वॉकओवर, अंक कटे या बाहर…? आईसीसी मैच छोड़ने का इतिहास क्या कहता है

बांग्लादेश का तर्क है कि यदि आईसीसी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो टीम अपमान की कीमत पर टूर्नामेंट खेलने के लिए मजबूर नहीं होगी। यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने आईसीसी इवेंट में किसी देश/शहर में खेलने से इनकार किया हो।

T20 World Cup 2026 से पहले वेन्यू विवाद फिर चर्चा में
T20 World Cup 2026 से पहले वेन्यू विवाद फिर चर्चा में
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Jan 2026 12:01 PM
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ICC T20 World Cup 2026 : आईसीसी टूर्नामेंट से पहले एक बार फिर मैच कहां खेले जाएं वाली बहस तेज हो गई है। ताजा विवाद बांग्लादेश क्रिकेट को लेकर है, जहां मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल से बाहर होने के बाद नाराजगी का माहौल बताया जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में बांग्लादेश ने अगले महीने भारत में शुरू होने वाले टी20 विश्व कप को लेकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग छेड़ दी है। बांग्लादेश का तर्क है कि यदि आईसीसी उनकी चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेता, तो टीम अपमान की कीमत पर टूर्नामेंट खेलने के लिए मजबूर नहीं होगी। यह पहली बार नहीं है जब किसी टीम ने आईसीसी इवेंट में किसी देश/शहर में खेलने से इनकार किया हो।

न्यूजीलैंड ने केन्या में खेलने से किया था इनकार

2003 का वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या की संयुक्त मेजबानी में हुआ था। उस दौरान न्यूजीलैंड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए केन्या के नैरोबी में होने वाला अपना मैच खेलने से इनकार कर दिया। टीम ने मैच को किसी अन्य स्थान पर कराने की अपील की, लेकिन आईसीसी ने इसे मंजूरी नहीं दी। नतीजा यह रहा कि केन्या को वॉकओवर मिला और न्यूजीलैंड को अंकों का नुकसान उठाना पड़ा।

2003 वनडे विश्व कप

उसी विश्व कप में इंग्लैंड ने हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलने से मना कर दिया था। इसके पीछे तत्कालीन जिम्बाब्वे शासन और ब्रिटेन के रिश्तों में तनाव को बड़ा कारण माना गया। इंग्लैंड ने मैच को स्थानांतरित करने की मांग की, लेकिन सहमति नहीं बनी। इंग्लैंड टीम मैदान पर नहीं उतरी तो जिम्बाब्वे को वॉकओवर मिला। कहा जाता है कि इस एक फैसले का असर इंग्लैंड के अभियान पर भी पड़ा और टीम पहले ही राउंड में बाहर हो गई।

2009 टी20 विश्व कप

2009 का टी20 विश्व कप इंग्लैंड में आयोजित हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक वीजा और द्विपक्षीय संबंधों में उलझन के चलते जिम्बाब्वे ने आईसीसी से बातचीत कर टूर्नामेंट से खुद को अलग करने का रास्ता चुना। समझौते के तहत जिम्बाब्वे को आईसीसी की ओर से तय फीस मिलने की बात कही गई और उसकी जगह स्कॉटलैंड को मौका मिला।

1996 वनडे विश्व कप

1996 विश्व कप भारत, श्रीलंका और पाकिस्तान की संयुक्त मेजबानी में हुआ था। उस समय श्रीलंका में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता थी और अशांति की खबरें सामने आती रहती थीं। इसी आधार पर ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका जाकर अपने ग्रुप मैच खेलने से इनकार कर दिया। परिणामस्वरूप दोनों टीमों को अंक गंवाने पड़े, जबकि संयोग यह रहा कि उसी संस्करण में श्रीलंका विश्व विजेता बना। ICC T20 World Cup 2026

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टी20 वर्ल्ड कप से पहले इंडिया को झटका, तिलक वर्मा की चोट बढ़ा गई टेंशन

बताया जा रहा है कि विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप मुकाबलों के लिए राजकोट पहुंचे तिलक को ग्रोइन एरिया में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद एहतियातन उन्हें स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। 23 वर्षीय खिलाड़ी का इलाज राजकोट के एक निजी अस्पताल में हुआ है।

