट-क्लास मैचों में 5648 रन बनाए और 352 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा 164 लिस्ट-ए और 71 टी20 मुकाबलों में भी उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें दो बार — 2013-14 और 2017-18 में — रणजी ट्रॉफी के ‘लाला अमरनाथ बेस्ट ऑलराउंडर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। आईपीएल में भी रसूल ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने पुणे वॉरियर्स इंडिया, सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया।
संन्यास के बाद स्पोर्टस्टार से बातचीत में रसूल ने कहा - जब हमने खेलना शुरू किया था, तब बहुत से लोग जम्मू-कश्मीर क्रिकेट को गंभीरता से नहीं लेते थे। लेकिन हमने कई बड़ी टीमों को हराया और रणजी ट्रॉफी समेत कई बीसीसीआई टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। मैंने लंबे समय तक टीम की कप्तानी की और इस सफलता की यात्रा में हिस्सा बनकर मुझे गर्व महसूस होता है। Parvez Rasool