इसी रणनीति के तहत नीलामी में केकेआर कुछ चुनिंदा मैच-विनर पर आक्रामक बोली लगा सकती है। इस रिपोर्ट में ऐसे ही पाँच खिलाड़ियों की संभावित सूची पर नज़र डालते हैं, जिन पर केकेआर का रडार टिका हुआ माना जा रहा है।

आईपीएल 2026 के मेगा ऑक्शन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) अपने स्क्वॉड को नया तेवर और तेज धार देने की तैयारी में है। 2024 में तीसरी बार खिताब जीतने के बाद 2025 का सीजन केकेआर के लिए उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। ऐसे में फ्रेंचाइज़ी मैनेजमेंट की पूरी कोशिश होगी कि 2026 में टीम एक बार फिर चैंपियन मोड में नज़र आए।
इसी रणनीति के तहत नीलामी में केकेआर कुछ चुनिंदा मैच-विनर पर आक्रामक बोली लगा सकती है। इस रिपोर्ट में ऐसे ही पाँच खिलाड़ियों की संभावित सूची पर नज़र डालते हैं, जिन पर केकेआर का रडार टिका हुआ माना जा रहा है।
इस सूची में सबसे ऊपर जिस नाम पर सबसे ज़्यादा चर्चा है, वो है श्रीलंका के युवा तूफानी तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना। डेथ ओवरों में उनकी सर्जिकल यॉर्कर और रफ़्तार से भरी गेंदें किसी भी बल्लेबाज की लय तोड़ने का माद्दा रखती हैं, यही वजह है कि टी20 स्पेशलिस्ट के तौर पर उन्हें प्रीमियम कैटेगरी का खिलाड़ी माना जाता है। अगर केकेआर नीलामी में पथिराना को अपने पाले में खींचने में कामयाब रहती है, तो हर्षित राणा के साथ उनकी जोड़ी मिडल ओवर्स से लेकर आखिरी ओवरों तक विपक्षी बल्लेबाज़ी क्रम पर लगातार दबाव बनाए रख सकती है। डेथ ओवर्स में केकेआर की मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए पथिराना पर किया गया निवेश फ्रेंचाइज़ी के लिए ऐसा मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है, जो पूरे सीज़न मैचों का मैच मोड़ दे।
मयंक मार्कंडेय को रिलीज करने के बाद केकेआर के स्पिन डिपार्टमेंट में एक ‘क्लास’ लेग स्पिनर की कमी साफ नज़र आ रही है, और यही खाली जगह रवि बिश्नोई के लिए दरवाज़ा खोलती है। बिश्नोई ऐसे गेंदबाज़ हैं, जो मिडिल ओवर्स में सिर्फ ओवर पूरे नहीं करते, बल्कि लगातार विकेट निकालकर मैच का पूरा मिज़ाज बदल देते हैं। उनकी तेज़ स्पीड वाली फ्लाइट, तेज़ टर्न और आक्रामक एप्रोच बल्लेबाज़ों को शॉट खेलने के लिए उकसाती है, और वहीं से गलती निकलवाने का उनका प्लान काम कर जाता है। टी20 फॉर्मेट में रन रोकने के साथ-साथ दबाव गढ़ने की उनकी कला उन्हें बाकी स्पिनरों से अलग पहचान देती है। अगर नीलामी में केकेआर उन्हें अपने पर्पल ब्रिगेड में शामिल कर लेती है, तो चक्रवर्ती और नारायण के साथ बिश्नोई की तिकड़ी ऐसा स्पिन जाल बुन सकती है, जिसमें फंसकर विपक्षी टीमों के लिए रन बनाने का साधारण गणित भी बेहद पेचीदा हो जाएगा।
न्यूजीलैंड के युवा ऑलराउंडर रचिन रविंद्र का नाम भी केकेआर की संभावित शॉर्टलिस्ट में बेहद मजबूती से उभर रहा है। आधुनिक टी20 क्रिकेट की मांग है ऐसा खिलाड़ी, जो बैट से पावर गेम खेले और जरूरत पड़ने पर गेंद से भी ओवर निकालकर कप्तान का सिरदर्द कम करे – रचिन ठीक वही प्रोफ़ाइल रखते हैं। टॉप या मिडिल ऑर्डर में आकर वे तेज़ स्ट्राइक रेट से रन बहा सकते हैं, जबकि ऑफ स्पिन से 2–3 किफायती ओवर फेंककर टीम को बोनस बोलिंग ऑप्शन देते हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत है फ्लेक्सिबिलिटी – टीम कॉम्बिनेशन चाहे कैसा भी हो, रचिन उसमें फिट बैठने की क्षमता रखते हैं। अगर नीलामी की टेबल पर केकेआर उन्हें अपने पाले में खींचने में सफल रहती है, तो बैटिंग लाइनअप की गहराई से लेकर बोलिंग विकल्पों की चौड़ाई दोनों में टीम एक लेवल ऊपर नजर आ सकती है।
टॉप ऑर्डर को और मजबूती के साथ धमाकेदार टच देने के लिए केकेआर की निगाहें न्यूजीलैंड के विकेटकीपर–बल्लेबाज़ टिम सीफर्ट पर टिक सकती हैं। सीफर्ट ऐसे बल्लेबाज़ हैं, जो पावरप्ले में पहली ही गेंद से बॉलर पर चढ़ाई करने का मिज़ाज रखते हैं और बड़े शॉट खेलने में बिल्कुल वक्त नहीं लगाते। ऊपर से उनकी विकेटकीपिंग कौशल उन्हें ड्यूल रोल वाला प्लेयर बना देती है, जो टीम कॉम्बिनेशन के लिहाज़ से किसी सोने पर सुहागा से कम नहीं। स्पिन हो या तेज़ गेंदबाज़ी, सीफर्ट दोनों के खिलाफ स्ट्राइक रेट ऊंचा रखने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में अगर केकेआर पावरप्ले में रन रेट को एक नए लेवल पर ले जाना चाहती है, तो टिम सीफर्ट जैसे अटैकिंग ओपनर पर मोटी बोली लगाना फ्रेंचाइज़ी के लिए किसी भी कीमत पर खराब सौदा नहीं कहा जाएगा।
स्पेंसर जॉनसन को रिलीज करने के बाद केकेआर अब ऐसे बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ की तलाश में है, जो नई गेंद से भी कहर बरपा सके और डेथ ओवर्स में भी कप्तान का सबसे भरोसेमंद हथियार बनकर सामने आए। इस कसौटी पर इंग्लैंड के पेसर रीस टॉप्ली बिल्कुल फिट बैठते हैं। टॉप्ली नई गेंद से तेज़ स्विंग के साथ खासतौर पर दाएं हाथ के बल्लेबाज़ों को अंदर–बाहर चीरने की काबिलियत रखते हैं। उनकी लंबी हाइट उन्हें अतिरिक्त उछाल और ऐसा एंगल देती है, जो बल्लेबाज़ों के लिए शॉट चयन को और मुश्किल बना देता है। पावरप्ले में शुरुआती झटके देने से लेकर आखिरी ओवरों में रन पर ब्रेक लगाने तक, दोनों भूमिकाओं में टॉप्ली कप्तान के लिए भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकते हैं। अगर केकेआर उन्हें अपने पेस अटैक की अगुवाई सौंपती है, तो टीम को अनुभव, वैराइटी और बैलेंस से लैस एक ऐसा गेंदबाज़ मिल सकता है, जो पूरे सीजन गेंदबाजी यूनिट की रीढ़ बनकर खड़ा दिखे।