स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar08 Jan 2026 11:39 AM
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Tilak Verma : टी20 वर्ल्ड कप 2026 से ठीक पहले टीम इंडिया के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा चोटिल हो गए हैं और उनका छोटा मेडिकल प्रोसीजर/सर्जरी भी कराया गया है। बताया जा रहा है कि विजय हजारे ट्रॉफी के ग्रुप मुकाबलों के लिए राजकोट पहुंचे तिलक को ग्रोइन एरिया में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद एहतियातन उन्हें स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। 23 वर्षीय खिलाड़ी का इलाज राजकोट के एक निजी अस्पताल में हुआ है। हालांकि, तिलक की चोट और रिकवरी टाइमलाइन को लेकर बीसीसीआई ने अब तक कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया है, जिससे फैन्स और टीम मैनेजमेंट की बेचैनी बढ़ गई है।

कितने मैचों से हो सकते हैं बाहर?

स्पोर्ट्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 जनवरी से शुरू हो रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले मिस कर सकते हैं। ये मैच नागपुर और रायपुर में खेले जाने हैं। वहीं, बाकी तीन मैचों में उनकी उपलब्धता पर फैसला फिटनेस रिपोर्ट और रिकवरी की स्थिति देखकर लिया जाएगा। भारत को 7 फरवरी को टी20 वर्ल्ड कप का अपना पहला मुकाबला खेलना है। ऐसे में भारतीय टीम की नजर तिलक की रिकवरी पर रहेगी। अगर वह न्यूजीलैंड सीरीज के आखिरी मैच तक भी पूरी तरह फिट हो जाते हैं, तो इसे टीम इंडिया के लिए बड़ी राहत माना जाएगा।

टीम के लिए क्यों अहम हैं तिलक?

तिलक वर्मा हाल के महीनों में टी20 क्रिकेट में भारत के लिए भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने साउथ अफ्रीका दौरे पर लगातार दो पारियों में शतक लगाए थे। इसके अलावा पिछले साल के एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत में भी उनकी अहम भूमिका बताई गई है। तिलक वर्मा के टी20 इंटरनेशनल करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 40 मैचों में 49.29 की औसत से 1183 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके नाम 2 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं। अब देशभर के फैंस यही दुआ करेंगे कि तिलक जल्द पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटें और भारत के टी20 वर्ल्ड कप खिताब बचाने के अभियान में अहम योगदान दे सकें। Tilak Verma

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दुनिया FIFA World Cup की दीवानी क्यों है? लोकप्रियता का पूरा राज

फुटबॉल का जुनून भाषा, धर्म, महाद्वीप और राजनीति से ऊपर उठकर एक साझा भाव बना देता है। यही वजह है कि World Cup को खेलों की दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय मंच माना जाता है।

फुटबॉल का महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप
फुटबॉल का महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Jan 2026 11:06 AM
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FIFA World Cup 2026 : फीफा वर्ल्ड कप को सिर्फ टूर्नामेंट कहना इसकी विराटता को छोटा कर देना होगा। यह हर चार साल में होने वाला वह वैश्विक महाकुंभ है, जो कुछ हफ्तों के लिए दुनिया की धड़कन एक ही ताल पर ले आता है। जैसे ही विश्व कप की पहली सीटी बजती है, देशों की सीमाएँ स्क्रीन पर नहीं दिलों में घुलने लगती हैं। फुटबॉल का जुनून भाषा, धर्म, महाद्वीप और राजनीति से ऊपर उठकर एक साझा भाव बना देता है। यही वजह है कि World Cup को खेलों की दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे लोकप्रिय मंच माना जाता है।

पूरी दुनिया की भागीदारी

फीफा वर्ल्ड कप की असली ताकत उसकी वैश्विक भागीदारी में छिपी है। एशिया की तपती गर्मी से लेकर यूरोप की ठंडी रातों तक, अफ्रीका की जुझारू ऊर्जा से लेकर दक्षिण अमेरिका के जादुई कौशल तक हर महाद्वीप की टीमें कठोर क्वालिफायर की परीक्षा पास करके इस सबसे बड़े मंच पर कदम रखती हैं। यही विविधता इसे बाकी टूर्नामेंट्स से अलग बनाती है।

चार साल का इंतज़ार

फीफा वर्ल्ड कप हर साल नहीं आता और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है। चार साल का अंतराल फुटबॉल प्रेमियों के भीतर एक अलग ही “बेचैनी” पैदा करता है, जैसे किसी बड़े त्योहार की उलटी गिनती चल रही हो। टूर्नामेंट करीब आते ही चर्चाएँ गर्म हो जाती हैं किस टीम की लय सही है, किसका स्क्वॉड सबसे संतुलित दिख रहा है, कौन युवा खिलाड़ी स्टार बनने की दहलीज पर है और किस दिग्गज के लिए यह आखिरी मंच हो सकता है। यही लंबा इंतज़ार World Cup को साधारण प्रतियोगिता से उठाकर एक वैश्विक उत्सव बना देता है।

मैदान से बाहर भी World Cup एक बड़ी कहानी है

फीफा वर्ल्ड कप केवल 90 मिनट के मुकाबले तक सीमित नहीं रहता यह किसी भी मेजबान देश के लिए अपनी क्षमता, संस्कृति और आत्मविश्वास को दुनिया के सामने रखने का सबसे बड़ा मंच बन जाता है। स्टेडियमों से लेकर सड़कों तक, सुरक्षा व्यवस्था से लेकर परिवहन नेटवर्क तक हर व्यवस्था वैश्विक मानकों पर परखी जाती है। इस आयोजन से पर्यटन को नई उड़ान मिलती है, होटल और स्थानीय कारोबार में रौनक आती है और हज़ारों नए रोज़गार के अवसर पैदा होते हैं। यही कारण है कि कई देश फीफा वर्ल्ड कप की मेजबानी को सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि आर्थिक निवेश और अंतरराष्ट्रीय ‘सॉफ्ट पावर’ मजबूत करने के सुनहरे अवसर के तौर पर देखते हैं।

यहीं जन्म लेते हैं नए हीरो

फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल का वो सबसे बड़ा इम्तिहान है, जहां एक शानदार प्रदर्शन किसी खिलाड़ी को रातों-रात ग्लोबल स्टार बना देता है और किसी दिग्गज के आखिरी कदम उसकी विरासत को इतिहास की सबसे चमकदार लाइन में लिख देते हैं। बड़े मुकाबलों में दबाव सबसे भारी होता है, स्टेडियम की हर सांस तेज होती है और ऐसे ही पलों में असली खिलाड़ी सामने आते हैं, जो घबराते नहीं, खेल को अपने नाम कर लेते हैं। युवा दर्शक यहां सिर्फ गोलों की गिनती नहीं करते; वे सीखते हैं कि जीत के पीछे कितनी मेहनत, कितना अनुशासन, कितनी समझदारी और टीम के लिए खुद को समर्पित करने का जज़्बा होता है। यही वजह है कि फीफा वर्ल्ड कप हर नई पीढ़ी को फुटबॉल से जोड़ता है।

टेक्नोलॉजी ने खेल को और साफ

समय के साथ फीफा वर्ल्ड कप ने खुद को सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, बल्कि हाई-टेक स्पोर्ट्स फेस्टिवल में बदल दिया है। VAR और गोल-लाइन टेक्नोलॉजी ने फैसलों को ज्यादा निष्पक्ष बनाया, जबकि अल्ट्रा-एचडी ब्रॉडकास्टिंग, मल्टी-एंगल रीप्ले और रियल-टाइम स्टैट्स ने दर्शकों को मैदान की हर धड़कन तक पहुँचा दिया। अब फैन सिर्फ स्क्रीन पर मैच नहीं देखता, वह मोबाइल पर पल-पल की अपडेट लेता है सोशल मीडिया पर रणनीतियों पर बहस छेड़ता है और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर डेटा-एनालिसिस के साथ खेल को पढ़ता भी है। नतीजा यह कि फीफा वर्ल्ड कप आज एक ऐसा इंटरैक्टिव ग्लोबल एक्सपीरियंस बन गया है, जिसमें हर गोल, हर चूक और हर फैसला दुनिया भर के करोड़ों लोगों की बातचीत का हिस्सा बन जाता है। FIFA World Cup 2026

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